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ग्रामीण ने फांसी लगाकर दी जान
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Fri, 26 Jun 2015 12:56 AM IST
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सुखराम दोपहर बारह बजे अपनी पत्नी से खेत पर जाने की बात कहकर निकला था। रात आठ बजे तक वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने तलाश शुरू की। रात लगभग साढ़े नौ बजे उसका शव खेत में लगे पेड़ पर लटका पाया गया। परिजनों का कहना है कि सुखराम ने दस वर्ष पूर्व सैदपुर के एक सेठ के नाम पांच एकड़ भूमि का तीन साल का अनुबंध करके एक लाख रुपये उधार लिए थे। पांच वर्ष बाद वह एक लाख रुपया सेठ को लौटा पाया, लेकिन ब्याज की धनराशि अदा न करने पर सेठ ने उसकी जमीन से कब्जा नहीं छोड़ा। इसके बाद सुखराम ने अदालत में मुकदमा दायर कर दिया। एक महीने पहले वह अदालत में मुकदमा भी हार गया था, जिसके चलते मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। परिजनों ने आशंका जताई है कि इसी कारण सुखराम ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।