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अवैध खनन रोकने में नाकाम हो रहा वन विभाग
Updated Wed, 25 Jul 2018 01:52 AM IST
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अवैध खनन रोकने में नाकाम हो रहा वन विभाग
ललितपुर। इन दिनों ललितपुर व तालबेहट वन क्षेत्र खनन कारोबारियों के लिए मुफीद स्थल बन गया है। जहां तालबेहट क्षेत्र में बालू का खनन हो रहा है। वहीं, पत्थर, बोल्डर का खनन ललितपुर क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहा है। जिसे वन कर्मी रोकने में नाकाम हो रहे हैं। 74 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फैले वन क्षेत्र में पौधरोपण का काम शुरू हो गया है। इसमें वन कर्मियों की व्यस्तता के चलते खनन कारोबारी सक्रिय हो गए हैं। तालबेहट वन क्षेत्र के सुनौरी, सरखड़ी, खांदी, पिपरई सहित अनेक क्षेत्रों में बालू खनन का कार्य जोरों पर चल रहा है। वहीं, ललितपुर वन क्षेत्र के रमपुरा में पत्थर, बोल्डर निकालने का काम बेखौफ हो रहा है। मामला यही तक नहीं हैं, अतिक्रमणकारी भी मौज काट रहे हैं। कइयों ने वन भूमि को कृषि कार्य के उपयुक्त बनाना शुरू कर दिया है। विभागीय कर्मी कारोबारियों पर कार्रवाई करने की जगह इस मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि खनन कार्य ग्राम सभा क्षेत्र में हो रहा है, इससे वन विभाग का कोई लेना देना नहीं है। इससे खनन पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
फोर्स की कमी से नहीं हो पा रही कार्रवाई
खनन कार्य पर अंकुश लगाने के लिए पर्याप्त पुलिस फोर्स की जरूरत है। लेकिन, उन्हें इस कमी से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने माना कि कई जगहों से खनन की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं।
गणेश प्रसाद शुक्ला, ललितपुर व तालबेहट वन रेंजर
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ललितपुर। इन दिनों ललितपुर व तालबेहट वन क्षेत्र खनन कारोबारियों के लिए मुफीद स्थल बन गया है। जहां तालबेहट क्षेत्र में बालू का खनन हो रहा है। वहीं, पत्थर, बोल्डर का खनन ललितपुर क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहा है। जिसे वन कर्मी रोकने में नाकाम हो रहे हैं। 74 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फैले वन क्षेत्र में पौधरोपण का काम शुरू हो गया है। इसमें वन कर्मियों की व्यस्तता के चलते खनन कारोबारी सक्रिय हो गए हैं। तालबेहट वन क्षेत्र के सुनौरी, सरखड़ी, खांदी, पिपरई सहित अनेक क्षेत्रों में बालू खनन का कार्य जोरों पर चल रहा है। वहीं, ललितपुर वन क्षेत्र के रमपुरा में पत्थर, बोल्डर निकालने का काम बेखौफ हो रहा है। मामला यही तक नहीं हैं, अतिक्रमणकारी भी मौज काट रहे हैं। कइयों ने वन भूमि को कृषि कार्य के उपयुक्त बनाना शुरू कर दिया है। विभागीय कर्मी कारोबारियों पर कार्रवाई करने की जगह इस मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि खनन कार्य ग्राम सभा क्षेत्र में हो रहा है, इससे वन विभाग का कोई लेना देना नहीं है। इससे खनन पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
फोर्स की कमी से नहीं हो पा रही कार्रवाई
खनन कार्य पर अंकुश लगाने के लिए पर्याप्त पुलिस फोर्स की जरूरत है। लेकिन, उन्हें इस कमी से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने माना कि कई जगहों से खनन की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं।
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गणेश प्रसाद शुक्ला, ललितपुर व तालबेहट वन रेंजर