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लापरवाही: आखिर अमान्य विद्यालयों पर क्यों मेहरबान शिक्षा विभाग......

Tue, 06 Mar 2018 01:56 AM IST
Updated Tue, 06 Mar 2018 01:56 AM IST
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लापरवाही: आखिर अमान्य विद्यालयों पर क्यों मेहरबान शिक्षा विभाग......

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जिले में चल रहे बिना मान्यता के विद्यालय

ललितपुर। जनपद में बिना मान्यता के विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। सत्र की शुरुआत में ही सरकार ने कक्षा एक से आठ तक चलाए जा रहे ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके तहत बार और मड़ावरा खंड शिक्षा अधिकारियों ने अपने क्षेत्र के 24 अमान्य विद्यालयों की सूची सौंपी। खास बात यह है कि खंड विकास अधिकारी या जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इन विद्यालयों पर किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं की। दो विकास खंड अधिकारियों ने अपने क्षेत्र की सूची बनना उचित नहीं समझा, तो तीन खंड अधिकारियों का कहना है कि उनके यहां कोई मान्यता रहित विद्यालय संचालित नहीं किया जा रहा है।

गौरतलब है कि योगी सरकार ने सत्र की शुरुआत में ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को बिना मान्यता के चलाए जा रहे विद्यालयों को चिन्हित कर उन्हें बंद कराने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। जनपद में नगर क्षेत्र मिलाकर सात ब्लॉक संसाधन केंद्र हैं, इन सभी क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र में संचालित बिना मान्यता के संचालित हो रहे विद्यालयों को चिन्हित कर सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए थे। अब सत्र समापन के लिए मात्र एक महीना बचा है अबतक किसी भी मान्यता रहित विद्यालय के खिलाफ न तो एफआईआर दर्ज कराई गई और न ही अन्य किसी प्रकार की कार्रवाई की गई है।
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ये हैं मान्यता रहित विद्यालय
विकासखंड मड़ावरा
सरस्वती शिशु मंदिर बगौनी, मानस बाल विद्या मंदिर ककरुवा, माडर्न पब्लिक स्कूल अर्जुनखिरिया, संस्कृति कान्वेंट स्कूल ककरुवा, आवंतीबाई स्कूल सिंगरवारा, लिटिल फ्लावर स्कूल बम्हौरीकलां, एमवी पब्लिक स्कूल भौंती, शिव कान्वेंट पब्लिक स्कूल जलंधर, मदर्स प्राइड कान्वेंट स्कूल मड़ावरा, स्वामी ब्रम्हानंद बाल विद्या मंदिर मड़ावरा, गोल्डन किड्स पब्लिक स्कूल मड़ावरा, वेलफेयर पब्लिक स्कूल बछरई, श्रीराधा कृष्ण विद्या मंदिर नाराहट, सनराइज पब्लिक कान्वेंट स्कूल गिरार, शिव कान्वेंट पब्लिक स्कूल पहाड़ीकलां व मां सरस्वती विद्या निकेतन गुरयाना। इनमें शिव कान्वेंट पब्लिक स्कूल पहाड़ीकलां व मां सरस्वती विद्या निकेतन गुरयाना इन दोनों विद्यालयों की मान्यता प्राथमिक स्तर की है और जूनियर तक संचालित हो रहे हैं।
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विकासखंड बार
इनमें रानी लक्ष्मीबाई पब्लिक स्कूल बिलाटा, सैनिक कान्वेंट प्राइवेट विद्यालय सुनवाहा, ज्ञान भारती विद्या मंदिर भौगान, बीएल कांवेंट सकूल बिल्ला, एमकेजी पब्लिक स्कूल बार व निर्देश पब्लिक स्कूल बार शामिल हैं। गौरतलब है कि इनमें से कुछ विद्यालयों ने बेसिक शिक्षा विभाग में अपने विद्यालय की मान्यता के लिए आवेदन भी कर दिया है, लेकिन वर्तमान में बिना मान्यता के ही संचालित हो रहे हैं।

यह है मान्यता के मानक
कक्षाओं का संचालन करने के लिए पांच कमरे 180 वर्ग फीट के होने चाहिए। तीन कमरे स्टाफ रूम, प्रधानाचार्य कक्ष व स्टोर रूम के लिए होने चाहिए। सोसाइटी का रजिस्ट्रेशन, पांच हजार रुपये की एफडी, दो हजार का बैंक ड्राफ्ट, अग्निशमन प्रमाण पत्र, भूकंप रोधी प्रमाण पत्र, पांच प्रशिक्षित टीचर्स के प्रमाण पत्र, पुस्तकों की सूची, विज्ञान सामग्री सूची, क्रीड़ा सामग्री, जमीन बैनामा संबंधी दस्तावेज आदि होना जरूरी है। हिंदी मीडियम के स्कूलों के लिए खेल मैदान की अनिवार्यता नहीं है, लेकिन अंग्रेजी मीडियम के स्कूलों के लिए यह अनिवार्य है।

संबद्धता का चलता खेल
इन अमान्य विद्यालयों में छात्रों को किसी अन्य विद्यालय से संबद्धता कराने का खेल जोरों पर चलता है। यह कारण है कि जनपद में कई विद्यालय बिना मान्यता या फिर प्राथमिक की मान्यता लेकर उच्च प्राथमिक तक संचालित हो रहे हैं, लेकिन इन विद्यालयों से निकलने बाद बच्चों को अन्य विद्यालयों में प्रवेश के लिए परेशानी नहीं आती है। इसी वजह से इन अमान्य विद्यालयों का भंडाफोड़ भी नहीं हो पाता है।
अधिकारियों का कहना
निर्देशों का इंतजार
सूची सौंपने वाले दोनों ही खंड शिक्षा अधिकारियों बार खंड शिक्षा अधिकारी बीएन दैपुरिया और मड़ावरा खंड शिक्षा अधिकारी रामगोपाल वर्मा का कहना है कि उन्होंने क्षेत्र में संचालित अमान्य विद्यालयों की सूची जिला मुख्यालय को सौंप दी है। अब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी या फिर जिला प्रशासन के जो निर्देश होंगे उसके अनुपालन में कार्रवाई की जाएगी।
सूची तैयार नहीं
विकासखंड महरौनी खंड शिक्षा अधिकारी व बिरधा प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी योगेंद्र नाथ को कहना है कि उन्होंने अभी सूची तैयार नहीं की है।
नहीं हैं अमान्य विद्यालय
विकासखंड जखौरा के खंड शिक्षा अधिकारी और नगर क्षेत्र प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी बृजेश कुमार का कहना है कि उनके क्षेत्र में एक भी अमान्य विद्यालय संचालित नहीं हो रहा है। इसी तरह तालबेहट क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार पटैरिया का भी कहना है कि उनके क्षेत्र में कोई भी अमान्य विद्यालय नहीं है।


इनका कहना है
कई आदेश जारी करने के बाद भी समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों ने अमान्य विद्यालयों की सूची नहीं सौंपी है। कई विद्यालयों ने मान्यता के लिए आवेदन किया है, इसपर विभागीय कार्रवाई की जा रही है। जो विद्यालय चिन्हित किए जा चुके हैं उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई होगी। इसके अलावा किसी भी अमान्य विद्यालयों को छोड़ा नहीं जाएगा।
-अम्बरीष कुमार
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।

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