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नवरात्र महोत्सव

Fri, 09 Oct 2015 02:13 AM IST
ब्यूराे/अमर उजाला
ब्यूराे/अमर उजाला Updated Fri, 09 Oct 2015 02:13 AM IST
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devi durga
ललितपुर। शारदीय नवरात्र महोत्सव को लेकर मुहल्लों में गठित कमेटियां सक्रिय हो गई हैं। देवी पंडालों को सजाना शुरू कर दिया गया है। स्थानीय और बाहरी कलाकार देवी मां की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं।
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जनपद में शारदीय नवरात्र का विशेष महत्व है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व की तैयारियां मुहल्लों में गठित कमेटियां काफी पहले शुरू कर देती हैं। समितियों का प्रयास रहता है कि हर बार कुछ नया कर नौ दिवसीय इस महोत्सव को आकर्षक बनाया जाता है। नवरात्र आरंभ होने से पूरे शहर में गली मुहल्ले में धार्मिक माहौल बन जाता है। महोत्सव में सबसे अहम भूमिका उन कलाकारों की होती है, जो देवी मां की प्रतिमाओं को मूर्त देने में लगे हैं। शहर में आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर स्थानीय और जनपद के बाहरी कलाकारों द्वारा महीनों से मेहनत कर देवी प्रतिमाओं को साकार रूप दिया जा रहा है।
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मुहल्ला चौबयाना स्थित रघुनाथ जी बड़ा मंदिर परिसर में कलकत्ता से आए मूर्तिकार बब्लू पाल व अमित पाल बताते हैं कि वह 30 वर्षों से जिले में देवी प्रतिमाएं बना रहे हैं। इस बार भी उन्होंने यहां जून माह में आकर देवी प्रतिमाएं बनाने का कार्य शुरू कर दिया था और उन्होंने नौ साथी कलाकारों के साथ अब तक छोटी व बड़ी 158 देवी प्रतिमाएं बनाकर तैयार कर ली हैं। वहीं, मुहल्लों में पंडालों को सजाने में दूसरे मुहल्लों की तुलना में बेहतर बनाने की होड़ मची हुई है। हर कोई कुछ अलग और बेहतर करने में लगा हुआ है। शहर के आजाद चौक पर हर बार की तरह इस बार भी स्थानीय समिति के लोग देवी पंडाल बनाने में कई दिन पूर्व से लगे हुए हैं। यहां देवी पंडाल का ढांचा तैयार करने में दो से तीन सप्ताह का समय लग जाता है। यहां के पंडाल व इसमें विराजमान देवी प्रतिमा की प्रसिद्धि पूूरे जिले में रहती है। इस बार भी कुछ अलग हटकर समितियां तैयार कर रही हैं।
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गंगा नदी की मिट्टी से बनती हैं प्रतिमाएं
ललितपुर। जनपद में देवी प्रतिमाएं बनाने के लिए कोलकाता के कलाकार विशेष रूप से गंगा नदी की विशेष चिकनी मिट्टी लाते हैं। इसके अलावा मूर्तियां सजाने में प्रयुक्त सामग्री और रंग भी कोलकाता से ही लाया जाता है। प्रतिमाओं में प्रयुक्त होने वाले बांस और पटिया ललितपुर से तथा मूर्तियां बनाने में धान की घास इलाहाबाद से मंगाई जाती है।

सात हजार तक है न्योछावर
ललितपुर।  नवरात्र के लिए बनाई जा रही  देवी प्रतिमाएं इस बार 1200 से बढ़कर 1500 रुपये से लेकर सात हजार रुपये तक न्योछावर पर मिल रही हैं। सबसे छोटी प्रतिमा दो फीट व सबसे बड़ी प्रतिमा सात से आठ फीट तक की बनाई गई है।



पिछले साल 1,063 मूर्तियां हुई थीं स्थापित
ललितपुर। पिछले वर्ष नवरात्र में पूरे जिले में 1,063 दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित  कराई गई थीं। इसके अलावा शहर में 225 प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। विगत वर्ष की तुलना में कलाकारों द्वारा इस वर्ष कम प्रतिमाएं तैयार की गई हैं। उनका मानना है कि इस वर्ष दुर्गा प्रतिमाओं की संख्या कम रहने की उम्मीद है।
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