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Lalitpur News: वायरस की जड़ तलाशने में जुटी मंडलीय टीम
Thu, 10 Sep 2026 02:10 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Thu, 10 Sep 2026 02:10 AM IST
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ललितपुर। जनपद में जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) के तीन मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग वायरस के स्रोत का पता लगाने में जुटा है। इसके लिए मंडल स्तरीय टीम लगातार तीन दिन से जिले में जांच-पड़ताल कर रही है। टीम ने बुधवार को सीएचसी बार पहुंचकर जेई के मरीज मिलने के बाद की गई निरोधात्मक कार्रवाई की जानकारी ली। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के दस्तावेज देखे और चिकित्सकों व कर्मचारियों को संक्रामक बीमारियों के प्रति जागरूक करते हुए मरीजों को उपचार देने की जानकारी दी।
जुलाई माह में ब्लॉक बार की ग्राम पंचायत बड़ोखरा के मजरा रामनगर निवासी 10 वर्षीय बालिका में जापानी इंसेफेलाइटिस की पुष्टि हुई थी। इसके बाद गांव में स्क्रीनिंग के दौरान बुखार से पीड़ित 16 लोगों के नमूने लिए गए थे। 12 अगस्त को आई जांच रिपोर्ट में दो बच्चों में भी जापानी इंसेफेलाइटिस की पुष्टि हुई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के सामने संक्रमण के स्रोत का पता लगाने की चुनौती बनी हुई है।
बुधवार को टीम बार ब्लॉक मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। यहां जेई के मरीज मिलने के बाद की गई निरोधात्मक कार्रवाई की स्थिति जानी गई। इसके साथ ही स्वास्थ्य केंद्र के दस्तावेज देखे गए। टीम ने चिकित्सकों और कर्मचारियों को संक्रामक बीमारियों के प्रति जागरूक किया। आने वाले मरीजों के लक्षणों के आधार पर उपचार देने के संबंध में भी जानकारी दी गई।
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इस दौरान झांसी की टीम के डॉ. उत्कर्ष राज, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरएन सोनी, एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. देशराज सिंह समेत सीएचसी के अधिकारी, चिकित्सक और कर्मचारी मौजूद रहे।
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जुलाई माह में ब्लॉक बार की ग्राम पंचायत बड़ोखरा के मजरा रामनगर निवासी 10 वर्षीय बालिका में जापानी इंसेफेलाइटिस की पुष्टि हुई थी। इसके बाद गांव में स्क्रीनिंग के दौरान बुखार से पीड़ित 16 लोगों के नमूने लिए गए थे। 12 अगस्त को आई जांच रिपोर्ट में दो बच्चों में भी जापानी इंसेफेलाइटिस की पुष्टि हुई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के सामने संक्रमण के स्रोत का पता लगाने की चुनौती बनी हुई है।
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बुधवार को टीम बार ब्लॉक मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। यहां जेई के मरीज मिलने के बाद की गई निरोधात्मक कार्रवाई की स्थिति जानी गई। इसके साथ ही स्वास्थ्य केंद्र के दस्तावेज देखे गए। टीम ने चिकित्सकों और कर्मचारियों को संक्रामक बीमारियों के प्रति जागरूक किया। आने वाले मरीजों के लक्षणों के आधार पर उपचार देने के संबंध में भी जानकारी दी गई।
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इस दौरान झांसी की टीम के डॉ. उत्कर्ष राज, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरएन सोनी, एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. देशराज सिंह समेत सीएचसी के अधिकारी, चिकित्सक और कर्मचारी मौजूद रहे।