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संकट में नौनिहाल : कहीं जर्जर भवन में पढ़ाई, कहीं दलदल से होकर स्कूल पहुंचने को मजबूर बच्चे

Sun, 12 Jul 2026 01:51 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jul 2026 01:51 AM IST
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Children in Peril: Classes Held in Dilapidated Buildings; Some Forced to Traverse Swamps to Reach School
अमर उजाला ब्यूरो
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ललितपुर। सरकार बच्चों को बेहतर और सुरक्षित शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास और निर्देश जारी कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। पाली तहसील क्षेत्र में कहीं बच्चे जर्जर स्कूल भवन में जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कर रहे हैं तो कहीं विद्यालय पहुंचने के लिए दलदलयुक्त रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में हालात और भी गंभीर हो गए हैं।
बालाबेहट ग्राम पंचायत के मजरा बरेना में विद्यालय जाने वाला मार्ग दलदल में तब्दील हो चुका है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चे आए दिन रास्ते में फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। उनके कपड़े और किताबें खराब हो जाती हैं, लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका है। उधर, पाली-बालाबेहट मुख्य मार्ग स्थित कनपुरा घाटी में बारिश के कारण सड़क किनारे लगातार कटाव और धंसान हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते मरम्मत और सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। हैरानी की बात यह है कि ये सभी क्षेत्र प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ के विधानसभा क्षेत्र में आते हैं, इसके बावजूद समस्याएं लंबे समय से जस की तस बनी हुई हैं।
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फोटो --20
जर्जर स्कूल भवन में पढ़ने को मजबूर बच्चे
पाली। नगर पंचायत पाली के वार्ड नंबर सात स्थित हजारिया महादेव प्राथमिक विद्यालय (अंग्रेजी माध्यम) का भवन जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। विद्यालय के चार कक्ष पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। दीवारों का प्लास्टर उखड़ गया है, सरिया बाहर निकल आई है और फर्श भी कई स्थानों पर धंस चुका है। लगातार बारिश से भवन और कमजोर होता जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
गौरतलब है कि तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने गत वर्ष 10 जुलाई को पत्रांक 1679-88 के माध्यम से इन कक्षों को ध्वस्त करने के निर्देश जारी किए थे, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। संवाद
सभासद ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
भवन की बदहाल स्थिति को लेकर नगर पंचायत के सभासद प्रियंक जैन ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर जर्जर कक्षों को तत्काल ध्वस्त कराने और नए भवन निर्माण की मांग की है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
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दलदल भरे रास्ते से स्कूल पहुंच रहे छात्र
बालाबेहट। विकासखंड बिरधा की ग्राम पंचायत बालाबेहट के मजरा बरेना स्थित परिषदीय विद्यालय तक पहुंचने वाला मार्ग बारिश के कारण दलदल में बदल गया है। इससे बच्चों को स्कूल आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे अक्सर फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे उन्हें चोट लगती है और उनके कपड़े व किताबें खराब हो जाती हैं। ग्रामीण रामलखन यादव, भानुप्रताप, अमर सिंह, माधव सिंह और देवी सिंह ने बताया कि सड़क निर्माण की मांग कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संवाद

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फोटो --22
बारिश होते ही स्कूल जाने वाली सड़क दलदल में तब्दील हो जाती है। इससे बच्चों और ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
रामलखन यादव
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स्कूल जाने वाले बच्चों को रास्ते से गुजरने में परेशानी होती है। कई बच्चे दलदल में गिरकर चोटिल हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
अनंदी सहरिया
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सड़क पर दलदल होने से पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन अक्सर फिसल जाते हैं, जिससे लोग चोटिल हो रहे हैं।
सुरेंद्र सिंह
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कनपुरा घाटी में सड़क धंसने से बढ़ा हादसे का खतरा
पाली। पाली-बालाबेहट मुख्य मार्ग पर स्थित कनपुरा घाटी में बारिश का पानी सड़क के लिए खतरा बन गया है। ढलान होने के कारण तेज बहाव के साथ पानी सड़क पर पहुंच रहा है। इसके साथ बहकर आने वाली मिट्टी और बोल्डर सड़क किनारे जमा हो रहे हैं, जिससे मार्ग का किनारा खाई की ओर धंसने लगा है। वाहन चालक हरि सिंह ने बताया कि रात के समय यहां से गुजरना जोखिम भरा हो गया है। सड़क किनारे लगातार कटाव हो रहा है, लेकिन न तो चेतावनी संकेत लगाए गए हैं और न ही कोई सुरक्षा व्यवस्था की गई है। वहीं, कनपुरा निवासी इंद्रपाल ने बताया कि पिछले वर्ष भी इसी स्थान पर कटाव हुआ था। उस समय केवल मिट्टी डालकर मरम्मत कर दी गई थी। इस बार फिर स्थिति गंभीर हो गई है और कटाव लगातार बढ़ रहा है। कनपुरा घाटी पाली और बालाबेहट को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। इस सड़क से प्रतिदिन स्कूल बसें, एंबुलेंस, मालवाहक और अन्य वाहन गुजरते हैं। ऐसे में कटाव बढ़ने से दुर्घटना की आशंका भी लगातार बढ़ रही है। संवाद
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फोटो --25
जर्जर स्कूल भवन में बच्चों को नहीं बैठाया जाएगा। इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। वहीं, बालाबेहट के मजरा बरेना की सड़क निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग से प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलते ही सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
मनोहर लाल पंथ, श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री
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