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किसानों ने किया प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Thu, 09 Jul 2015 12:39 AM IST
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सैदपुर में चकबंदी प्रक्रिया पिछले दो वर्षों से चल रही है। गांव के प्रभावशाली और बड़ी जोत वाले किसानों ने चकबंदी विभाग के कर्मचारियों से मिलकर उपजाऊ एवं अच्छी जमीन पर चक बनवा लिए, जबकि गरीब किसानों के चक बंजर, पथरीली, दलदली एवं कम उपजाऊ जमीन पर बना दिए गए हैं। साथ ही नापजोख में भी गडबड़ियां की गईं। इसकी शिकायत किसानों ने जिले के अधिकारियों से लेकर मंडलायुक्त एवं मुख्यमंत्री से की, साथ ही विभिन्न तरीकों से विरोध दर्ज कराया। जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर ने किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए चकबंदी विभाग के अधिकारियों को समस्या के समाधान के निर्देश दिए थे, लेकिन किसानों की समस्या का कोई समाधान नहीं हो सका है। सैकड़ों किसानों के जमीनी मामलों के फैसले चकबंदी विभाग में लटके हुए हैं।
उधर, प्रभावशाली लोग विवादित चकों की नाप कराकर उन पर कब्जा करने की फिराक में लगे हुए हैं, जिससे किसानों मेे रोष व्याप्त है। वह जमीन की नाप नहीं होने देने के लिए परिवार सहित अपने खेत में बैठ कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि वह अपना हक लेकर रहेंगे। उन्होंने विवादित चकों की नाप पर रोक लगवाने एवं फैसला होने तक मूल जोत वाले किसान को काबिज बने रहने की मांग की है। मांग करने वालो में परम अहिरवार, पप्पू अहिरवार, दलपे, अमोल, जगदीश, हरीराम, दयाली, चुख्खू, पारौलबारी आदि किसान शामिल हैं।
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