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दूषित जलापूर्ति ने राजपूत कालोनी में बढ़ाई परेशानी
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राजपूत कॉलोनी में नलों में आ रहा गंदा पानी
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। वार्ड नंबर सोलह आजादपुरा प्रथम की राजपूत कॉलोनी में दूषित पेयजल की आपूर्ति होने की समस्या आ गई है। इससे स्थानीय नागरिक आपूर्ति का पानी पीने से कतरा रहे हैं, उन्हें कोरोना वायरस फैलने का खतरा सताने लगा है।
कोरोना के संक्रमण को देखते हुए लोग बेहद सावधानी बरत रहे हैं। न केवल मुंह में मास्क और हाथों को सेनेटाइज कर रहे हैं, बल्कि आसपास में साफ-सफाई का भी ध्यान रख रहे हैं। एक सप्ताह से गंदे पानी की हो रही आपूर्ति से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है। वह उसे पीने में इस्तेमाल करने से कतरा रहे हैं, उन्हें संक्रमित होने का भय सताने लगा है। लॉकडाउन होने से लोग शिकायत करने के लिए जल संस्थान नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
वर्तमान में गर्मियों का अहसास होने लगा है। दोपहर में कंठ सूखने लगते हैं, ऐसे में पानी की मांग बढ़ गई है। आपूर्ति में गंदा पानी आने से लोग उसके इस्तेमाल से कतराने लगे हैं।
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- रामकुमार दुबे
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए लोग कई तरीके की सावधानी बरत रहे हैं। इसमें पीने का पानी भी शामिल है, लेकिन कुछ दिनों से पानी गंदा प्राप्त हो रहा है। जब बर्तन में पानी भरते हैं तो उसमें पानी का रंग मटमैला सा नजर आने लगता है।
- मनमोहन सूर्येश
गर्मियों के दिनों में सुचारु जलापूर्ति के लिए विभाग को अभी से तैयारी कर लेनी चाहिए। मौजूदा समय में जो आपूर्ति पानी की हो रही है, उससे न तो नहाया जा सकता है और न ही पीने के पानी में उसे ले सकते हैं। विभाग को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
- स्वदेश वर्मा
जल संस्थान अपनी आपूर्ति को दुरुस्त नहीं कर पा रहा है। कई जगहों पर अभी भी पाइप लाइनों में लीकेज दिखाई दे जाते हैं। इसके बाद भी विभागीय कर्मी उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। इस वजह से लोगों को घरों में दूषित पानी की आपूर्ति होती है।
- आलोक सोनी
जल संस्थान के कर्मचारी वास्तविक कमियों को दूर करने की जगह लोगों का ध्यान भटकाने का प्रयास करते हैं। इस वजह से आपूर्ति ठीक नहीं हो पा रही है। आए दिन आपूर्ति में कोई न कोई कमी उजागर हो जाती है।
- भरत नारायण श्रीवास्तव
तमाम लोगों ने घरों में बोरिंग करा ली है। इसके बाद भी लोग जल संस्थान की आपूर्ति पर भरोसा करते हैं, लेकिन कुछ दिनों से जो आपूर्ति की जा रही है, उससे लोगों में विभाग के प्रति विश्वास डगमगाने लगा है। विभाग को आपूर्ति सुधारनी चाहिए।
- मनोज सक्सेना
कई वर्षो से गोविंद सागर बांध से जलापूर्ति की जा रही है। विभाग सालों पुराने ढांचे को अभी तक दुरुस्त नहीं कर पाया है। इसका खामियाजा स्थानीय नागरिकों को भुगतना पड़ता है।
- कामेश्वर प्रसाद सक्सेना
जब तक शहर की जंग खा चुकी पाइप लाइनों को नहीं बदला जाएगा, तब तक आपूर्ति ठीक होने वाली नहीं है। कई जगहों पर कनेक्शन बढ़ गए हैं, लेकिन संकरी पाइप लाइन जस की तस जमीन के नीचे पड़ी हैं।
- बंटी गुप्ता
जिस समय जल संस्थान की आपूर्ति धोखा देती है, तब मोहल्लों में लगे हैंडपंप ही काम आते हैं। विभाग उन हैंडपंपों की मरम्मत पर भी ध्यान नहीं देता है। यदि हैंडपंपों की समय-समय कमियां दूर होती रहें तो लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
- सोनू शुक्ला
राजपूत कॉलोनी में गंदे पानी की आपूर्ति का मामला संज्ञान में आया है। शुक्रवार को इसकी जांच कराई जाएगी और इसे ठीक कराया जाएगा।
- संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
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कोरोना के संक्रमण को देखते हुए लोग बेहद सावधानी बरत रहे हैं। न केवल मुंह में मास्क और हाथों को सेनेटाइज कर रहे हैं, बल्कि आसपास में साफ-सफाई का भी ध्यान रख रहे हैं। एक सप्ताह से गंदे पानी की हो रही आपूर्ति से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है। वह उसे पीने में इस्तेमाल करने से कतरा रहे हैं, उन्हें संक्रमित होने का भय सताने लगा है। लॉकडाउन होने से लोग शिकायत करने के लिए जल संस्थान नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
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वर्तमान में गर्मियों का अहसास होने लगा है। दोपहर में कंठ सूखने लगते हैं, ऐसे में पानी की मांग बढ़ गई है। आपूर्ति में गंदा पानी आने से लोग उसके इस्तेमाल से कतराने लगे हैं।
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- रामकुमार दुबे
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए लोग कई तरीके की सावधानी बरत रहे हैं। इसमें पीने का पानी भी शामिल है, लेकिन कुछ दिनों से पानी गंदा प्राप्त हो रहा है। जब बर्तन में पानी भरते हैं तो उसमें पानी का रंग मटमैला सा नजर आने लगता है।
- मनमोहन सूर्येश
गर्मियों के दिनों में सुचारु जलापूर्ति के लिए विभाग को अभी से तैयारी कर लेनी चाहिए। मौजूदा समय में जो आपूर्ति पानी की हो रही है, उससे न तो नहाया जा सकता है और न ही पीने के पानी में उसे ले सकते हैं। विभाग को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
- स्वदेश वर्मा
जल संस्थान अपनी आपूर्ति को दुरुस्त नहीं कर पा रहा है। कई जगहों पर अभी भी पाइप लाइनों में लीकेज दिखाई दे जाते हैं। इसके बाद भी विभागीय कर्मी उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। इस वजह से लोगों को घरों में दूषित पानी की आपूर्ति होती है।
- आलोक सोनी
जल संस्थान के कर्मचारी वास्तविक कमियों को दूर करने की जगह लोगों का ध्यान भटकाने का प्रयास करते हैं। इस वजह से आपूर्ति ठीक नहीं हो पा रही है। आए दिन आपूर्ति में कोई न कोई कमी उजागर हो जाती है।
- भरत नारायण श्रीवास्तव
तमाम लोगों ने घरों में बोरिंग करा ली है। इसके बाद भी लोग जल संस्थान की आपूर्ति पर भरोसा करते हैं, लेकिन कुछ दिनों से जो आपूर्ति की जा रही है, उससे लोगों में विभाग के प्रति विश्वास डगमगाने लगा है। विभाग को आपूर्ति सुधारनी चाहिए।
- मनोज सक्सेना
कई वर्षो से गोविंद सागर बांध से जलापूर्ति की जा रही है। विभाग सालों पुराने ढांचे को अभी तक दुरुस्त नहीं कर पाया है। इसका खामियाजा स्थानीय नागरिकों को भुगतना पड़ता है।
- कामेश्वर प्रसाद सक्सेना
जब तक शहर की जंग खा चुकी पाइप लाइनों को नहीं बदला जाएगा, तब तक आपूर्ति ठीक होने वाली नहीं है। कई जगहों पर कनेक्शन बढ़ गए हैं, लेकिन संकरी पाइप लाइन जस की तस जमीन के नीचे पड़ी हैं।
- बंटी गुप्ता
जिस समय जल संस्थान की आपूर्ति धोखा देती है, तब मोहल्लों में लगे हैंडपंप ही काम आते हैं। विभाग उन हैंडपंपों की मरम्मत पर भी ध्यान नहीं देता है। यदि हैंडपंपों की समय-समय कमियां दूर होती रहें तो लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
- सोनू शुक्ला
राजपूत कॉलोनी में गंदे पानी की आपूर्ति का मामला संज्ञान में आया है। शुक्रवार को इसकी जांच कराई जाएगी और इसे ठीक कराया जाएगा।
- संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान