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महरौनी में कम बारिश होने से किसान परेशान, क्षेत्र को सूखा घोषित करने की मांग

Sat, 30 Jul 2022 12:51 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 30 Jul 2022 12:51 AM IST
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Farmers upset due to less rain in Mehrauni, demand to declare the area as drought
महरौनी में कम बारिश का फसल पर दिख रहा असर - फोटो : LALITPUR
महरौनी। जिले में भले ही झमाझम बारिश हुई हो लेकिन महरौनी तहसील क्षेत्र में कम बारिश होने से किसान परेशान हैं। आलम यह है कि बादल रिमझिम बारिश कर चले जाते जिससे खेतों मे नमी तो आ जाती लेकिन जरुरत के मुताबिक पानी नहीं भर पा रहा है। तहसील क्षेत्र में कम बारिश होने से चिंतित किसानों ने तहसील क्षेत्र को सूखा ग्रस्त घोषित करने की मांग की है।
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19 और 20 जून को महरौनी तहसील में बारिश हो जाने पर किसानों ने 22 जून से आद्रा नक्षत्र लगते ही खरीफ की फसल में उड़द, मूंग, सोयाबीन, तिल, मक्का के बीजों की बुवाई कर दी थी। खेतों में पर्याप्त नमी होने से 22 से 25 जून तक बुवाई करने बाले किसानों के बीज तो अंकुरित हो गए। जिन किसानों ने 26 से 28 जून के बीच खरीफ की बुवाई की उनके बीज पर्याप्त नमी न होने से अंकुरित होकर सूख गए और बीजों का सही से जमाव न होने से किसानों को 29 जून को बारिश होने पर दोबारा खेत में बुवाई करनी पड़ी।
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अब किसान पर्याप्त मात्रा में बारिश न होने से चिंतित हैं। किसान जहां एक ओर आसमान में बादल छाए देख खुश होते हैं लेकिन बारिश न होने पर मायूस हो जाते हैं। किसानों ने बताया कि 21 जुलाई से आसमान में बादल छाए। 22 जुलाई से कभी-कभी मामूली बारिश होती है। श्रावण मास में तो अधिक बारिश होनी चाहिए थी। जिससे खेतों की सिंचाई के साथ-साथ नदी नालों में भी पानी पर्याप्त हो जाता और भूगर्भ जलस्तर भी बढ़ जाता।
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जरूरत के मुताबिक नहीं मिला पानी
सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक तहसील क्षेत्र में 29 जुलाई तक 264 मिली मीटर बारिश रिकार्ड की गई है। जो कि पिछले तीन साल में सर्वाधिक है लेकिन खेत में फसल को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल पा रहा है। विभागीय आंकड़ों में 29 जुलाई 2020 में 261 मिमी और 29 जुलाई 2021 में 243 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। किसानों का कहना है कि पिछले साल जब जरूरत थी तब पानी नहीं बरसा। लेकिन जब फसल तैयार हो गई तो बारिश से फसल नष्ट हो गई थी। हालांकि बांध भर गए थे जिसका लाभ रबी की फसल में सिंचाई के लिए मिला था।

पांच दिन से बादल छाए हैं लेकिन जैसी बारिश होनी चाहिए वैसी बरसात नहीं हो रही है। डीएम को महरौनी तहसील को सूखा ग्रस्त घोषित करना चाहिए।- विक्रांत सिंह,किसान
खेत में दो बार बीज बोया। अब अच्छी बारिश न होने से फसल होगी कि नहीं कुछ नहीं कह सकते। -केहर सिंह,किसान
अगर बारिश नहीं होगी तो खरीफ की फसल तो बर्बाद होगी। साथ में बांध नहीं भरेंगे तो रबी की फसल भी कैसे होगी। - वीरेंद्र सिंह,किसान
पर्याप्त बारिश न होने से खेत प्यासे हैं। नदी नाले खाली पड़े हैं। प्रशासन को महरौनी तहसील को सूखाग्रस्त घोषित करना चाहिए। - हरचरन कुशवाहा,किसान
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