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Lalitpur News: नहाय-खाय के साथ छठ पूजा का शुभारंभ
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा का शुभारंभ मंगलवार से हो गया है। श्रद्धालुओं ने सुबह ‘नहाय खाय’ के साथ छठ माई का पूजन किया। भोजन में विशेष रूप से लौकी की सब्जी आदि बनाकर ग्रहण किया। महिलाओं ने रात 12 बजे से निर्जला व्रत शुरू कर दिया जो कि बुधवार रात में खीर खाने के बाद पुन: शुरू होगा।
विभिन्न विभागों एवं अन्य औद्योगिक संस्थानों में काम करने वाले बिहार व पूर्वांचल के लोग यहीं रहकर छठ पूजा कर रहे हैं। तीन दिन तक चलने वाले इस पर्व की शुरुआत ‘नहाय खाय’ से हो गई है। इस महापर्व में रात 12 बजे से महिलाएं निर्जला व्रत शुरू करने के साथ ही बुधवार को ‘खरना’ की रस्म निभाएंगी।
रात में छठ माई का पूजन करने के बाद खीर खाने के उपरांत पुन: निर्जला व्रत करेंगी। बृहस्पतिवार को फल, गन्ना एवं ठेकुआ आदि को दउरा में सजाकर छठ घाट (सुम्मेरा तालाब) पर जाएंगे, जहां सूप में फल सजाकर पूजा-अर्चना कर डूबते हुए सूर्य भगवान को दूध से अर्घ्य देंगे। शुक्रवार को उगते हुए सूरज को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जाता है। महापर्व को लेकर जनपद में रहने वाले श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। ्
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ललितपुर। लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा का शुभारंभ मंगलवार से हो गया है। श्रद्धालुओं ने सुबह ‘नहाय खाय’ के साथ छठ माई का पूजन किया। भोजन में विशेष रूप से लौकी की सब्जी आदि बनाकर ग्रहण किया। महिलाओं ने रात 12 बजे से निर्जला व्रत शुरू कर दिया जो कि बुधवार रात में खीर खाने के बाद पुन: शुरू होगा।
विभिन्न विभागों एवं अन्य औद्योगिक संस्थानों में काम करने वाले बिहार व पूर्वांचल के लोग यहीं रहकर छठ पूजा कर रहे हैं। तीन दिन तक चलने वाले इस पर्व की शुरुआत ‘नहाय खाय’ से हो गई है। इस महापर्व में रात 12 बजे से महिलाएं निर्जला व्रत शुरू करने के साथ ही बुधवार को ‘खरना’ की रस्म निभाएंगी।
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रात में छठ माई का पूजन करने के बाद खीर खाने के उपरांत पुन: निर्जला व्रत करेंगी। बृहस्पतिवार को फल, गन्ना एवं ठेकुआ आदि को दउरा में सजाकर छठ घाट (सुम्मेरा तालाब) पर जाएंगे, जहां सूप में फल सजाकर पूजा-अर्चना कर डूबते हुए सूर्य भगवान को दूध से अर्घ्य देंगे। शुक्रवार को उगते हुए सूरज को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जाता है। महापर्व को लेकर जनपद में रहने वाले श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। ्
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