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बांध खाली रहने से किसान चिंतित
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खाली पड़ा सजनाम बांध
- फोटो : LALITPUR
महरौनी/ललितपुर। तहसील महरौनी क्षेत्र में इस बार बारिश नहीं होने के चलते दो बांध सजनाम और जमरार बांध खाली पड़े हुए हैं। जबकि बीते वर्ष इन दिनों सभी बांध पूरे भर चुके थे। लेकिन इस बार बांध खाली रहने से किसानों को सिंचाई की चिंता सताने लगी है। यदि अभी बारिश नहीं हुई तो किसानों के सामने रवि की फसल के लिए सिंचाई का संकट खड़ा हो जाएगा।
तहसील महरौनी अंतर्गत ग्राम सिंदवाहा के पास सजनाम नदी पर किसानों को फसलों की सिचाई के उद्देश्य से सजनाम बांध का निर्माण प्रदेश सरकार द्वारा कराया गया था । लेकिन इस वर्ष बारिश कम हो रही है । सजनाम बांध का जलस्तर गर्मियों में 10 फुट के लगभग था। बांध का जल स्तर मात्र साढ़े तेरह फुट तक ही पहुंच पाया है । जबकि पिछले वर्ष नौ अगस्त को इस बांध का जलस्तर पौने पंद्रह फुट तक भर चुका था। बांध में पानी रोकने की क्षमता लगभग 18 फुट है। लेकिन इस बार अभी
तक बारिश की स्थिति को देखते हुए बांध के पूरा भरने की चिंता किसानों को सताने लगी है । किसानों का मानना है कि अभी जो पानी बांध में आया है वह बहुत कम है क्योकि 15 फुट के बाद ही बांध में पानी का फैलाव होता है । इससे भी खराब स्थिति जमरार बांध की है। गर्मियों के दिनों में जितना पानी बांध भरा हुआ था, उससे अधिक जल स्तर नहीं बढ़ सका है। सोजना रोड पर स्थित ग्राम क्योलारी के पास जमरार नदी पर बने जमरार बांध में इस वर्ष बरसात के अभाव में बिल्कुल भी पानी
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नहीं आने से जलस्तर जो गर्मियों में था वही थमा हुआ है। अगर इसी तरह ही हल्की बारिश होती रही तो जमरार बांध का जल स्तर बढ़ना मुश्किल लग रहा है, क्योंकि जमरार बांध में नया पानी मात्र 5 सेंटीमीटर ही आया है। किसान शंकर लाल, शुखबेन्द्र सिंह, सुल्तान सिंह बुंदेला और किशोरी सेन का कहना है कि अभी जो बारिश हुई है उससे तो खेतों की प्यास भी नही बुझी है । अगर बारिश नहीं हुई तो अभी बोयी गई खरीब की फसल सूख जाएगी और जमरार बांध नही भरेगा तो रबी की फसल भी नही हो पाएगी।
सजनाम बांध नही भरेगा तो कई गांव होंगे सिंचाई के वंचित
यदि सजनाम बांध का जलसा इतना ही रहा तो इसके अंतर्गत आने वाले कई गांव सिंचाई से वंचित रह सकते हैं। इस बात से लाभान्वित होने वाले गांव में क्लोथरा, सिंगेपुर, अण्डेला, मेनवार, खितवांस, छिल्ला, चढ़रउ, भडरउ, जरया, सिलावन, समोगर, अमोरा, कुरौरा, खिरिया छतारा, बजर्रा सहित कई मौंजा के किसान अपनी रबी की फसल में सिंचाई से बंचित हो जाएंगे। वही जमरार बांध नही भरेगा तो क्योलारी, बमहौरी, अगौरा, गुढ़ा, पाली निबारी मौंजा के किसान आगामी रबी की फसल में सिचाई नही कर पायेंगे।
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तहसील महरौनी अंतर्गत ग्राम सिंदवाहा के पास सजनाम नदी पर किसानों को फसलों की सिचाई के उद्देश्य से सजनाम बांध का निर्माण प्रदेश सरकार द्वारा कराया गया था । लेकिन इस वर्ष बारिश कम हो रही है । सजनाम बांध का जलस्तर गर्मियों में 10 फुट के लगभग था। बांध का जल स्तर मात्र साढ़े तेरह फुट तक ही पहुंच पाया है । जबकि पिछले वर्ष नौ अगस्त को इस बांध का जलस्तर पौने पंद्रह फुट तक भर चुका था। बांध में पानी रोकने की क्षमता लगभग 18 फुट है। लेकिन इस बार अभी
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तक बारिश की स्थिति को देखते हुए बांध के पूरा भरने की चिंता किसानों को सताने लगी है । किसानों का मानना है कि अभी जो पानी बांध में आया है वह बहुत कम है क्योकि 15 फुट के बाद ही बांध में पानी का फैलाव होता है । इससे भी खराब स्थिति जमरार बांध की है। गर्मियों के दिनों में जितना पानी बांध भरा हुआ था, उससे अधिक जल स्तर नहीं बढ़ सका है। सोजना रोड पर स्थित ग्राम क्योलारी के पास जमरार नदी पर बने जमरार बांध में इस वर्ष बरसात के अभाव में बिल्कुल भी पानी
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नहीं आने से जलस्तर जो गर्मियों में था वही थमा हुआ है। अगर इसी तरह ही हल्की बारिश होती रही तो जमरार बांध का जल स्तर बढ़ना मुश्किल लग रहा है, क्योंकि जमरार बांध में नया पानी मात्र 5 सेंटीमीटर ही आया है। किसान शंकर लाल, शुखबेन्द्र सिंह, सुल्तान सिंह बुंदेला और किशोरी सेन का कहना है कि अभी जो बारिश हुई है उससे तो खेतों की प्यास भी नही बुझी है । अगर बारिश नहीं हुई तो अभी बोयी गई खरीब की फसल सूख जाएगी और जमरार बांध नही भरेगा तो रबी की फसल भी नही हो पाएगी।
सजनाम बांध नही भरेगा तो कई गांव होंगे सिंचाई के वंचित
यदि सजनाम बांध का जलसा इतना ही रहा तो इसके अंतर्गत आने वाले कई गांव सिंचाई से वंचित रह सकते हैं। इस बात से लाभान्वित होने वाले गांव में क्लोथरा, सिंगेपुर, अण्डेला, मेनवार, खितवांस, छिल्ला, चढ़रउ, भडरउ, जरया, सिलावन, समोगर, अमोरा, कुरौरा, खिरिया छतारा, बजर्रा सहित कई मौंजा के किसान अपनी रबी की फसल में सिंचाई से बंचित हो जाएंगे। वही जमरार बांध नही भरेगा तो क्योलारी, बमहौरी, अगौरा, गुढ़ा, पाली निबारी मौंजा के किसान आगामी रबी की फसल में सिचाई नही कर पायेंगे।