{"_id":"ec5f9c5642c2a5ef81b777a781273166","slug":"eight-years-after-being-written-letter-to-dm-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आठ साल बाद भी डीएम को लिखी जा रही चिट्ठी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आठ साल बाद भी डीएम को लिखी जा रही चिट्ठी
ब्यूरो
Updated Tue, 12 Jan 2016 01:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। नगर को अतिक्रमणमुक्त रखने वाली नगर पालिका स्वयं अपनी जमीन को अतिक्रमणकारियों के कब्जे से मुक्त कराने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रही है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
हालातों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नगर पालिका आठ वर्ष से लगातार डीएम को पत्र लिख रही है, लेकिन अवैध कब्जा नहीं हट पा रहा है। पालिका ने एक बार फिर डीएम को पत्र लिखा है।
शहर के मवेशी बाजार स्थित आराजी संख्या 3,053 की नजूल भूमि को नगर पालिका ने वर्ष 2006 में फ्री होल्ड करा लिया था। इसके बाद नगर पालिका ने विभाग की आय बढ़ाने के उद्देश्य से उक्त जमीन पर दुकानों के निर्माण की योजना बनाई और बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास कर दिया गया।
विज्ञापन
यहां पर करीब 76 दुकानों के निर्माण का प्रस्ताव पारित होने के बाद विभाग ने दुकान निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की। लेकिन, उक्त जमीन पर कुछ लोगों का कब्जा है, जिस वजह से दुकानों का निर्माण नहीं हो पा रहा है। दुकानों का निर्माण नहीं होने से विभाग को राजस्व की हानि हो रही है।
समस्या के समाधान के लिए विभाग ने वर्ष 2009 में 25 नवंबर व वर्ष 2010 में 26 नवंबर को डीएम को पत्र लिखे। इसमें पालिका ने जमीन को कब्जामुक्त कराने की मांग की, ताकि वहां पर नगर पालिका की दुकानों का निर्माण कराया जा सके और इससे पालिका की आय बढ़ाई जा सके। लेकिन, कोई फायदा नहीं हुआ और जमीन पर अभी भी अवैध कब्जेधारक अपना अड्डा जमाए हुए हैं।
इसके बाद भी पालिका ने लगातार पत्राचार किया, लेकिन अवैध कब्जा नहीं हट सका। तब से लेकर अब तक करीब आठ साल का लंबा वक्त गुजर गया, लेकिन अभी भी कब्जाधारक उक्त जमीन पर डटे हुए हैं। स्थितियों को देखते हुए एक बार फिर से नगर पालिका ने उक्त जमीन से कब्जाधारकों को हटाने के लिए डीएम को पत्र लिखा है।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार ने डीएम को पत्र लिखकर मवेशी बाजार स्थित आराजी संख्या 3,053 नजूल की जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है।
विज्ञापन
हालातों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नगर पालिका आठ वर्ष से लगातार डीएम को पत्र लिख रही है, लेकिन अवैध कब्जा नहीं हट पा रहा है। पालिका ने एक बार फिर डीएम को पत्र लिखा है।
विज्ञापन
शहर के मवेशी बाजार स्थित आराजी संख्या 3,053 की नजूल भूमि को नगर पालिका ने वर्ष 2006 में फ्री होल्ड करा लिया था। इसके बाद नगर पालिका ने विभाग की आय बढ़ाने के उद्देश्य से उक्त जमीन पर दुकानों के निर्माण की योजना बनाई और बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास कर दिया गया।
विज्ञापन
यहां पर करीब 76 दुकानों के निर्माण का प्रस्ताव पारित होने के बाद विभाग ने दुकान निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की। लेकिन, उक्त जमीन पर कुछ लोगों का कब्जा है, जिस वजह से दुकानों का निर्माण नहीं हो पा रहा है। दुकानों का निर्माण नहीं होने से विभाग को राजस्व की हानि हो रही है।
समस्या के समाधान के लिए विभाग ने वर्ष 2009 में 25 नवंबर व वर्ष 2010 में 26 नवंबर को डीएम को पत्र लिखे। इसमें पालिका ने जमीन को कब्जामुक्त कराने की मांग की, ताकि वहां पर नगर पालिका की दुकानों का निर्माण कराया जा सके और इससे पालिका की आय बढ़ाई जा सके। लेकिन, कोई फायदा नहीं हुआ और जमीन पर अभी भी अवैध कब्जेधारक अपना अड्डा जमाए हुए हैं।
इसके बाद भी पालिका ने लगातार पत्राचार किया, लेकिन अवैध कब्जा नहीं हट सका। तब से लेकर अब तक करीब आठ साल का लंबा वक्त गुजर गया, लेकिन अभी भी कब्जाधारक उक्त जमीन पर डटे हुए हैं। स्थितियों को देखते हुए एक बार फिर से नगर पालिका ने उक्त जमीन से कब्जाधारकों को हटाने के लिए डीएम को पत्र लिखा है।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार ने डीएम को पत्र लिखकर मवेशी बाजार स्थित आराजी संख्या 3,053 नजूल की जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है।