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बीएसए ने थमाया बीईओ मड़ावरा को कारण बताओ नोटिस
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बीईओ मड़ावरा को कारण बताओ नोटिस
ललितपुर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारी मड़ावरा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उनसे चार बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है।
मड़ावरा ब्लॉक जिले का दूरदराज क्षेत्र है। जिस वजह से आला अधिकारी इस क्षेत्र पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते हैं। इस बात को ध्यान में रखकर नौ मई को ग्राम पंचायत नाराहट में चौपाल लगाकर विभागीय कार्यों की समीक्षा व विकास कार्यों का सत्यापन किया था। इस दौरान विद्यालयों में कई कमियां पाई गई थी। इस पर बीएसए मनोज कुमार वर्मा ने खंड शिक्षा अधिकारी मड़ावरा रामगोपाल वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नोटिस में बताया कि डीएम की चौपाल में विद्यालयों के शौचालय अत्यधिक गंदे पाए गए थे। विद्यालयों में नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकों का वितरण नहीं कराया गया। ग्राम में संचालित विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों में कोई अध्यापक चौपाल में उपस्थित नहीं थे। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम होने के बाद भी संबंधित विद्यालयों के निरीक्षण/ जांच नहीं की गई और न ही संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को विद्यालय की व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए निर्देशित किया गया। इससे स्पष्ट है कि कार्यप्रणाली बेहद शिथिल है। ऐसा प्रतीत होता है कि शिक्षकों पर कोई भी नियंत्रण नहीं है। जिलाधिकारी की चौपाल का कार्यक्रम तय होने के बाद भी विद्यालयों के शौचालयों की समुचित सफाई नहीं कराई गई। डीएम ने चौपाल के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी के कार्य एवं व्यवहार पर नाखुशी जाहिर की थी। बीएसए ने एक सप्ताह में साक्ष्यों सहित लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
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ललितपुर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारी मड़ावरा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उनसे चार बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है।
मड़ावरा ब्लॉक जिले का दूरदराज क्षेत्र है। जिस वजह से आला अधिकारी इस क्षेत्र पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते हैं। इस बात को ध्यान में रखकर नौ मई को ग्राम पंचायत नाराहट में चौपाल लगाकर विभागीय कार्यों की समीक्षा व विकास कार्यों का सत्यापन किया था। इस दौरान विद्यालयों में कई कमियां पाई गई थी। इस पर बीएसए मनोज कुमार वर्मा ने खंड शिक्षा अधिकारी मड़ावरा रामगोपाल वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नोटिस में बताया कि डीएम की चौपाल में विद्यालयों के शौचालय अत्यधिक गंदे पाए गए थे। विद्यालयों में नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकों का वितरण नहीं कराया गया। ग्राम में संचालित विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों में कोई अध्यापक चौपाल में उपस्थित नहीं थे। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम होने के बाद भी संबंधित विद्यालयों के निरीक्षण/ जांच नहीं की गई और न ही संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को विद्यालय की व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए निर्देशित किया गया। इससे स्पष्ट है कि कार्यप्रणाली बेहद शिथिल है। ऐसा प्रतीत होता है कि शिक्षकों पर कोई भी नियंत्रण नहीं है। जिलाधिकारी की चौपाल का कार्यक्रम तय होने के बाद भी विद्यालयों के शौचालयों की समुचित सफाई नहीं कराई गई। डीएम ने चौपाल के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी के कार्य एवं व्यवहार पर नाखुशी जाहिर की थी। बीएसए ने एक सप्ताह में साक्ष्यों सहित लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
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