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क्राइम: बंधक बनाकर रंगदारी मांगने और मारपीट का आरोप
Updated Thu, 19 Apr 2018 02:32 AM IST
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बंधक बनाकर रंगदारी मांगने और मारपीट का आरोप
ललितपुर। शहर कोतवाली अंतर्गत सदनशाह निवासी इमरान मंसूरी ने एक युवक पर भाई से रंगदारी मांगने और न देने पर राज्यमंत्री के कार्यालय पर बुलाकर मारपीट करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने एसपी को शिकायतीपत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
सदनशाह निवासी इमरान मंसूरी पुत्र इमाम खां ने पुलिस अधीक्षक को शिकायतीपत्र सौंपकर बताया कि नौ अप्रैल की सुबह करीब ग्यारह बजे भाई इरफान के पास एक नंबर से फोन आया और राज्यमंत्री के कार्यालय पर आने के लिए कहा। जब वहां पहुंचा तो वहां अपने आपको राज्यमंत्री का रिस्तेदार बताने वाले एक युवक और एस के चार साथी पीड़ित को कार्यालय क ी पहली मंजिल पर ले गया। जहां आरोपियों ने बंधक बनाकर 25 हजार रुपये की मांग की। इस पर भाई ने दस हजार रुपये मंगवाकर आरोपियों को दिए। बचे हुए रुपये एक हफ्ते में देने की बात कहकर मुक्त कर दिया। इसके बाद 14 अप्रैल को आरोपियों ने फिर फोन कर गाली-गलौज शुरू करते हुए रुपयों की मांग शुरू कर दी। न देने पर झूठे मुकदमे में फंसाने और अपाहिज बनाने की धमकी दे डाली। इसके उपरांत 15 अप्रैल की शाम साढ़े पांच बजे इरफान की दुकान पर उक्त आरोपी आ धमके और बचे हुए रंगदारी के रुपयों की मांग करने लगे। इस पर इरफान ने आरोपियों को मजबूरी में रुपये दे दिए।
-
वर्जन
मामला झूठा और निराधार है। आरोप लगाने वाले युवक ने खुद एक संगीन अपराध किया है और उससे बचने के लिए अनर्गल आरोप लगाए गए हैं। आरोपी युवक ने एक व्यक्ति के रुपये छीने थे, जिसे वापस करवाने के लिए कहा गया था।
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मनोहर लाल पंथ, श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री
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ललितपुर। शहर कोतवाली अंतर्गत सदनशाह निवासी इमरान मंसूरी ने एक युवक पर भाई से रंगदारी मांगने और न देने पर राज्यमंत्री के कार्यालय पर बुलाकर मारपीट करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने एसपी को शिकायतीपत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
सदनशाह निवासी इमरान मंसूरी पुत्र इमाम खां ने पुलिस अधीक्षक को शिकायतीपत्र सौंपकर बताया कि नौ अप्रैल की सुबह करीब ग्यारह बजे भाई इरफान के पास एक नंबर से फोन आया और राज्यमंत्री के कार्यालय पर आने के लिए कहा। जब वहां पहुंचा तो वहां अपने आपको राज्यमंत्री का रिस्तेदार बताने वाले एक युवक और एस के चार साथी पीड़ित को कार्यालय क ी पहली मंजिल पर ले गया। जहां आरोपियों ने बंधक बनाकर 25 हजार रुपये की मांग की। इस पर भाई ने दस हजार रुपये मंगवाकर आरोपियों को दिए। बचे हुए रुपये एक हफ्ते में देने की बात कहकर मुक्त कर दिया। इसके बाद 14 अप्रैल को आरोपियों ने फिर फोन कर गाली-गलौज शुरू करते हुए रुपयों की मांग शुरू कर दी। न देने पर झूठे मुकदमे में फंसाने और अपाहिज बनाने की धमकी दे डाली। इसके उपरांत 15 अप्रैल की शाम साढ़े पांच बजे इरफान की दुकान पर उक्त आरोपी आ धमके और बचे हुए रंगदारी के रुपयों की मांग करने लगे। इस पर इरफान ने आरोपियों को मजबूरी में रुपये दे दिए।
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मामला झूठा और निराधार है। आरोप लगाने वाले युवक ने खुद एक संगीन अपराध किया है और उससे बचने के लिए अनर्गल आरोप लगाए गए हैं। आरोपी युवक ने एक व्यक्ति के रुपये छीने थे, जिसे वापस करवाने के लिए कहा गया था।
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मनोहर लाल पंथ, श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री