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बंदी रक्षक के जेलर पर लगाया उत्पीड़न का आरोप
amarujala
Updated Thu, 13 Jul 2017 01:14 AM IST
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jail
- फोटो : demo
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ललितपुर। जिला कारागार में तैनात एक बंदी रक्षक ने जेलर पर मानसिक उत्पीड़न करने और फर्जी मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने डीएम को शिकायती पत्र देकर जेलर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराने और उस पर दर्ज कराए गए फर्जी मुकदमे की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
जिला कारागार में बंदी रक्षक के पद पर तैनात प्रेमबाबू तिवारी ने डीएम मानवेंद्र सिंह को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 09 जून को उसकी बहन का निधन हो गया था। आरोप है कि जब वह अपनी बहन की गमी में जाने के लिए जेलर के पास अवकाश लेने के लिए लिखित प्रार्थना पत्र देकर पहुंचा तो जेलर ने अवकाश देने से मना कर दिया और अपमानित कर भगा दिया। यहीं नहीं पीड़ित का आरोप है जब पीड़ित कुछ दिन बाद 20 जून को अपनी बहन की तेरहवीं में शामिल होने के लिए दोबारा अवकाश की अनुमति लेने के लिए शाम करीब साढ़े 6 बजे जेलर के पास पहुंचा तो अवकाश नहीं। बंदी रक्षक ने यह भी बताया कि जेलर ने उसको फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी, जिसके क्रम में जेलर द्वारा विगत रोज उसके खिलाफ हरिजन एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया है। पीड़ित ने डीएम से मांग की है कि जेलर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराई जाए और साथ ही उसके खिलाफ लिखाए गए फर्जी मुकदमे की निष्पक्ष जांच कराई जाए। पीड़ित ने जिलाधिकारी समेत पुलिस उपमहानिरीक्षक झांसी, उपमहानिरीक्षक कारागार कानपुर व महानिरीक्षक कारागार लखनऊ को भी शिकायती पत्र भेजा है।
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जिला कारागार में बंदी रक्षक के पद पर तैनात प्रेमबाबू तिवारी ने डीएम मानवेंद्र सिंह को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 09 जून को उसकी बहन का निधन हो गया था। आरोप है कि जब वह अपनी बहन की गमी में जाने के लिए जेलर के पास अवकाश लेने के लिए लिखित प्रार्थना पत्र देकर पहुंचा तो जेलर ने अवकाश देने से मना कर दिया और अपमानित कर भगा दिया। यहीं नहीं पीड़ित का आरोप है जब पीड़ित कुछ दिन बाद 20 जून को अपनी बहन की तेरहवीं में शामिल होने के लिए दोबारा अवकाश की अनुमति लेने के लिए शाम करीब साढ़े 6 बजे जेलर के पास पहुंचा तो अवकाश नहीं। बंदी रक्षक ने यह भी बताया कि जेलर ने उसको फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी, जिसके क्रम में जेलर द्वारा विगत रोज उसके खिलाफ हरिजन एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया है। पीड़ित ने डीएम से मांग की है कि जेलर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराई जाए और साथ ही उसके खिलाफ लिखाए गए फर्जी मुकदमे की निष्पक्ष जांच कराई जाए। पीड़ित ने जिलाधिकारी समेत पुलिस उपमहानिरीक्षक झांसी, उपमहानिरीक्षक कारागार कानपुर व महानिरीक्षक कारागार लखनऊ को भी शिकायती पत्र भेजा है।
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