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चकबंदी में गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन
lalitpur
Updated Wed, 31 May 2017 12:13 AM IST
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प्रशासन
- फोटो : demo pic
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ललितपुर। ग्राम नाराहट व पाली में चकबंदी अधिकारी, कानूनगो व लेखपालों द्वारा चकबंदी में किए जा रहे घालमेल के विरोध में सैकड़ों ग्रामीणों ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पर सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करते हुए उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष चकबंदी कराने और दोषी अधिकारियों व लेखपालों के विरुद्घ कार्रवाई की मांग की।
मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए ग्राम नाराहट व पाली के ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम नाराहट व पाली में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है, इसमें अधिकारियों व लेेखपालों द्वारा प्रभावशाली व्यक्तियों से रुपए ऐंठकर गलत चक, मकान, कुओं, ट्यूबवेल, बाग आदि दूसरे किसानों के चक में शामिल कर दिए हैं, जो बड़ी अनियमितता है। गलत चक की शिकायत के बाद भी उक्त चकबंदी अधिकारी व लेखपाल एक भी नहीं सुन रहे हैं। पीड़ित ग्रामीणों ने नाराहट में पदस्थ अधिकारियों को हटाकर नए चकबंदी अधिकारी और नए लेखपाल पदस्थ करने की मांग की है। न्याय संगत रुप से जिस किसान के जहां पर मकान, कुआं, ट्यूूबवेल, बाग, गूल जोत वाली जमीन है, वहीं चक बनाया जाए।
उपरोक्त अधिकारियों व लेखपालों के गलत रवैये से जिन किसानों के पास कम जमीन थी, उनकी जमीन और भी कम हो गई है, साथ ही इस चकबंदी का लाभ असरदार लोगों को दिया जा रहा है। आरोप लगाया कि चकबंदी अधिकारी व स्टाफ द्वारा कार्यालय में बैठकर ही बिना जांच किए नए चक काट दिए गए हैं। उक्त गलत चक प्रक्रिया को ग्रामीणों द्वारा विरोध किया गया और तुवन चौराहा से कलेक्ट्रेट तक सैकड़ों ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए पद यात्रा भी निकाली। इसके बाद ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को कलैक्ट्रेट में सौंपा। ज्ञापन देने के दौरान नाराहट प्रधान दिलीप कुमार सोनी, पुरुषोत्तम, रामसिंह यादव, गजराज अहिरवार, नंदलाल, गंधर्व, बल्लू कुशवाहा, राजेंद्र सिंह यादव, प्रेमकुमार, राहुल, विवेक , नंद सिंह, बृजेश, रामचरन, संतोष रैकवार, रामरानी, देवगढ़वारी, अंतू, हरचरन, पवन कुमार, बालम, रामलाल, राजाराम, भरत सिंह, भागीरथ आदि उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए ग्राम नाराहट व पाली के ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम नाराहट व पाली में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है, इसमें अधिकारियों व लेेखपालों द्वारा प्रभावशाली व्यक्तियों से रुपए ऐंठकर गलत चक, मकान, कुओं, ट्यूबवेल, बाग आदि दूसरे किसानों के चक में शामिल कर दिए हैं, जो बड़ी अनियमितता है। गलत चक की शिकायत के बाद भी उक्त चकबंदी अधिकारी व लेखपाल एक भी नहीं सुन रहे हैं। पीड़ित ग्रामीणों ने नाराहट में पदस्थ अधिकारियों को हटाकर नए चकबंदी अधिकारी और नए लेखपाल पदस्थ करने की मांग की है। न्याय संगत रुप से जिस किसान के जहां पर मकान, कुआं, ट्यूूबवेल, बाग, गूल जोत वाली जमीन है, वहीं चक बनाया जाए।
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उपरोक्त अधिकारियों व लेखपालों के गलत रवैये से जिन किसानों के पास कम जमीन थी, उनकी जमीन और भी कम हो गई है, साथ ही इस चकबंदी का लाभ असरदार लोगों को दिया जा रहा है। आरोप लगाया कि चकबंदी अधिकारी व स्टाफ द्वारा कार्यालय में बैठकर ही बिना जांच किए नए चक काट दिए गए हैं। उक्त गलत चक प्रक्रिया को ग्रामीणों द्वारा विरोध किया गया और तुवन चौराहा से कलेक्ट्रेट तक सैकड़ों ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए पद यात्रा भी निकाली। इसके बाद ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को कलैक्ट्रेट में सौंपा। ज्ञापन देने के दौरान नाराहट प्रधान दिलीप कुमार सोनी, पुरुषोत्तम, रामसिंह यादव, गजराज अहिरवार, नंदलाल, गंधर्व, बल्लू कुशवाहा, राजेंद्र सिंह यादव, प्रेमकुमार, राहुल, विवेक , नंद सिंह, बृजेश, रामचरन, संतोष रैकवार, रामरानी, देवगढ़वारी, अंतू, हरचरन, पवन कुमार, बालम, रामलाल, राजाराम, भरत सिंह, भागीरथ आदि उपस्थित रहे।
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