फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Cyclone Montha dashes farmers' hopes, damages crops

Lalitpur News: मोंथा चक्रवात ने किसानों की उम्मीदों पर फेरा पानी, फसल हुई खराब

Fri, 31 Oct 2025 01:55 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 31 Oct 2025 01:55 AM IST
विज्ञापन
Cyclone Montha dashes farmers' hopes, damages crops
तालबेहट में 50 मिमी हुई बारिश, तापमान में दस डिग्री सेल्सियस की गिरावट
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। चक्रवाती तूफान मोंथा की वजह से जिले में बुधवार की देर रात से शुरू हुई बारिश बृहस्पतिवार को पूरे दिन जारी रही। झोंकेदार हवाओं के साथ बारिश से तापमान में लगभग दस डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटे में तालबेहट में सबसे अधिक 50 मिमी बारिश दर्ज की गई है। बारिश का सर्वाधिक नुकसान किसानों को उठाना पड़ा है। खेत में पानी भर जाने से फसलों को नुकसान पहुंचा है।
इस साल किसानों को बारिश का कहर झेलना पड़ा है। मानसून सीजन के दौरान अधिक बारिश होने से खरीफ सीजन की फसलों पर असर पड़ा था। अब रबी सीजन की फसलों की बोआई के वक्त भी बारिश का सामना करना पड़ रहा है। मानसून की विदाई के बाद भी बारिश दौर समाप्त नहीं हुआ है। अब चक्रवाती तूफान मोंथा के असर से बारिश हो रही है। बुधवार की रात से शुरू हुई बारिश की वजह से कई जगह खेत जलमग्न हो गए हैं। जिन किसानों ने पंद्रह दिन पहले रबी की फसलों की बोआई कर ली थी उनको तो अधिक नुकसान का सामना नहीं करना पड़ा है। हाल ही फसल की बोआई करने वाले किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है।
विज्ञापन

0000000000
खेतों में भरा पानी
बार। ब्लॉक क्षेत्र में रात भर हुई बारिश से खेतों में जलभराव हो गया। खेतों में पानी भरने से एक सप्ताह पहले तक बोई गई दलहन की फसल को अधिक नुकसान है। जबकि गेहूं की बोआई के लिए जो किसान पलेवा कर रहे हैं, उन्हें अब बारिश होने से पलेवा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और यह बारिश इन किसानों के लिए काफी लाभदायक है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

----------
खेतों में जलभराव से फसलों का बीज अंकुरित होने से पहले ही नष्ट हो गया
डोंगराखुर्द। नाराहट क्षेत्र में बीते चार दिन पहले तेज बारिश हुई थी और अब बुधवार की रात और बृहस्पतिवार को सुबह होने वाली बारिश से किसानों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। इससे रबी की फसलों का बीज अंकुरित होने से पहले ही नष्ट हो गया है। अब किसानों को फिर से रबी की फसलों की बोआई करनी पड़ेगी। इससे किसानों को दोगुनी लागत लग जाएगी। वहीं जिन किसानों के खेतों में बीज अंकुरित भी हो जाएगा, तो उनकी उपज अच्छी नहीं हो सकेगी। ऐसे में किसानों के पास दोबारा फसलों की बोआई करने का ही विकल्प बचा हुआ है। संवाद
----------
24 घंटे में हुई बारिश पर एक नजर
तहसील बारिश (मिमी में)
तालबेहट-50
मड़ावरा-19
महरौनी-18
ललितपुर-08
पाली-08
000000000000000
सर्द हवाओं ने कराया सर्दी का अहसास
बारिश के दौरान सर्द हवाएं चलने से लोगों को सर्दी का अहसास करा दिया। रिमझिम बारिश के बीच घर से निकले लोग सुबह तो सामान्य कपड़े पहने थे लेकिन शाम होते ही लोग ने स्वेटर पहन कर बाजार में निकले।
--------
फोटो-22
कैप्नश-संतोष साहू।
पांच एकड़ में चना, हरी मटर की बोआई की थी लेकिन बेमौसम बारिश हो गई। ऐसे में जो बीज खेतों में बोया है, वह अंकुरित नहीं हो पाएगा।
-संतोष साहू, किसान, डोंगराखुर्द।
-------------
फोटो-23
कैप्सन-जगन कुशवाहा।
चना, मटर, मसूर व गेहूं की बोआई हो चुकी है। बोआई के तुरंत बाद बेमौसम बारिश हो रही है। इससे किसानों को फसल नष्ट होने की संभावना के चलते चिंता सता रही है।-जगन कुशवाहा, किसान, डोंगराखुर्द।
------------
फोटो-24
कैप्सन-कैलाश नारायण कुशवाहा।
क्षेत्र में दो दिन से लगातार बारिश हो रही है। इससे किसानों को फसल नुकसान की चिंता सता रही है। यदि और अधिक बारिश होती है तो किसानों की बोई गई फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।-कैलाश नारायण कुशवाहा, किसान, ग्राम बिरधा।
---------
फोटो-25
कैप्सन-लखनलाल पाराशर।
लगातार बारिश होने से किसानों की रबी की बोई गई फसलों को नुकसान हो सकता है। अभी कुछ किसानों की बोनी नहीं हुई है और जिनकी फसलें अंकुरित हो गई हैं,उन्हें अधिक नुकसान हो रहा है।-लखनलाल पाराशर, किसान, ग्राम बिरधा।
--------------
फोटो-26
कैप्सन-सुकमन रैकवार।
इस बारिश से फसलों को फायदा हुआ है। इससे डीजल की बचत हुई है। अस्थाई बिजली कनेक्शन ले रहे थे, लेकिन बारिश होने से ही पलेवा हो गया।
-सुकमन रैकवार, किसान, ग्राम धमना।
----------
फोटो-27
कैप्सन-लखनलाल झा।
दो से तीन दिन पहले तक जिन्होंने गेहूं व जौ की बोआई की है। उन किसानों को इस बारिश से नुकसान हो सकता है। बारिश के कारण खेत की मिट्टी में मोटी परत जम जाती है, जिससे सिंचाई करने में परेशानी होती है। दलहनी फसलों को भी नुकसान की आशंका है।

-लखनलाल झा, किसान, ग्राम धमना।
---------
जहां बोआई हो चुकी है और काली मिट्टी बैठ गई है। वहां फसलों को नुकसान होने की आशंका है और जहां गेहूं की फसलों के लिए पलेवा किया जा रहा है, उन क्षेत्रों में फसल के लिए यह बारिश फायदेमंद है।-डॉ.दिनेश तिवारी, कृषि वैज्ञानिक।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed