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किसानों नहीं मिला धेला
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Thu, 16 Jul 2015 11:39 PM IST
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जनपद में खुली आधा दर्जन प्रमुख बैंकों से हजारों की संख्या में किसान जुड़े हुए हैं। इन बैंकों से किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड बनवाया है। रबी व खरीफ के सीजन में भले ही फसल मरे या न मरे किसानों के खातों से बिना पूछे फसल बीमा के नाम पर तीन हजार रुपए के हिसाब से धनराशि काट ली जाती है। यह धनराशि करोड़ों रुपये में बीमा कंपनी के पास पहुंचती है। फसल मरने के बाद किसानों को राहत के नाम पर तुरंत बीमा का लाभ दिया जाना, चाहिए जिससे उनको सहायता मिल सके। लेकिन जनपद में बीमा कंपनियां व बैंक की मिलीभगत से किसानों को फसल बीमा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। खरीफ के बाद रबी की फसल भी किसानों की ओलावृष्टि से बर्बाद हो गई, अब फिर से खरीफ ऱ्की बुवाई का समय आ गया है, लेकिन किसानों तक बीमा के नाम पर एक भी धेला धनराशि नहीं पहुंचाई गई है। हैरानी की बात तो यह है कि जिला प्रशासन को इसकी जानकारी होने के बाद भी बेसुध बना हुआ है। भारतीय किसान संघ ने किसानों के साथ मिलकर जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया और फसल बीमा का लाभ दिलाने की मांग की है। ज्ञापन पर प्रांतीय महामंत्री केहर सिंह बुंदेला, मनोज कुमार, जयराम, श्यामलाल, गोकुल, मोतीलाल, जगन, प्यारेलाल, हुकुम, खिलान सिंह, भगवानदास, धर्मेंद्र, खुशीराम, काशीराम, रतीराम, पूरन सिंह, संतोष सिंह, गोपाल, प्रकाश, चऊदेलाल, पचूवा, भगवत सिंह, रामलाल कुशवाहा सहित अन्य ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
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