फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   आत्मूहत्या को उकसाने में दो सगे भाईयों को सात-सात वर्ष की सजा

आत्मूहत्या को उकसाने में दो सगे भाईयों को सात-सात वर्ष की सजा

Sat, 17 Feb 2018 02:28 AM IST
Updated Sat, 17 Feb 2018 02:28 AM IST
विज्ञापन
आत्मूहत्या को उकसाने में दो सगे भाईयों को सात-सात वर्ष की सजा
आत्महत्या को उकसाने में दो को सात-सात वर्ष की सजा
विज्ञापन

ललितपुर। अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम) मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने थाना बानपुर अंतर्गत ग्राम खिरिया छतारा में आत्महत्या के लिए उकसाने के पांच वर्ष पुराने एक मामले में गांव के ही दो सगे भाईयों को दोषी पाते हुए सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास और दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर एक-एक वर्ष का साधारण कारावास की सजा सुनाई है।

सहायक शासकीय अधिवक्ता लखनलाल यादव ने बताया कि पांच वर्ष पूर्व थाना बानपुर अंतर्गत ग्राम खिरिया छतारा निवासी एक महिला ने न्यायिक मजिस्ट्रेट महरौनी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया था कि उसका पति निरभू घर से खेत पर नाला के पास पानी लगाने के लिए 16 जनवरी 2013 की शाम को गया था। लेकिन, रात को घर वापस नहीं लौटा। इस पर वह अपनी सास व अन्य परिजनों के साथ खेत पर गए और रात करीब 12 बजे खेत के पास नाला पर चिरौल के पेड़ पर उसके पति निरभू का शव लटका पाया। रस्सी से शव लटक रहा था, जिसे देख वह चिल्लाई तो आसपास के लोग भागकर मौके पर पहुंच गए। रामदयाल, मुन्नी, मुलायम, सुल्तान, मुकेश मौजूद थे। चूंकि उक्त घटना के एक दिन पहले उपरोक्त सभी आरोपियों ने निरभू को जान से मारने की धमकी दी थी, क्योंकि पीड़ित के साथ रामदयाल ने अश्लील हरकत की थी और निरभू ने उसे उलाहना दिया था। इस पर उक्त सभी लोगों ने यह धमकी दी थी कि पीड़ित को रामदयाल के साथ ही रहना पड़ेगा, चाहे निरभू की हत्या क्यों न करना पड़े और वह उसे जबरन अपनी पत्नी बनाकर रखना चाहता था, क्योंकि रामदयाल की पत्नी मर गई थी। उक्त सभी लोगों ने षड़यंत्र कर निरभू की हत्या कर दी है। बानपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था, इसके चलते उसे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी थी, जिस पर न्यायिक मजिस्ट्रेट महरौनी के आदेश पर उक्त मामला पंजीकृत किया गया था। उक्त मामले में पुलिस ने विवेचना करने के बाद दो अभियुक्तों रामदयाल और मुलायम के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। शुक्रवार को न्यायाधीश ने सुनवाई के दौरान उक्त मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर रामदयाल और मुलायम को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में दोषी पाते हुए सात-सात वर्ष के कठोर कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed