{"_id":"71729efaed48f59896d3d342bdcf0ed4","slug":"rural-life-was-hanging-by-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रामीण ने फांसी लगाकर दी जान","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ग्रामीण ने फांसी लगाकर दी जान
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Fri, 26 Jun 2015 12:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सुखराम दोपहर बारह बजे अपनी पत्नी से खेत पर जाने की बात कहकर निकला था। रात आठ बजे तक वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने तलाश शुरू की। रात लगभग साढ़े नौ बजे उसका शव खेत में लगे पेड़ पर लटका पाया गया। परिजनों का कहना है कि सुखराम ने दस वर्ष पूर्व सैदपुर के एक सेठ के नाम पांच एकड़ भूमि का तीन साल का अनुबंध करके एक लाख रुपये उधार लिए थे। पांच वर्ष बाद वह एक लाख रुपया सेठ को लौटा पाया, लेकिन ब्याज की धनराशि अदा न करने पर सेठ ने उसकी जमीन से कब्जा नहीं छोड़ा। इसके बाद सुखराम ने अदालत में मुकदमा दायर कर दिया। एक महीने पहले वह अदालत में मुकदमा भी हार गया था, जिसके चलते मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। परिजनों ने आशंका जताई है कि इसी कारण सुखराम ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।