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खतरनाक रूप ले रहे सड़कों में उभरे छोटे-बड़े गड्ढे
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ललितपुर। मानसून सीजन में खस्ताहाल र्हुइं सड़कों पर उभरे छोटे-बड़े गड्ढे अब खतरनाक रूप लेने लगे हैं। वाहन चालकों को भरे पानी के कारण गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगा पाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। कई बार तो गड्ढों से वाहनों के गुजरते समय कीचड़ राहगीरों पर उछलकर गिरता है, जिससे उनके कपड़े खराब हो जाते हैं।
आमतौर पर सितंबर के दूसरे सप्ताह में बरसात बंद हो जाती है, लेकिन इस बार मानसून सीजन समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। शहर में आए दिन रुक-रुक कर बरसात हो रही है, इससे खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत का कार्य आरंभ नहीं हो पा रहा है। विभिन्न विभागों ने रास्ते को सुगम बनाने के लिए छोटे-बड़े गड्ढों में मौरंग और डस्ट डलवाई, लेकिन बरसात के पानी में बह गई। इस कारण गड्ढों की अस्थाई मरम्मत का विकल्प बेमानी साबित हो रहा है। सबसे ज्यादा खराब हालत कैलगुवां रोड की है। यहां जगह-जगह छोटे-बड़े गड्ढे नजर आ रहे हैं।
नेहरू महाविद्यालय का मार्ग भी गड्ढों में तब्दील हो गया है। पानी की टंकी के पास भरे गए गड्ढे फिर दिखाई देने लगे हैं। मोहल्ला गोविंद नगर की सड़क पर गड्ढों में बरसात का पानी भरा देखा जा सकता है। अन्य मार्गों का भी यही हाल है। वहीं, विदुआ कालोनी की सड़कें तलैया में तब्दील हो गई हैं, जिससे कॉलोनीवासियों को पैदल चलना मुश्किल हो रहा है। सिविल लाइन बसुंधरा कॉलोनी के विभिन्न मार्गों में कीचड़ व बरसात का पानी भरा देखा जा सकता है। नगर पालिका परिषद स्थानीय लोगों को अब तक राहत नहीं पहुंचा पाई है। हालांकि, विभागीय अफसर सड़कों के गड्ढों को भरवाने का दावा कर रहे हैं, लेकिन स्थानीयवासी इन दावों पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं।
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स्कूलों के मार्ग भी नहीं दुरुस्त
शहर के स्कूली मार्ग भी बरसात में सुरक्षित नहीं बच पाए हैं। चाहे वह एसडीएस कान्वेंट स्कूल हो या केंद्रीय विद्यालय का मार्ग, यहां की खस्ताहाल सड़कें बरसात की गवाही दे रही हैं। अब विभाग से लेकर नागरिकों को बरसात थमने का इंतजार है। नागरिकों का मानना है कि जब मानसून साफ होगा, तब ही खराब सड़कों की मरम्मत हो पाएगी।
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14 वें वित्त आयोग में कई सड़कों को निर्माण के लिए शामिल किया गया है। जो सड़कें मरम्मत के लिए शेष रह जाएंगी, उन्हें राज्य वित्त आयोग की धनराशि से निर्मित कराया जाएगा।
- मधुसूदन जायसवाल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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सड़कों पर बने गड्ढों को भराया जा रहा है। मध्य प्रदेश के समीपवर्ती जिलों में अभी बरसात हो रही है, जिसका असर यहां भी देखा जा रहा है। मानसून साफ होते ही सड़कों की मरम्मत कार्य तेजी से कराया जाएगा।
सुबोध कुमार, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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आमतौर पर सितंबर के दूसरे सप्ताह में बरसात बंद हो जाती है, लेकिन इस बार मानसून सीजन समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। शहर में आए दिन रुक-रुक कर बरसात हो रही है, इससे खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत का कार्य आरंभ नहीं हो पा रहा है। विभिन्न विभागों ने रास्ते को सुगम बनाने के लिए छोटे-बड़े गड्ढों में मौरंग और डस्ट डलवाई, लेकिन बरसात के पानी में बह गई। इस कारण गड्ढों की अस्थाई मरम्मत का विकल्प बेमानी साबित हो रहा है। सबसे ज्यादा खराब हालत कैलगुवां रोड की है। यहां जगह-जगह छोटे-बड़े गड्ढे नजर आ रहे हैं।
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नेहरू महाविद्यालय का मार्ग भी गड्ढों में तब्दील हो गया है। पानी की टंकी के पास भरे गए गड्ढे फिर दिखाई देने लगे हैं। मोहल्ला गोविंद नगर की सड़क पर गड्ढों में बरसात का पानी भरा देखा जा सकता है। अन्य मार्गों का भी यही हाल है। वहीं, विदुआ कालोनी की सड़कें तलैया में तब्दील हो गई हैं, जिससे कॉलोनीवासियों को पैदल चलना मुश्किल हो रहा है। सिविल लाइन बसुंधरा कॉलोनी के विभिन्न मार्गों में कीचड़ व बरसात का पानी भरा देखा जा सकता है। नगर पालिका परिषद स्थानीय लोगों को अब तक राहत नहीं पहुंचा पाई है। हालांकि, विभागीय अफसर सड़कों के गड्ढों को भरवाने का दावा कर रहे हैं, लेकिन स्थानीयवासी इन दावों पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं।
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स्कूलों के मार्ग भी नहीं दुरुस्त
शहर के स्कूली मार्ग भी बरसात में सुरक्षित नहीं बच पाए हैं। चाहे वह एसडीएस कान्वेंट स्कूल हो या केंद्रीय विद्यालय का मार्ग, यहां की खस्ताहाल सड़कें बरसात की गवाही दे रही हैं। अब विभाग से लेकर नागरिकों को बरसात थमने का इंतजार है। नागरिकों का मानना है कि जब मानसून साफ होगा, तब ही खराब सड़कों की मरम्मत हो पाएगी।
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14 वें वित्त आयोग में कई सड़कों को निर्माण के लिए शामिल किया गया है। जो सड़कें मरम्मत के लिए शेष रह जाएंगी, उन्हें राज्य वित्त आयोग की धनराशि से निर्मित कराया जाएगा।
- मधुसूदन जायसवाल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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सड़कों पर बने गड्ढों को भराया जा रहा है। मध्य प्रदेश के समीपवर्ती जिलों में अभी बरसात हो रही है, जिसका असर यहां भी देखा जा रहा है। मानसून साफ होते ही सड़कों की मरम्मत कार्य तेजी से कराया जाएगा।
सुबोध कुमार, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग