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Lalitpur News: अन्ना जानवरों से परेशान किसान शाम को पडाड़ी के निकट बाड़े में बंद कर देते, सुबह छोड़ते

Wed, 13 Dec 2023 11:36 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 13 Dec 2023 11:36 PM IST
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Farmers troubled by Anna animals would lock them in the enclosure near Padadi in the evening and release them in the morning.
ग्राम कड़ेसराकलां में आज तक नहीं बन सका गो आश्रय स्थल
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जानवरों के हमले से लहूलुहान हो जाते किसान
संवाद न्यूज एजेंसीकड़ेसराकलां-तालबेहट। राजमार्ग 44 पर स्थित ग्राम कड़ेसराकलां में गो आश्रय केंद्र न होने से वहां के किसानों को अन्ना जानवरों से अपनी फसल की रखवाली करना मुश्किल हो रहा है। किसानों ने फसलों के बचाव के लिए अन्ना जानवरों को एक बाडे में बंद करना शुरू कर दिया है। वहीं जानवरों के हमले से किसान लहूलुहान हो रहे है। इससे किसानों में काफी आक्रोश है।
ग्राम कड़ेसराकलां में कई साल बाद भी गो आश्रय केंद्र नहीं बनने से अन्ना जानवर खुले आम घूम रहे हैं। आलम यह है कि किसानों को अपनी फसल की रखवाली करने के लिए सर्दी में खेतों पर जागना पड़ रहा है। किसानों द्वारा गांव के अन्ना जानवरों को कुरमाई की पहाड़ी के समीप बने एक बाडे़ में बंद दिया जा रहा है। जिन्हें सुबह छोड़ दिया जाता है और सायंकाल बाड़े में बंद कर दिया जाता है। इस समय बाड़े में लगभग दो सैकड़ा जानवर बंद हैं। वहीं किसानों ने बताया कि इन जानवरों के प्रतिदिन बाहर निकालने और बंद करने के लिए उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई किसान जानवरों के हमले से लहू लुहान हो रहे है। किसानों ने अन्ना जानवरों के उचित प्रबंध की ओर जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया है।
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जानवर के हमले से किसान हुआ चोटिल
बुधवार को सायंकाल बाड़े में जानवरों को बंद करते समय एक जानवर ने उस पर हमला कर दिया। जिससे उसके हाथ,पैर और कमर में चोट आई। मौके पर मौजूद अन्य किसानों ने उसे किसी तरह जानवर के हमले से बचाया।
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कुछ जानवर बिजरौठा गोशाला में भिजवा दिए है। कुछ जानवर गांव के पशुपालकों के घूम रहे है। इस संबंध में मुनादी करा दी कि अपने अपने जानवरों को बांध कर रखें। गांव हनौता में गोशाला स्वीकृत हो चुकी है।- ज्ञान सिंह यादव, ग्राम प्रधान, कड़ेसराकलां

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बिजरौठा गोशाला में इस समय 704 जानवर बंद हैं। जिसमें रजावन,भदौना, मुकटौरा और बनगुवाकलां, मऊ आदि गांवों के जानवर शामिल है। कड़ेसराकलां से लगभग एक माह पहले 60 जानवर आए थे। वर्तमान में कड़ेसराकलां से एक भी जानवर नहीं आया है।- पंकज सोनी, ग्राम विकास अधिकारी बिजरौठा
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