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तार टूटकर गिरने से खंभे व डिब्बे में आया करंट, तीन आहत
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ललितपुर। थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बिरधा पुलिस चौकी के ग्राम रीछपुरा में तार टूटकर गिरने से खंभे के पास खेल रहे दो बालक करंट से झुलस गए। वहीं, किराने की दुकान पर तार गिरने की वजह से एक महिला झुलस गई, जिन्हें बिरधा सीएचसी में भर्ती कराया गया। इसमें एक बच्चे की हालत गंभीर है।
ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह खंभों पर हाईटेंशन जर्जर बिजली के तार लगे हुए हैं। कई बार यह तार ओवरलोड या फिर अन्य कारणों के चलते टूटकर जमीन पर गिर जाते हैं, जिससे संपत्ति के साथ ही आम जनमानस का भी नुकसान होता है। विभाग को खंभों पर लाइन बिछाने के दौरान कई मानकों को ध्यान में रखना होता है। संपत्ति और जनमानस के नुकसान से बचाव के समुचित उपाय करने के बाद ही विद्युत लाइन बिछाई जाती है। जिले में ग्रामीण क्षेत्रों व शहरी क्षेत्र में हाईटेंशन बिजली की लाइनें तो बिछाई गई हैं, लेकिन उनका रखरखाव का कार्य नहीं किया गया, जिससे आए दिन हादसे होते रहते हैं।
सोमवार की सुबह थाना कोतवाली के बिरधा चौकी अंतर्गत ग्राम रीछपुरा में आठ वर्षीय बालक ऋषिराज पुत्र अनिल अपने घर के बाहर गेंद से खेल रहा था। इसके बाद वह खंभे के पास जाकर खड़ा हो गया। उसके पास में ही चचेरा भाई अभिषेक (06) पुत्र रोशन भी खेल रहा था। घर के पास में महिला गेंदारानी (48) पत्नी गोविंदी किराने की दुकान पर बैठी थी। तभी सुबह करीब पौने नौ बजे विद्युत लाइन का तार टूटकर गिर गया। इससे खंभे के पास खड़े करंट से ऋषिराज और अभिषेक झुलस गया, यह देख पास में मौजूद ग्रामीणों ने लाठी से ऋषिराज को खंभे से अलग किया। किराने की दुकान पर भी तार गिरा, जिससे महिला गेंदारानी झुलस गई। किसी प्रकार ग्रामीणों ने लाइन बंद कराई और करंट से झुलसे दोनों बालकों एवं महिला को बिरधा सीएचसी में उपचार को ले गए, जहां ऋषिराज की हालत गंभीर होने पर उसे जिला चिकित्सालय भेज दिया, जहां उसका उपचार किया जा रहा है।
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तारों के टूटने का सिलसिला नहीं हो रहा कम
गौरतलब है कि तारों के टूटने पर उन्हीं तारों को दोबारा जोड़ दिया जाता है, जिससे तारों के टूटने से सिलसिला बना रहता है और इसमें कई बार लोगों की जानें तक चली गईं। बीते कुछ वर्षों में शहर में ही कई हादसों में हाइटेंशन तार टूटकर गिरने से कई हादसे हो चुके हैं। चार वर्ष पहले आजादपुरा में एक ठेला के पास खड़े व्यक्ति की हाईटेंशन तार गिरने से मौत हो गई थी। इसी प्रकार मोहल्ला नेहरूनगर में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई थी। वहीं, पांच वर्ष पहले जखौरा से अनौरा वाली नहर रोड पर हाईटेंशन तार गिरने से तीन किसानों की मौत हो गई थी, जो बीज लेने के बाद मोटरसाइकिल से ललितपुर आ रहे थे। इसी वर्ष के दौरान नदीपुरा में कैलगुवां रोड पर हाईटेंशन तार गिरने से एक टायर की दुकान में आग लगने से हजारों रुपये का नुकसान हो गया था। बिजली विभाग द्वारा इन घटनाओं से सबक लेने के बाद भी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया जा सका है, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
विद्युत विभाग में राहत का है प्रावधान
विद्युत दुर्घटना के दौरान किसी व्यक्ति की मौत होती है, तो उसमें विद्युत विभाग द्वारा मृतक परिवार को पांच लाख रुपये आर्थिक मदद का प्रावधान है, जबकि यदि विद्युत दुर्घटना में कोई व्यक्ति आहत होता है, तो सीएमओ द्वारा जारी आहत होने की स्थिति में कितना प्रतिशत अंग प्रभावित हुआ है एवं विद्युत सुरक्षा निदेशालय की रिपोर्ट के आधार पर आर्थिक मदद दी जाती है।
विद्युत विभाग द्वारा एक हजार से अधिक आबादी वाले गांव में केबल बिछाने का कार्य किया जा रहा है। जहां भी विद्युत तार जर्जर हैं, वहां मेंटिनेंस कराया जाएगा। विद्युत दुर्घटना में आहत हुए लोगों को सीएमओ की रिपोर्ट के आधार पर मदद दिलाई जाएगी।
- आकाश सचान, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड द्वितीय।
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ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह खंभों पर हाईटेंशन जर्जर बिजली के तार लगे हुए हैं। कई बार यह तार ओवरलोड या फिर अन्य कारणों के चलते टूटकर जमीन पर गिर जाते हैं, जिससे संपत्ति के साथ ही आम जनमानस का भी नुकसान होता है। विभाग को खंभों पर लाइन बिछाने के दौरान कई मानकों को ध्यान में रखना होता है। संपत्ति और जनमानस के नुकसान से बचाव के समुचित उपाय करने के बाद ही विद्युत लाइन बिछाई जाती है। जिले में ग्रामीण क्षेत्रों व शहरी क्षेत्र में हाईटेंशन बिजली की लाइनें तो बिछाई गई हैं, लेकिन उनका रखरखाव का कार्य नहीं किया गया, जिससे आए दिन हादसे होते रहते हैं।
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सोमवार की सुबह थाना कोतवाली के बिरधा चौकी अंतर्गत ग्राम रीछपुरा में आठ वर्षीय बालक ऋषिराज पुत्र अनिल अपने घर के बाहर गेंद से खेल रहा था। इसके बाद वह खंभे के पास जाकर खड़ा हो गया। उसके पास में ही चचेरा भाई अभिषेक (06) पुत्र रोशन भी खेल रहा था। घर के पास में महिला गेंदारानी (48) पत्नी गोविंदी किराने की दुकान पर बैठी थी। तभी सुबह करीब पौने नौ बजे विद्युत लाइन का तार टूटकर गिर गया। इससे खंभे के पास खड़े करंट से ऋषिराज और अभिषेक झुलस गया, यह देख पास में मौजूद ग्रामीणों ने लाठी से ऋषिराज को खंभे से अलग किया। किराने की दुकान पर भी तार गिरा, जिससे महिला गेंदारानी झुलस गई। किसी प्रकार ग्रामीणों ने लाइन बंद कराई और करंट से झुलसे दोनों बालकों एवं महिला को बिरधा सीएचसी में उपचार को ले गए, जहां ऋषिराज की हालत गंभीर होने पर उसे जिला चिकित्सालय भेज दिया, जहां उसका उपचार किया जा रहा है।
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तारों के टूटने का सिलसिला नहीं हो रहा कम
गौरतलब है कि तारों के टूटने पर उन्हीं तारों को दोबारा जोड़ दिया जाता है, जिससे तारों के टूटने से सिलसिला बना रहता है और इसमें कई बार लोगों की जानें तक चली गईं। बीते कुछ वर्षों में शहर में ही कई हादसों में हाइटेंशन तार टूटकर गिरने से कई हादसे हो चुके हैं। चार वर्ष पहले आजादपुरा में एक ठेला के पास खड़े व्यक्ति की हाईटेंशन तार गिरने से मौत हो गई थी। इसी प्रकार मोहल्ला नेहरूनगर में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई थी। वहीं, पांच वर्ष पहले जखौरा से अनौरा वाली नहर रोड पर हाईटेंशन तार गिरने से तीन किसानों की मौत हो गई थी, जो बीज लेने के बाद मोटरसाइकिल से ललितपुर आ रहे थे। इसी वर्ष के दौरान नदीपुरा में कैलगुवां रोड पर हाईटेंशन तार गिरने से एक टायर की दुकान में आग लगने से हजारों रुपये का नुकसान हो गया था। बिजली विभाग द्वारा इन घटनाओं से सबक लेने के बाद भी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया जा सका है, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
विद्युत विभाग में राहत का है प्रावधान
विद्युत दुर्घटना के दौरान किसी व्यक्ति की मौत होती है, तो उसमें विद्युत विभाग द्वारा मृतक परिवार को पांच लाख रुपये आर्थिक मदद का प्रावधान है, जबकि यदि विद्युत दुर्घटना में कोई व्यक्ति आहत होता है, तो सीएमओ द्वारा जारी आहत होने की स्थिति में कितना प्रतिशत अंग प्रभावित हुआ है एवं विद्युत सुरक्षा निदेशालय की रिपोर्ट के आधार पर आर्थिक मदद दी जाती है।
विद्युत विभाग द्वारा एक हजार से अधिक आबादी वाले गांव में केबल बिछाने का कार्य किया जा रहा है। जहां भी विद्युत तार जर्जर हैं, वहां मेंटिनेंस कराया जाएगा। विद्युत दुर्घटना में आहत हुए लोगों को सीएमओ की रिपोर्ट के आधार पर मदद दिलाई जाएगी।
- आकाश सचान, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड द्वितीय।