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फसल का नुकसान होने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसान

Sat, 05 Feb 2022 01:12 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 05 Feb 2022 01:12 AM IST
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Farmers facing financial crisis due to crop loss
महरौनी-धौर्रा। बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तुषार से रबी की फसल बर्बाद होने पर किसान परेशान हैं। किसानों से फसल नुकसान का सर्वे कराकर बीमा क्लेम दिलवाने की मांग की है। महरौनी में पीड़ित किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन भी दिया है।
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महरौनी तहसील अंतर्गत ग्राम ग्राम अगौरा, जखौरा, पाली, बम्हरौरी बहादुर सिंह, बैदपुर के किसानों का कहना है कि अतिवृष्टि और बारिश से मटर, चना, मसूर की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। लगातार 10 दिन बारिश होने व उसके बाद तुषार लगने से चना, मटर, मसूर की फसल बर्बाद हो गईं है। बैंक में अपनी जमीन को बंधक रखकर लोन लिया और फसल की बुवाई की थी।
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फसल बर्बाद होने से आर्थिक तंगी आ गई है। अब परिवार का पालन पोषण करना तक मुश्किल हो रहा है। उन्होंने फसल का सर्वे कर समुचित मुआवजा दिलाने व फसल बीमा क्लेम का भुगतान कराए जाने की मांग की है। ज्ञापन पर अभय सिंह, ध्रुव सिंह, राजबहादुर सिंह, रामदीन, हीरा, शुक्का, आशाराम, भूरा, भागीरथ, गोविंद सिंह, गनपत, राजेंद्र सिंह, हीरा, कप्तान सिंह, बब्बू राजा, दुरजू, पर्वत हुकुम सिंह, जाहर सिंह, बृजपाल सिंह, सुजान सिंह, मोहित, विक्रांत सिंह आदि किसानों के हस्ताक्षर बने हैं।
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उधर, धौर्रा क्षेत्र के किसानों का कहना है कि खेत में तुसार से फसल सूख गई है इसकी भरपाई फसल बीमा से होनी चाहिए क्योंकि उनके क्रेडिट कार्ड से किस्त तो काट ली जाती लेकिन उसका लाभ नहीं मिल पाता है। ग्राम जहाजपुर में और बम्होरी पठार, कपासी , मादोन, मताखेड़ा, पिपरई आदि क्षेत्रों में भी फसल सुख रही है पर किसान का दुख दर्द देखने वाला कोई नहीं है।
बोले महरौनी क्षेत्र के किसान
सात क्विंटल मटर की फसल बोई थी, जनवरी माह के प्रथम सप्ताह में हुई बारिश से जड़ व तना सड़ने से फसल सूख गई है। इससे आर्थिक संकट पैदा हो गया है। अभी तक मुआवजा तक नहीं मिला। - राजबहादुर सिंह अगौरा
इस वर्ष बैंक से ऋण लेकर नया ट्रैक्टर लिया अच्छी फसल होने की उम्मीद थी। लगातार बारिश से फसल खराब हो गई है। अभी तक सर्वे कराकर बीमा कंपनी ने मुआवजा नहीं दिया। आगे कैसे बैंक का कर्ज चुकाएंगे। - रामदीन
अतिवृष्टि से पहले खरीफ और अब रबी की भी नष्ट हो गई है। अब आर्थिक समस्या हो गई है। जांच कर बीमा क्लेम दिया जाए। अभी तक कंपनियों ने बीमा क्लेम देने के लिए फसलों का सर्वे नहीं किया है। - इमरान खान एडवोकेट
बेमौसम बारिश और पाले से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। फसल की सर्वे कर सही जांच कराकर आंकलन रिपोर्ट शासन को भेजी जानी चाहिए। अधिकारी भी इस पर लापरवाही कर रहे हैं। - मुकेश सिंह जखौरा
खेती किसानी से ही परिवार का भरण पोषण करते है। इस वर्ष तुषार लगने से मटर पूरी सूख गई। किसान अपने खेतों में खड़े होकर रोने को मजबूर हैं। सरकार ने भी किसानों की कोई मदद नहीं की है। -श्याम सुंदर परिहार, ग्राम जहाजपुर

फसल बर्बाद होने से किसान परेशान हैं। प्रशासन को फसल नुकसान का सर्वे कराकर उसे बीमा क्लेम दिलवाना चाहिए जिससे किसान को राहत मिल सके लेकिन अभी तक सब चुप बैठे हैं। - प्रीतपाल सिंह यादव, निवासी बम्होरी पठार
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