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उम्मीदवार कम होने से 28 चुनाव चिह्नों का नहीं हुआ आवंटन
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ललितपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के जिला पंचायत सदस्य पद के लिए बनाई गई सूची में अनेक चिह्न इस्तेमाल नहीं हो पाए हैं। इसकी वजह यह मानी जा रही कि उम्मीदवारों को हिंदी देवनागरी की वर्णमाला के अनुसार चिह्न आवंटित किए गए हैं। वहीं, उम्मीदवार भी क म बताए जा रहे हैं।
निर्वाचन आयोग ने उम्मीदवारों को चिह्न आवंटित करने के मकसद से कुल 53 चिह्नों की सूची जारी की थी। नामांकन पत्र वापस के उपरांत उम्मीदवारों को हिंदी देवनागरी अक्षरों की वर्णमाला के अनुसार चिह्न आवंटित करने के निर्देश दिए गए। इसके तहत जिले के सौरई वार्ड में सबसे अधिक 25, एवं जखौरा, बांसी वार्ड में सबसे कम 7 प्रतीक चिह्नों का आवंटन हो पाया। इस तरह निर्वाचन आयोग की सूची के 28 चिह्नों का इस्तेमाल चुनाव में नहीं किया जा सका।
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इन चिह्नों का ही हुआ आवंटन
इस चुनाव में आरी, उगता सूरज, कप और प्लेट, कलम दवात, कुल्हाड़ी, केतली, कैंची, क्रेन, खजूर का पेड़, गमला, गिटार, घुड़सवार, चश्मा, छड़ी, छाता, झोपड़ी, टाइपराइटर, टेलीफोन, टेलीविजन, ट्रैक्टर, ढोलक, तरकस, तराजू, ताला-चाबी, थरमस शामिल हैं।
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इन चिह्नों की सूची हुई थी जारी
जिला पंचायत सदस्य पद के लिए चिह्नों में आरी, उगता सूरज, कप और प्लेट, कलम दवात, कुल्हाड़ी, केतली, कैंची, क्रेन, खजूर का पेड़, गमला, गिटार, घुड़सवार, चश्मा, घड़ी, छाता, झोपड़ी, टाइपराइटर, टेलीफोन, टेलीविजन, ट्रैक्टर, ढोलक, तरकस, तराजू, ताला-चाबी, थरमस, नाव, पिस्टल, फसल काटता किसान, फावड़ा-बेलचा, बल्ला, मछली, रेडियो, रोड रोलर, लट्टू, साउंड स्पीकर, वृक्ष, शेर, सितारा, सैनिक, स्कूटर, हाथ ठेला, हल, हेलीकॉप्टर, कटहल, मेज, मोबाइल फोन, लहसुन, सपेरा, सीमेंट और बोरी, सूटकेस, सिर पर कलश लिए स्त्री, सीटी और हैंगर शामिल थे। इस तरह कुल 53 प्रतीक चिह्न विकल्प के रूप में दिए गए थे।
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उम्मीदवारों को वर्णमाला के अनुसार चिह्न आवंटित किए गए। यदि उम्मीदवार ज्यादा होते तो नीचे के शेष चिह्नों का भी इस्तेमाल हो जाता। जिन वार्डों में कम उम्मीदवार हैं, वहां सूची के ऊपर के चिह्न आवंटित हुए।
रमेश चंद्र गुप्ता, सहायक निर्वाचन अधिकारी
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निर्वाचन आयोग ने उम्मीदवारों को चिह्न आवंटित करने के मकसद से कुल 53 चिह्नों की सूची जारी की थी। नामांकन पत्र वापस के उपरांत उम्मीदवारों को हिंदी देवनागरी अक्षरों की वर्णमाला के अनुसार चिह्न आवंटित करने के निर्देश दिए गए। इसके तहत जिले के सौरई वार्ड में सबसे अधिक 25, एवं जखौरा, बांसी वार्ड में सबसे कम 7 प्रतीक चिह्नों का आवंटन हो पाया। इस तरह निर्वाचन आयोग की सूची के 28 चिह्नों का इस्तेमाल चुनाव में नहीं किया जा सका।
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इन चिह्नों का ही हुआ आवंटन
इस चुनाव में आरी, उगता सूरज, कप और प्लेट, कलम दवात, कुल्हाड़ी, केतली, कैंची, क्रेन, खजूर का पेड़, गमला, गिटार, घुड़सवार, चश्मा, छड़ी, छाता, झोपड़ी, टाइपराइटर, टेलीफोन, टेलीविजन, ट्रैक्टर, ढोलक, तरकस, तराजू, ताला-चाबी, थरमस शामिल हैं।
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इन चिह्नों की सूची हुई थी जारी
जिला पंचायत सदस्य पद के लिए चिह्नों में आरी, उगता सूरज, कप और प्लेट, कलम दवात, कुल्हाड़ी, केतली, कैंची, क्रेन, खजूर का पेड़, गमला, गिटार, घुड़सवार, चश्मा, घड़ी, छाता, झोपड़ी, टाइपराइटर, टेलीफोन, टेलीविजन, ट्रैक्टर, ढोलक, तरकस, तराजू, ताला-चाबी, थरमस, नाव, पिस्टल, फसल काटता किसान, फावड़ा-बेलचा, बल्ला, मछली, रेडियो, रोड रोलर, लट्टू, साउंड स्पीकर, वृक्ष, शेर, सितारा, सैनिक, स्कूटर, हाथ ठेला, हल, हेलीकॉप्टर, कटहल, मेज, मोबाइल फोन, लहसुन, सपेरा, सीमेंट और बोरी, सूटकेस, सिर पर कलश लिए स्त्री, सीटी और हैंगर शामिल थे। इस तरह कुल 53 प्रतीक चिह्न विकल्प के रूप में दिए गए थे।
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उम्मीदवारों को वर्णमाला के अनुसार चिह्न आवंटित किए गए। यदि उम्मीदवार ज्यादा होते तो नीचे के शेष चिह्नों का भी इस्तेमाल हो जाता। जिन वार्डों में कम उम्मीदवार हैं, वहां सूची के ऊपर के चिह्न आवंटित हुए।
रमेश चंद्र गुप्ता, सहायक निर्वाचन अधिकारी