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तालबेहट कोतवाल समेत 12 पर रिपोर्ट दर्ज के आदेश
amarujala
Updated Sat, 04 Aug 2018 01:34 AM IST
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police, lalitpur news
- फोटो : demo
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थाना तालबेहट के ग्राम पंचायत टपरियन की क्षेत्रीय पंचायत सदस्य मिथलेश राजा के पति राघवेंद्र राजा का अपहरण कर लूट, धोखाधड़ी, साजिश, कूटरचना करना आदि के मामले में शुक्रवार को फैसला सुनाया गया। अपर सत्र न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम) मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष जेके के भाई गोलू राजा, तालबेहट कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सभाजीत मिश्र व एसएसआई थाना तालबेहट संदीप सिंह समेत 12 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर नियमानुसार विवेचना करने के आदेश जारी किए हैं। टपरियन क्षेत्र पंचायत सदस्य ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी।
थाना तालबेहट अंतर्गत सिविल लाइन निवासी व क्षेत्र पंचायत सदस्य मिथलेश राजा ने अपर सत्र न्यायाधीश को दिए प्रार्थना पत्र में बताया है कि विगत 29 जून 2018 को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे वह अपने पति राघवेंद्र राजा के साथ घर आ रही थी। तभी
बोलाई चौराहे पर उनकेपति को चैनू यादव ने कल्टीवेटर बेचने के 15 हजार रुपये दिए। इसके बाद वह पति के साथ टपरियन के लिए चल आए। तभी रास्ते में रारा तिराहे पर देवी सिंह, गोलू राजा, चंद्रप्रताप, पुष्पेंद्र सिंह, बॉबी राजा, कृष्णपाल उर्फ मंझले राजा, शैलेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह व एक अन्य व्यक्ति ने उसके पति की कार को रोक लिया। पति द्वारा गाड़ी रोकते ही उक्त लोग गालियां देने लगे। पति ने मना किया तो उक्त लोग मारपीट करने लगे। उन्होंने पति को बचाने का प्रयास किया तो मंझले राजा, बॉबी राजा, चंद्रपाल सिंह ने तमंचा निकाला, जिससे वह काफी डर गई।
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इसके बाद प्रभावशाली लोगों ने उनके पति को जबरन गाड़ी में डालकर और उसका मंगलसूत्र छीनकर ले गए। तभी पीछे से आ रहे चैनू यादव व आरिफ खां के साथ वह थाना कोतवाली तालबेहट थाना पहुंचकर प्रार्थना पत्र दिया। जिसके बाद उसे पता चला कि उसके पति को कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों ने पुलिस से मिलकर झूठे मुकदमे में फंसा दिया है। 29 जून 2018 के बाद से उसे उसके पति से नहीं मिलने दिया। 17 जुलाई को उसके पति जब जेल से छूटकर आए तब उन्होंने उसे बताया कि उक्त लोग उनकी हत्या करने के उद्देश्य से अपहरण कर जेके सिंह की फैक्ट्री ले गए थे। आरोप है कि वहां जेके सिंह के भाई गोलू राजा का फोन आने पर देेव सिंह, चंद्रपाल सिंह, शैलेंद्र सिंह, गोलू राजा उसके पति की गाड़ी में डालकर थाने ले आए और पुलिस से मिलकर झूठे मुकदमे में बंद करा दिया। जब उन्होंने इसके संबंध में थाना तालबेहट में प्रार्थना पत्र दिया तो इंस्पेक्टर के द्वारा कुछ लोगों को फोन लगाए गए और उन्हें घर जाने को कहा। पति ने उसे बताया कि उक्त लोगों ने उनसे मोबाइल, सोने की गले की चैन, 15 हजार रुपये भी छीन लिए हैं और पुलिस की मिलीभगत से नकली दस्तावेज तैयार कर उसे झूठे मुकदमे में फंसा दिया है।
20 जुलाई को उसने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यही नहीं उसके पति की गाड़ी का फर्जी चालान भी प्रभारी निरीक्षक द्वारा करते हुए सीज कर दिया। पीड़िता क्षेत्रीय पंचायत सदस्य के प्रार्थना पत्र को गंभीरता से लेते हुए न्यायाधीश ने मामले में ग्राम गुलेंदा निवासी देवी सिंह, तालबेहट निवासी गोलू राजा, ग्राम मऊ निवासी चंद्रप्रताप, पुष्पेंद्र सिंह, ग्राम बिजरौठा निवासी बॉबी राजा, ग्राम बलरगुंवा निवासी कृष्णपाल उर्फ मंझलेराजा, ग्राम हसगंवा निवासी शैलेंद्र सिंह, ग्राम गुलेंदा निवासी देवेंद्र सिंह, ग्राम बोलाइ निवासी गोलूराजा, कोतवाली निरीक्षक थाना तालबेहट सभाजीत मिश्र व एसएसआई संदीप सिंह व एक अन्य के खिलाफ पुलिस को उक्त मामले में रिपोर्ट दर्ज कर नियमानुसार विवेचना के आदेश दिए हैं।
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थाना तालबेहट अंतर्गत सिविल लाइन निवासी व क्षेत्र पंचायत सदस्य मिथलेश राजा ने अपर सत्र न्यायाधीश को दिए प्रार्थना पत्र में बताया है कि विगत 29 जून 2018 को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे वह अपने पति राघवेंद्र राजा के साथ घर आ रही थी। तभी
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बोलाई चौराहे पर उनकेपति को चैनू यादव ने कल्टीवेटर बेचने के 15 हजार रुपये दिए। इसके बाद वह पति के साथ टपरियन के लिए चल आए। तभी रास्ते में रारा तिराहे पर देवी सिंह, गोलू राजा, चंद्रप्रताप, पुष्पेंद्र सिंह, बॉबी राजा, कृष्णपाल उर्फ मंझले राजा, शैलेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह व एक अन्य व्यक्ति ने उसके पति की कार को रोक लिया। पति द्वारा गाड़ी रोकते ही उक्त लोग गालियां देने लगे। पति ने मना किया तो उक्त लोग मारपीट करने लगे। उन्होंने पति को बचाने का प्रयास किया तो मंझले राजा, बॉबी राजा, चंद्रपाल सिंह ने तमंचा निकाला, जिससे वह काफी डर गई।
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इसके बाद प्रभावशाली लोगों ने उनके पति को जबरन गाड़ी में डालकर और उसका मंगलसूत्र छीनकर ले गए। तभी पीछे से आ रहे चैनू यादव व आरिफ खां के साथ वह थाना कोतवाली तालबेहट थाना पहुंचकर प्रार्थना पत्र दिया। जिसके बाद उसे पता चला कि उसके पति को कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों ने पुलिस से मिलकर झूठे मुकदमे में फंसा दिया है। 29 जून 2018 के बाद से उसे उसके पति से नहीं मिलने दिया। 17 जुलाई को उसके पति जब जेल से छूटकर आए तब उन्होंने उसे बताया कि उक्त लोग उनकी हत्या करने के उद्देश्य से अपहरण कर जेके सिंह की फैक्ट्री ले गए थे। आरोप है कि वहां जेके सिंह के भाई गोलू राजा का फोन आने पर देेव सिंह, चंद्रपाल सिंह, शैलेंद्र सिंह, गोलू राजा उसके पति की गाड़ी में डालकर थाने ले आए और पुलिस से मिलकर झूठे मुकदमे में बंद करा दिया। जब उन्होंने इसके संबंध में थाना तालबेहट में प्रार्थना पत्र दिया तो इंस्पेक्टर के द्वारा कुछ लोगों को फोन लगाए गए और उन्हें घर जाने को कहा। पति ने उसे बताया कि उक्त लोगों ने उनसे मोबाइल, सोने की गले की चैन, 15 हजार रुपये भी छीन लिए हैं और पुलिस की मिलीभगत से नकली दस्तावेज तैयार कर उसे झूठे मुकदमे में फंसा दिया है।
20 जुलाई को उसने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यही नहीं उसके पति की गाड़ी का फर्जी चालान भी प्रभारी निरीक्षक द्वारा करते हुए सीज कर दिया। पीड़िता क्षेत्रीय पंचायत सदस्य के प्रार्थना पत्र को गंभीरता से लेते हुए न्यायाधीश ने मामले में ग्राम गुलेंदा निवासी देवी सिंह, तालबेहट निवासी गोलू राजा, ग्राम मऊ निवासी चंद्रप्रताप, पुष्पेंद्र सिंह, ग्राम बिजरौठा निवासी बॉबी राजा, ग्राम बलरगुंवा निवासी कृष्णपाल उर्फ मंझलेराजा, ग्राम हसगंवा निवासी शैलेंद्र सिंह, ग्राम गुलेंदा निवासी देवेंद्र सिंह, ग्राम बोलाइ निवासी गोलूराजा, कोतवाली निरीक्षक थाना तालबेहट सभाजीत मिश्र व एसएसआई संदीप सिंह व एक अन्य के खिलाफ पुलिस को उक्त मामले में रिपोर्ट दर्ज कर नियमानुसार विवेचना के आदेश दिए हैं।