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हाइवे पर भू माफिया खुलेआम नष्ट कर रहे हरे पेड़ पौधे
Updated Sat, 18 Nov 2017 01:54 AM IST
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हाइवे पर भू माफिया खुलेआम नष्ट कर रहे हरे पेड़ पौधे
ललितपुर। शहर के भीतर विभिन्न इलाकों में अवैध कालोनियां व बस्ती बसाने के बाद अब भूमाफिया द्वारा नेशनल हाइवे पर हरित पट्टी में स्थित जमीन पर प्लाटिंग करके अवैधानिक तरीके से भवनों का निर्माण कराना शुरू हो गया है। इसके लिए हरित पट्टी में लगे पुराने हरे भरे पेड़-पौधों को खुलेआम व बेखौफ होकर नष्ट किया जा रहा है। इससे नियमों का उल्लंघन तो हो ही रहा है साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है।
जिला प्रशासन और नियत प्राधिकरण विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते नेशनल हाइवे पर नवीन गल्ला मंडी के पीछे से गोविंद सागर बांध तिराहे तक हाइवे के दोनों ओर काफी तेजी से आवासीय व कामर्शियल भवनों का निर्माण हो गया है और निर्माण कार्य जारी भी है। इसमें हरित पट्टियों पर भी नियमों और पर्यावरण को दरकिनार करते हुए बिना किसी अनुमति व मानचित्र स्वीकृति कराए ही अवैध तरीके से भवनों का निर्माण हो गया है। वर्तमान में इसी तरह भवनों के निर्माण के लिए कई जगहों पर प्लाटिंग की जा रही है और कहीं कहीं प्लाटिंग की तैयारी की जा रही है। हाइवे पर खिरकापुरा से गल्ला मंडी की ओर जाने वाले मार्ग पर ब्याना नाला पुल के बगल में ही प्लाटिंग करने की तैयारी की जा रही है। नाले के बगल में काफी बड़े इलाके में लगे हरे-भरे पुराने पेड़ों को भूस्वामी वन विभाग या फिर जिला प्रशासन से बिना कोई अनुमति लिए ही काफी बड़े स्तर पर नष्ट कर रहे हैं। वर्तमान में ही पेड़ों को नष्ट करने का काम किया जा रहा है। पेड़ों को जेसीबी मशीन से खुलेआम उखाड़ा जा रहा है, ऐसा करने वालों को प्रशासन का कोई खौफ नहीं है। कहीं न कहीं प्रशासन की उदासीनता का फायदा उठाया जा रहा है। इसी तरह पूर्व में हाइवे के किनारे ही कई जगहों पर बड़े-बड़े बागों को नष्ट कर दिया गया है और जिम्मेदार अधिकारी निष्क्रिय बने हुए हैं। यदि इसी तरह हरित पट्टी पर अवैध निर्माण होते रहे और पेड़-पौधों नष्ट होते रहे तो आने वाले दिनों में जन समस्या खड़ी हो सकती है।
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इनका कहना है
मामला संज्ञान में आया है, जांच कर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
-गणेश प्रसाद शुक्ला
वन रेंजर, ललितपुर।
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ललितपुर। शहर के भीतर विभिन्न इलाकों में अवैध कालोनियां व बस्ती बसाने के बाद अब भूमाफिया द्वारा नेशनल हाइवे पर हरित पट्टी में स्थित जमीन पर प्लाटिंग करके अवैधानिक तरीके से भवनों का निर्माण कराना शुरू हो गया है। इसके लिए हरित पट्टी में लगे पुराने हरे भरे पेड़-पौधों को खुलेआम व बेखौफ होकर नष्ट किया जा रहा है। इससे नियमों का उल्लंघन तो हो ही रहा है साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है।
जिला प्रशासन और नियत प्राधिकरण विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते नेशनल हाइवे पर नवीन गल्ला मंडी के पीछे से गोविंद सागर बांध तिराहे तक हाइवे के दोनों ओर काफी तेजी से आवासीय व कामर्शियल भवनों का निर्माण हो गया है और निर्माण कार्य जारी भी है। इसमें हरित पट्टियों पर भी नियमों और पर्यावरण को दरकिनार करते हुए बिना किसी अनुमति व मानचित्र स्वीकृति कराए ही अवैध तरीके से भवनों का निर्माण हो गया है। वर्तमान में इसी तरह भवनों के निर्माण के लिए कई जगहों पर प्लाटिंग की जा रही है और कहीं कहीं प्लाटिंग की तैयारी की जा रही है। हाइवे पर खिरकापुरा से गल्ला मंडी की ओर जाने वाले मार्ग पर ब्याना नाला पुल के बगल में ही प्लाटिंग करने की तैयारी की जा रही है। नाले के बगल में काफी बड़े इलाके में लगे हरे-भरे पुराने पेड़ों को भूस्वामी वन विभाग या फिर जिला प्रशासन से बिना कोई अनुमति लिए ही काफी बड़े स्तर पर नष्ट कर रहे हैं। वर्तमान में ही पेड़ों को नष्ट करने का काम किया जा रहा है। पेड़ों को जेसीबी मशीन से खुलेआम उखाड़ा जा रहा है, ऐसा करने वालों को प्रशासन का कोई खौफ नहीं है। कहीं न कहीं प्रशासन की उदासीनता का फायदा उठाया जा रहा है। इसी तरह पूर्व में हाइवे के किनारे ही कई जगहों पर बड़े-बड़े बागों को नष्ट कर दिया गया है और जिम्मेदार अधिकारी निष्क्रिय बने हुए हैं। यदि इसी तरह हरित पट्टी पर अवैध निर्माण होते रहे और पेड़-पौधों नष्ट होते रहे तो आने वाले दिनों में जन समस्या खड़ी हो सकती है।
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इनका कहना है
मामला संज्ञान में आया है, जांच कर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
-गणेश प्रसाद शुक्ला
वन रेंजर, ललितपुर।