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Lalitpur News: श्री अन्न की खेती के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय की टीम ने तलाशीं संभावनाएं
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम के अंतर्गत श्रीअन्न की खेती की संभावनाएं तलाशने के लिए आई चार सदस्यीय टीम ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंची। यहां खेती के लिए जमीनों को देखा और किसानों से जानकारी ली। टीम ने किसानों व एफपीओ को जागरूक भी किया।
शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय की टीम ने श्रीअन्न खेती की संभावनाएं और समस्याओं की जानकारी के लिए भ्रमण किया। सुबह उपनिदेशक कृषि कार्यालय के सभागार में मिलेट्स विशेषज्ञ डाॅ. अवंतिका सिंह व डॉ. अमित ने एफपीओ के विभिन्न प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने पौष्टिक अनाज की खेती के लिए क्षेत्रों की जानकारी ली। साथ ही इसके बाजार के बारे में जाना। टीम ब्लॉक जखौरा के ग्राम मनगुवां पहुंची, जहां एक किसान ने लगाई गई समा (चावल की प्रजाति) के खेतों को देखा। किसान से इसके बारे में जानकारी ली। इसके बाद टीम ग्राम खिरिया मिश्र स्थित कृषि वैज्ञानिक केंद्र पहुंची। यहां वैज्ञानिकों के साथ बैठक कर विभिन्न श्रीअन्न के बारे में जानकारी ली। उन्होंने क्षेत्रवार पौष्टिक अनाज की उपज व खेती के बारे में जाना। परिसर के तकनीकि पार्क में की गई श्री अन्न की खेती को देखा। इसके अलावा विश्वविद्यालय के दो शोधार्थियों ने तहसील तालबेहट में एक परमार्थ समाज सेवी संस्था के माध्मय से किसानों से जानकारी ली।
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ललितपुर। मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम के अंतर्गत श्रीअन्न की खेती की संभावनाएं तलाशने के लिए आई चार सदस्यीय टीम ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंची। यहां खेती के लिए जमीनों को देखा और किसानों से जानकारी ली। टीम ने किसानों व एफपीओ को जागरूक भी किया।
शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय की टीम ने श्रीअन्न खेती की संभावनाएं और समस्याओं की जानकारी के लिए भ्रमण किया। सुबह उपनिदेशक कृषि कार्यालय के सभागार में मिलेट्स विशेषज्ञ डाॅ. अवंतिका सिंह व डॉ. अमित ने एफपीओ के विभिन्न प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने पौष्टिक अनाज की खेती के लिए क्षेत्रों की जानकारी ली। साथ ही इसके बाजार के बारे में जाना। टीम ब्लॉक जखौरा के ग्राम मनगुवां पहुंची, जहां एक किसान ने लगाई गई समा (चावल की प्रजाति) के खेतों को देखा। किसान से इसके बारे में जानकारी ली। इसके बाद टीम ग्राम खिरिया मिश्र स्थित कृषि वैज्ञानिक केंद्र पहुंची। यहां वैज्ञानिकों के साथ बैठक कर विभिन्न श्रीअन्न के बारे में जानकारी ली। उन्होंने क्षेत्रवार पौष्टिक अनाज की उपज व खेती के बारे में जाना। परिसर के तकनीकि पार्क में की गई श्री अन्न की खेती को देखा। इसके अलावा विश्वविद्यालय के दो शोधार्थियों ने तहसील तालबेहट में एक परमार्थ समाज सेवी संस्था के माध्मय से किसानों से जानकारी ली।
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