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Lalitpur News: 30 साल से बंद जबड़े को चिकित्सकों ने ऑपरेशन से खोला
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय ने सफलता हासिल की है। मैक्सिलोफेशियल सर्जन डाॅ. दीपिका कुमारी जैन ने निश्चेतना विभागाध्यक्ष डाॅ. कौशल विजलानी एवं डाॅ. चेतन राज के समन्वय से 38 वर्षीय महिला के बंद जबड़े का सफल ऑपरेशन किया। मरीज का मुंह पिछले 30 वर्षों से पूरी तरह बंद था। ऑपरेशन के बाद महिला के चेहरे पर मुस्कान लौट आई।
जनपद में इस प्रकार की पहली सर्जरी है, जिसने यह सिद्ध कर दिया है कि अब मुंह, चेहरे एवं जबड़े से संबंधित छोटी से बड़ी सभी बीमारियों का उपचार ललितपुर मेडिकल कॉलेज में संभव है। नगर के मोहल्ला नेहरू नगर निवासी राजकुमारी, जो पिछले 30 वर्षों से मुंह न खुलने की बीमारी से पीड़ित थी। बोलने में ज्यादा कठिनाई होती थी। वह केवल तरल आहार ही ले पा रही थी। डाॅ. दीपिका ने पाया कि मरीज का निचला जबड़ा एवं सिर की हड्डी आपस में जुड़ गई है। ऑपरेशन की सलाह दी गई। सर्जरी के दौरान मरीज के दोनों जबड़ों की हड्डी को सिर की हड्डी से अलग किया गया। इस ऑपरेशन के सफल होने पर प्रधानाचार्य डॉ. मयंक शुक्ला ने पूरी टीम को बधाई दी है।
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ललितपुर। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय ने सफलता हासिल की है। मैक्सिलोफेशियल सर्जन डाॅ. दीपिका कुमारी जैन ने निश्चेतना विभागाध्यक्ष डाॅ. कौशल विजलानी एवं डाॅ. चेतन राज के समन्वय से 38 वर्षीय महिला के बंद जबड़े का सफल ऑपरेशन किया। मरीज का मुंह पिछले 30 वर्षों से पूरी तरह बंद था। ऑपरेशन के बाद महिला के चेहरे पर मुस्कान लौट आई।
जनपद में इस प्रकार की पहली सर्जरी है, जिसने यह सिद्ध कर दिया है कि अब मुंह, चेहरे एवं जबड़े से संबंधित छोटी से बड़ी सभी बीमारियों का उपचार ललितपुर मेडिकल कॉलेज में संभव है। नगर के मोहल्ला नेहरू नगर निवासी राजकुमारी, जो पिछले 30 वर्षों से मुंह न खुलने की बीमारी से पीड़ित थी। बोलने में ज्यादा कठिनाई होती थी। वह केवल तरल आहार ही ले पा रही थी। डाॅ. दीपिका ने पाया कि मरीज का निचला जबड़ा एवं सिर की हड्डी आपस में जुड़ गई है। ऑपरेशन की सलाह दी गई। सर्जरी के दौरान मरीज के दोनों जबड़ों की हड्डी को सिर की हड्डी से अलग किया गया। इस ऑपरेशन के सफल होने पर प्रधानाचार्य डॉ. मयंक शुक्ला ने पूरी टीम को बधाई दी है।
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