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Lalitpur News: नागरिक उड्डयन और रक्षा विभाग के बीच भूमि का मसला सुलझाने आएंगे रक्षा संपदा अधिकारी
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ललितपुर। जिले मेें हवाई अड्डे के निर्माण के लिए हवाई पट्टी की करीब 29 एकड़ जमीन को लेकर रक्षा विभाग और नागरिक उड्डयन विभाग के बीच जारी विवाद के बीच रक्षा संपदा अधिकारी जल्द ही आगरा से जिले के दौरे पर आएंगे। रक्षा संपदा अधिकारी के इस दौरे में भूमि विवाद का निपटारा होने संभावना जताई जा रही है।
जनपद में करीब दो वर्ष पूर्व केंद्र सरकार की अनुमति के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गल्ला मंडी के पास स्थित हवाई पट्टी को विकसित करते हुए हवाई अड्डे निर्माण की घोषणा की थी। इसके लिए जिला प्रशासन ने हवाई पट्टी और उससे सटे गांव सेवनी में कुल 390 एकड़ भूमि चिन्हित करते हुए शासन को प्रस्ताव भेज दिया। इसके बाद अक्तूबर 2021 से जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण का काम कार्य शुरू कर दिया था।
निजी भूमि के साथ सरकारी विभागों की जमीन का भी अधिग्रहण शुरू हो गया। लेकिन जैसे ही हवाई पट्टी की भूमि का अधिग्रहण शुरू हुआ, रक्षा विभाग ने इस 78 एकड़ भूमि पर अपना हक जताते हुए अधिग्रहण का कार्य रुकवा दिया था। रक्षा मंत्रालय की ओर से जमीन के बदले जमीन और मुआवजे की मांग की गई। मामला नागरिक उड्डयन विभाग के समक्ष पहुंचा तो उसने इस 78 एकड़ भूमि में से 29 एकड़ भूमि जो कि हवाई पट्टी थी पर अपना हक जताते हुए कागजात पेश कर दिए। इसके बाद इस 29 एकड़ हवाई पट्टी की भूमि का विवाद शुरू हो गया। यह विवाद शासन स्तर पर पहुंचा और दोनों विभागों के अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई। लेकिन नतीजा नहीं निकला। तब यह विवाद राज्य सरकार से केंद्र सरकार के पास पहुंचा।
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हालांकि रक्षा विभाग और नागरिक उड्डयन विभाग के बीच 29 एकड़ भूमि के स्वामित्व को लेकर चल रहे विवाद का असर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर नहीं पड़ा। इस 29 एकड़ भूमि को छोड़कर शेष भूमि का अधिग्रहण जिला प्रशासन के द्वारा किया जाना चालू है। वहीं दोनों विभागों के बीच केंद्र स्तर पर बातचीत का दौर शुरू हुआ। जिसका नतीजा यह निकला कि रक्षा विभाग के रक्षा संपदा अधिकारी आगरा जल्द ही जनपद दौरे पर आ रहे हैं। उनके द्वारा इस भूमि का निरीक्षण किया जाएगा और विवाद को निपटाने के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों से वार्ता करेंगे।
जनपद में रक्षा विभाग की है करीब 273 एकड़ भूमि
जनपद में रक्षा विभाग की करीब 273 एकड़ भूमि है। जो कि शहर हद अंदर और बाहर अलग-अलग जगह पर स्थित है। सूत्रों के अनुसार जनपद दौरे पर आने पर रक्षा संपदा अधिकारी आगरा रक्षा विभाग की इन जमींन सहित अन्य संपत्तियों का अवलोकन भी करेंगे।
70 हेक्टेयर से अधिक निजी भूमि का हो चुका अधिग्रहण
हवाई अड्डा निर्माण के लिए 91 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। जिसमें अभी तक जिला प्रशासन के द्वारा 70 हेक्टेयर से अधिक भूमि को अधिग्रहित किया जा चुका है। शेष बची भूमि को अधिग्रहित करने की प्रक्रिया तेजी के साथ किया जा रहा है।
हवाई अड्डा परियोजना में नागरिक उड्डयन विभाग व रक्षा विभाग के बीच स्वामित्व को लेकर विवाद चल रहा है। इस विवाद को सुलझाने के लिए रक्षा संपदा अधिकारी आगरा के जल्द ही जनपद दौरे पर आने की संभावना है। वहीं हवाई अड्डा के लिए भूमि अधिग्रहित करने की प्रक्रिया तेजी के साथ चल रही है। - श्याममणि त्रिपाठी, तहसीलदार सदर
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जनपद में करीब दो वर्ष पूर्व केंद्र सरकार की अनुमति के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गल्ला मंडी के पास स्थित हवाई पट्टी को विकसित करते हुए हवाई अड्डे निर्माण की घोषणा की थी। इसके लिए जिला प्रशासन ने हवाई पट्टी और उससे सटे गांव सेवनी में कुल 390 एकड़ भूमि चिन्हित करते हुए शासन को प्रस्ताव भेज दिया। इसके बाद अक्तूबर 2021 से जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण का काम कार्य शुरू कर दिया था।
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निजी भूमि के साथ सरकारी विभागों की जमीन का भी अधिग्रहण शुरू हो गया। लेकिन जैसे ही हवाई पट्टी की भूमि का अधिग्रहण शुरू हुआ, रक्षा विभाग ने इस 78 एकड़ भूमि पर अपना हक जताते हुए अधिग्रहण का कार्य रुकवा दिया था। रक्षा मंत्रालय की ओर से जमीन के बदले जमीन और मुआवजे की मांग की गई। मामला नागरिक उड्डयन विभाग के समक्ष पहुंचा तो उसने इस 78 एकड़ भूमि में से 29 एकड़ भूमि जो कि हवाई पट्टी थी पर अपना हक जताते हुए कागजात पेश कर दिए। इसके बाद इस 29 एकड़ हवाई पट्टी की भूमि का विवाद शुरू हो गया। यह विवाद शासन स्तर पर पहुंचा और दोनों विभागों के अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई। लेकिन नतीजा नहीं निकला। तब यह विवाद राज्य सरकार से केंद्र सरकार के पास पहुंचा।
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हालांकि रक्षा विभाग और नागरिक उड्डयन विभाग के बीच 29 एकड़ भूमि के स्वामित्व को लेकर चल रहे विवाद का असर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर नहीं पड़ा। इस 29 एकड़ भूमि को छोड़कर शेष भूमि का अधिग्रहण जिला प्रशासन के द्वारा किया जाना चालू है। वहीं दोनों विभागों के बीच केंद्र स्तर पर बातचीत का दौर शुरू हुआ। जिसका नतीजा यह निकला कि रक्षा विभाग के रक्षा संपदा अधिकारी आगरा जल्द ही जनपद दौरे पर आ रहे हैं। उनके द्वारा इस भूमि का निरीक्षण किया जाएगा और विवाद को निपटाने के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों से वार्ता करेंगे।
जनपद में रक्षा विभाग की है करीब 273 एकड़ भूमि
जनपद में रक्षा विभाग की करीब 273 एकड़ भूमि है। जो कि शहर हद अंदर और बाहर अलग-अलग जगह पर स्थित है। सूत्रों के अनुसार जनपद दौरे पर आने पर रक्षा संपदा अधिकारी आगरा रक्षा विभाग की इन जमींन सहित अन्य संपत्तियों का अवलोकन भी करेंगे।
70 हेक्टेयर से अधिक निजी भूमि का हो चुका अधिग्रहण
हवाई अड्डा निर्माण के लिए 91 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। जिसमें अभी तक जिला प्रशासन के द्वारा 70 हेक्टेयर से अधिक भूमि को अधिग्रहित किया जा चुका है। शेष बची भूमि को अधिग्रहित करने की प्रक्रिया तेजी के साथ किया जा रहा है।
हवाई अड्डा परियोजना में नागरिक उड्डयन विभाग व रक्षा विभाग के बीच स्वामित्व को लेकर विवाद चल रहा है। इस विवाद को सुलझाने के लिए रक्षा संपदा अधिकारी आगरा के जल्द ही जनपद दौरे पर आने की संभावना है। वहीं हवाई अड्डा के लिए भूमि अधिग्रहित करने की प्रक्रिया तेजी के साथ चल रही है। - श्याममणि त्रिपाठी, तहसीलदार सदर