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नहर बन गई नाला तो कैसे होगा संचारी रोग पर नियंत्रण

Sat, 04 Jul 2020 10:39 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2020 10:39 PM IST
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control of infection disease
आजादपुरा में गंदगी से भरी पड़ी नहर - फोटो : LALITPUR
ललितपुर। कोरोनाकाल में जहां लोगों को बार-बार हाथ धोने व आसपास के क्षेत्र को सैनिटाइज करने की सलाह दी जा रही है, वहीं आजादपुरा और सिविल लाइन वार्ड में सिंचाई विभाग की नहर गंदगी से पटी पड़ी है। इससे स्थानीय लोगों को संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा सता रहा है।
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करीब तीन दशक पहले किसानों को सिंचाई की सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से गोविंद सागर बांध से नहरें संचालित की गई। वर्तमान में छोटी नहर का कुछ हिस्सा आजादपुरा और सिविल लाइन में आता है। इन दोनों ही वार्डों में घनी आबादी का क्षेत्र है। इस कारण नहर अब स्थानीय लोगों के लिए समस्या बन गई है। सिंचाई विभाग साल में एक ही बार नहर की सफाई कराता है, बाकी महीनों में नहर में गंदगी बनी रहती है। इसकी मुख्य वजह खुली नहर का होना है।
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अब, जब बारिश का सीजन शुरू हो गया है, तो लोगों को संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना है। उधर, शासन के निर्देश पर संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान भी नहर की सफाई नहीं हो पा रही है।
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दो विभाग में फंस जाती सफाई
जब नहर की सफाई की बात आती है, तो नगर पालिका के अधिकारियों के पास रटा - रटाया जवाब होता है कि नहर की सफाई कराने की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की है। वहीं, सिंचाई विभाग के अफसर भी सफाई के लिए अलग मद नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। इस तरह नहर की सफाई महीनों नहीं हो पाती है।
मोहल्ला आजादपुरा से होकर निकली नहर की हालत बेहद खस्ता है। नहर की पटरी जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। इससे कभी भी हादसा होने की संभावना बनी है। - राकेश दुबे
आजादपुरा घनी आबादी वाला क्षेत्र है, जिस कारण इस क्षेत्र में नहर को या तो ढक देना चाहिए या फिर नहर अन्य जगह से निर्मित कराना चाहिए। - अभिषेक पांडे
मोहल्लेवासियों के लिए वर्षों पुरानी नहर सिरदर्द बन गई है। दूसरा नहर में पानी छोड़ते समय सीपेज की समस्या उत्पन्न हो जाती है। - सुनीत जायसवाल
नहर देखरेख के अभाव में नाला में तब्दील हो गई है। नहर में पड़ा कचरा सड़ांध मारने लगा है। बारिश के दिनों में समस्या और भी गंभीर होने वाली है। - संजय गौतम
कोरोनाकाल में भी नहर की सफाई नहीं हो पा रही है। अब तो संचारी रोग नियंत्रण अभियान भी शुरू हो गया है। बीमारियों को देखते सफाई तत्काल कराई जानी चाहिए। - अमित कटारे

शहर से निकली नहर सिंचाई विभाग के अंतर्गत आती है, इसलिए नहर के रखरखाव की जिम्मेदारी नियमता उसी विभाग की है। इसके अलावा जहां भी सफाई जेसीबी के माध्यम से कराई जा सकती है, वहां सफाई करा देते हैं।
- संदीप कुमार, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक नगर पालिका परिषद
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