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फसल के अवशेष जलाने वाले 299 किसान हुए चिह्नित
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फसल के अवशेष जलाने वाले 299 किसान चिह्नित
ललितपुर। खेतों में फसल काटने के बाद शेष बचे अवशेषों को जलाने वाले किसान चिह्नित किए जा रहे हैं। अब तक 299 किसान चिह्नित हो चुके हैं। अब इन्हें प्रशासन नोटिस जारी कर रहा है। लेकिन, इसके बाद भी फसल के अवशेषों में आग लगाने की घटनाएं कम नहीं हो रहीं हैं। इसका खामियाजा आम लोगों को दुर्घटनाओं की चपेट में आकर भुगतना पड़ रहा है।
खेत की मिट्टी में कई लाभकारी जीवाणु होते हैं, जो फसलों के लिए लाभकारी होते हैं और जमीन की उर्वरा शक्ति को बढ़ाते हैं। इसलिए आदेश है कि खेतों में खड़े फसल अवशेष को जलाया न जाए, बल्कि गहरी जुताई कर उन्हें मिट्टी में दफन कर दिया जाए, जिससे खेत की उर्वरा शक्ति और बढ़ जाएगी। लेकिन, इसके बाद भी जिले में खेत में खड़ी फसलों के अवशेष जलाने की घटनाएं कम नहीं हो रही हैं। अवशेषों को खेत में जलाने से फसल के लिए लाभकारी जीवाणु नष्ट हो जाते हैं, जिसका असर अगली फसल पर पड़ता है। उनमें नुकसानदायक कीट के प्रकोप का खतरा बढ़ जाता है और आग लगने की घटनाएं भी होती हैं।
कई किसान अपने खेतों में खड़े अवशेषों के आग लगा रहे हैं। बीते दिनों खेतों में गेहूं की फसल की कटाई की गई थी। कई किसानों ने खेत में हार्वेस्टर से फसल की कटाई कराने के बाद अब फसल के अवशेषों को जलाया जा रहा है, जबकि अवशेष जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसलिए ऐसे किसान चिह्नित किए जा रहे हैं, जो फसल के अवशेषों में आग लगा देते हैं।
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अब तब 300 किसान चिह्नित हो चुके हैं, जिन्हें नोटिस भेजकर कार्रवाई की रही है। सदर तहसील में 28 किसानों को चिह्नित किया गया है और एक किसान से ढाई हजार रुपये का जुर्माना भी वसूला गया है। मड़ावरा तहसील में 44 किसान, तालबेहट तहसील में 12 किसान और तहसील महरौनी में 176 किसानों को चिह्नित किया गया है, जिन्हें नोटिस भेजा गया है। इनमें से महरौनी के 20 किसानों से जुर्माना वसूला गया है।
ये है जुर्माना राशि
दो एकड़ की फसल अवशेष जलाने पर ढाई हजार रुपये जुर्माना, पांच एकड़ तक फसल अवशेष जलाने पर पांच हजार रुपये जुर्माना और पांच एकड़ से अधिक फसल अवशेष जलाने पर 15 हजार रुपये जुर्माना का प्रावधान है।
आगजनी से हो चुकी कई घटनाएं
जिले में फसल के अवशेषों में आग लगने से कई दुर्घटनाएं हो चुकीं है। इनमें जनहानि तक हो चुकी है। बीते सोमवार को थाना महरौनी के अंतर्गत ग्राम मिदरवाहा निवासी किसान मुल्ले (70) पुत्र हल्के के खेत में आग लग जाने से खेत में रखा भूसा जला रहा था, जिसे बचाने के चक्कर में उसकी आग से झुलस कर मौत हो गई थी। इसी तरह महरौनी में खेत में आग लगने से एक मकान में रखा सामान जलकर राख हो गया था। शनिवार को थाना महरौनी अंतर्गत ग्राम चौकी दिगवार निवासी मुन्नालाल पुत्र रखू कुशवाहा दोपहर को अपने खेत पर बने टपरा में सो रहा था। इसी दौरान खेत से टपरे में आग लगने के कारण झुलस गया था।
फसलों में आग लगाने वाले किसानों को चिह्नित किया जा रहा है। उन्हें नोटिस भेजकर जुर्माना वसूला जा रहा है।
- राजेंद्र बहादुर, सदर तहसीलदार
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ललितपुर। खेतों में फसल काटने के बाद शेष बचे अवशेषों को जलाने वाले किसान चिह्नित किए जा रहे हैं। अब तक 299 किसान चिह्नित हो चुके हैं। अब इन्हें प्रशासन नोटिस जारी कर रहा है। लेकिन, इसके बाद भी फसल के अवशेषों में आग लगाने की घटनाएं कम नहीं हो रहीं हैं। इसका खामियाजा आम लोगों को दुर्घटनाओं की चपेट में आकर भुगतना पड़ रहा है।
खेत की मिट्टी में कई लाभकारी जीवाणु होते हैं, जो फसलों के लिए लाभकारी होते हैं और जमीन की उर्वरा शक्ति को बढ़ाते हैं। इसलिए आदेश है कि खेतों में खड़े फसल अवशेष को जलाया न जाए, बल्कि गहरी जुताई कर उन्हें मिट्टी में दफन कर दिया जाए, जिससे खेत की उर्वरा शक्ति और बढ़ जाएगी। लेकिन, इसके बाद भी जिले में खेत में खड़ी फसलों के अवशेष जलाने की घटनाएं कम नहीं हो रही हैं। अवशेषों को खेत में जलाने से फसल के लिए लाभकारी जीवाणु नष्ट हो जाते हैं, जिसका असर अगली फसल पर पड़ता है। उनमें नुकसानदायक कीट के प्रकोप का खतरा बढ़ जाता है और आग लगने की घटनाएं भी होती हैं।
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कई किसान अपने खेतों में खड़े अवशेषों के आग लगा रहे हैं। बीते दिनों खेतों में गेहूं की फसल की कटाई की गई थी। कई किसानों ने खेत में हार्वेस्टर से फसल की कटाई कराने के बाद अब फसल के अवशेषों को जलाया जा रहा है, जबकि अवशेष जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसलिए ऐसे किसान चिह्नित किए जा रहे हैं, जो फसल के अवशेषों में आग लगा देते हैं।
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अब तब 300 किसान चिह्नित हो चुके हैं, जिन्हें नोटिस भेजकर कार्रवाई की रही है। सदर तहसील में 28 किसानों को चिह्नित किया गया है और एक किसान से ढाई हजार रुपये का जुर्माना भी वसूला गया है। मड़ावरा तहसील में 44 किसान, तालबेहट तहसील में 12 किसान और तहसील महरौनी में 176 किसानों को चिह्नित किया गया है, जिन्हें नोटिस भेजा गया है। इनमें से महरौनी के 20 किसानों से जुर्माना वसूला गया है।
ये है जुर्माना राशि
दो एकड़ की फसल अवशेष जलाने पर ढाई हजार रुपये जुर्माना, पांच एकड़ तक फसल अवशेष जलाने पर पांच हजार रुपये जुर्माना और पांच एकड़ से अधिक फसल अवशेष जलाने पर 15 हजार रुपये जुर्माना का प्रावधान है।
आगजनी से हो चुकी कई घटनाएं
जिले में फसल के अवशेषों में आग लगने से कई दुर्घटनाएं हो चुकीं है। इनमें जनहानि तक हो चुकी है। बीते सोमवार को थाना महरौनी के अंतर्गत ग्राम मिदरवाहा निवासी किसान मुल्ले (70) पुत्र हल्के के खेत में आग लग जाने से खेत में रखा भूसा जला रहा था, जिसे बचाने के चक्कर में उसकी आग से झुलस कर मौत हो गई थी। इसी तरह महरौनी में खेत में आग लगने से एक मकान में रखा सामान जलकर राख हो गया था। शनिवार को थाना महरौनी अंतर्गत ग्राम चौकी दिगवार निवासी मुन्नालाल पुत्र रखू कुशवाहा दोपहर को अपने खेत पर बने टपरा में सो रहा था। इसी दौरान खेत से टपरे में आग लगने के कारण झुलस गया था।
फसलों में आग लगाने वाले किसानों को चिह्नित किया जा रहा है। उन्हें नोटिस भेजकर जुर्माना वसूला जा रहा है।
- राजेंद्र बहादुर, सदर तहसीलदार