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वर्षों से चोरों के निशाने पर रहे हैं प्राचीन मंदिर

Sun, 06 Nov 2016 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 06 Nov 2016 12:38 AM IST
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Ancient temple over the years been the target of thieves
thiefing, case, lalitpur news - फोटो : demo
जनपद में वर्षों से बेशकीमती प्राचीन मूर्तियां चोरों के निशाने पर रही हैं। यहां गुप्तकालीन और चंदेलकालीन बेशकीमती मूर्तियों की बहुतायत है। लेकिन, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत न होने के कारण अकसर मूर्तियों की चोरी होती रही है। हर बार घटना के बाद लोगों का आक्रोश देख पुलिस ने खुलासे का आश्वासन देकर शांत करा दिया, लेकिन सुरक्षा बहुत हद तक ठीक नहीं हो सकी। 
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मुहल्ला चौबयाना स्थित तुलसीदास बाबा घाट मंदिर में अष्टधातु की मूर्तियों की चोरी का यह कोई पहला मौका नहीं है। इससे पहले भी जनपद के प्रसिद्ध और अति प्राचीन मंदिरों से बेशकीमती मूर्तियों चुराई जा चुकी हैं। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 1889 में जाखलौन स्थित प्रसिद्ध रणछोर मंदिर से बारह सौ वर्ष पुरानी बेशकीमती मूर्तियां चोरी हुई थीं। अति प्राचीन पाषाण प्रतिमाओं में भगवान विष्णु, श्रीकृष्ण और सुभद्रा की मूर्तियां थीं। इसी तरह देवगढ़ में स्थित अति प्राचीन मंदिर से वर्ष 1992 आठ सौ वर्ष पुरानी पाषाण नवराह प्रतिमा को चोरों ने चुरा लिया था। इन घटनाओं के बाद लोगों में गुस्सा रहा। मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई। लेकिन, बहुत सुधार नहीं हो सका। इसके चलते चोरों के हौसले बढ़ते गए। यही वजह है कि भगवान का घर भी आज तक सुरक्षित नहीं हो सका है। इस घटना के बाद एक बार फिर से क्षेत्रवासियों ने मंदिरों की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई है।  
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इन मंदिरों से भी चुराई गईं अति प्राचीन मूर्तियां
1- वर्ष 1993  में बार अंतर्गत ग्राम चिगलौआ से भगवान विष्णु व कार्तिकेय की एक हजार वर्ष पुरानी मूर्ति चोरी।
2-  वर्ष 2007 में  अटा मंदिर से जैन तीर्थंकर की मूर्तियां चोरी।
3-  वर्ष 2007 बार अंतर्गत ग्राम चिगलौआ की मूर्तियां दोबारा चोरी।
4- वर्ष 2008 पाली क्षेत्र से प्राचीन दूल्हा राजा की पाषाण प्रतिमा चोरी।
5- वर्ष 2009 बार के चंदेलकालीन जैन मंदिर से शांतिनाथ, आदिनाथ व महावीर की धातु निर्मित मूर्तियों की चोरी।
6- वर्ष 2010 देवगढ़ क्षेत्र से यक्षी लक्ष्मी की प्राचीन पाषाण प्रतिमा की चोरी।
7- वर्ष 2010 में बानपुर जैन मंदिर से जैन आराध्य देवों की प्रतिमाओं की चोरी।
08-  वर्ष 2011 में सौजना स्थित जैन मंदिर से जैन आराध्य देवों की प्रतिमाओं की चोरी।
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