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Lalitpur News: फसलों में नुकसान की शिकायत करें किसान, जल्द होगा सर्वे
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बीते दिनों हुई बारिश से खरीफ फसलें प्रभावित हो गई हैं। कहीं रोग लग गया तो कहीं जलभराव से फसलें चौपट हो गईं। कृषि विभाग ने बीमित किसानों से नुकसान के क्लेम के लिए प्रार्थनापत्र मांगे हैं। किसान अपनी शिकायत प्रार्थनापत्र के माध्यम से दर्ज करा सकते हैं। नौ सितंबर से ऑनलाइन क्लेम कराए जाएंगे।
कृषि विभाग में 2.64 लाख किसान पंजीकृत हैं। बीते माह 1.16 लाख किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत प्रीमियम राशि देकर बीमा कराया था। बीमित किसानों का डाटा अपलोड किया जा रहा है। बीते दिनों लगातार बारिश से कई क्षेत्रों में फसलें खराब हो गई हैं। उड़द की फसल के फूल व फलियां दोनों ही सड़ गईं। तिल व मूंगफली और सोयाबीन तक की फसलें खराब हो गई हैं। कहीं नदी व नाले उफान पर होने से खेतों में बह गई हैं।
किसानों को बीमा क्लेम करने की सुविधा शुरू कर दी गई है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 25 अगस्त तक फसलों का बीमा किया गया था। बैंकों को बीमित किसानों का डाटा फीड करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। किसान अपनी शिकायत विभाग में दे सकते हैं। इसके बाद सर्वे कर नुकसान का आकलन किया जाएगा।
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खरीफ फसलों में नुकसान होने पर बीमित किसान क्लेम के लिए प्रार्थनापत्र कृषि विभाग के कार्यालय में दे दें। इन्हें अपलोड कराकर सर्वे कराया जाएगा।
- बसंत कुमार दुबे, उप कृषि निदेशक
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ललितपुर। बीते दिनों हुई बारिश से खरीफ फसलें प्रभावित हो गई हैं। कहीं रोग लग गया तो कहीं जलभराव से फसलें चौपट हो गईं। कृषि विभाग ने बीमित किसानों से नुकसान के क्लेम के लिए प्रार्थनापत्र मांगे हैं। किसान अपनी शिकायत प्रार्थनापत्र के माध्यम से दर्ज करा सकते हैं। नौ सितंबर से ऑनलाइन क्लेम कराए जाएंगे।
कृषि विभाग में 2.64 लाख किसान पंजीकृत हैं। बीते माह 1.16 लाख किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत प्रीमियम राशि देकर बीमा कराया था। बीमित किसानों का डाटा अपलोड किया जा रहा है। बीते दिनों लगातार बारिश से कई क्षेत्रों में फसलें खराब हो गई हैं। उड़द की फसल के फूल व फलियां दोनों ही सड़ गईं। तिल व मूंगफली और सोयाबीन तक की फसलें खराब हो गई हैं। कहीं नदी व नाले उफान पर होने से खेतों में बह गई हैं।
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किसानों को बीमा क्लेम करने की सुविधा शुरू कर दी गई है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 25 अगस्त तक फसलों का बीमा किया गया था। बैंकों को बीमित किसानों का डाटा फीड करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। किसान अपनी शिकायत विभाग में दे सकते हैं। इसके बाद सर्वे कर नुकसान का आकलन किया जाएगा।
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खरीफ फसलों में नुकसान होने पर बीमित किसान क्लेम के लिए प्रार्थनापत्र कृषि विभाग के कार्यालय में दे दें। इन्हें अपलोड कराकर सर्वे कराया जाएगा।
- बसंत कुमार दुबे, उप कृषि निदेशक