{"_id":"57fa995c4f1c1b665228e645","slug":"bundeli-glimpse-of-culture-appear-in-lucknow","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ में दिखेगी बुंदेली संस्कृति की झलक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊ में दिखेगी बुंदेली संस्कृति की झलक
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 10 Oct 2016 12:54 AM IST
विज्ञापन
dance news lalitpur
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के मकसद से विद्यालयों में आयोजित किए जा रहे कला उत्सव ने स्थानीय संस्कृति को नई पहचान दी है। बुंदेलखंडी संगीत के प्रदर्शन की बदौलत नगर पालिका बालिका इंटर कालेज की छात्राओं ने राज्य स्तरीय कला उत्सव में अपनी जगह बनाने में कामयाबी हासिल की है।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत बालिकाओं को माध्यमिक शिक्षा के प्रति लुभाने के लिए कई तरह से प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं में से एक कला उत्सव का आयोजन है। जिसमें छात्राओं के अंदर छिपी प्रतिभा निखारने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। गत शैक्षिक सत्र में कला उत्सव की शुरुआत हुई थी। इस दौरान जीजीआईसी ललितपुर व तालबेहट की टीमें राज्य स्तर के आयोजन में नामांकित हो गई थी। लेकिन, लखनऊ में आयोजित हुए कार्यक्रम में उन्हें मायूसी हाथ लगी थी। मौजूदा शैक्षिक सत्र में राजकीय कालेजों को पीछे छोड़ते हुए नगर पालिका बालिका इंटर कालेज की छात्राओं ने बुंदेलखंडी संगीत की दम पर राज्य स्तर के आयोजन में अपना स्थान पक्का कर लिया है।
उधर, जिला विद्यालय निरीक्षक डा. आरपी वर्मा ने नगर पालिका बालिका इंटर कालेज के प्रधानाचार्य को लिखे पत्र में कहा कि कला उत्सव के अंतर्गत राज्य स्तरीय कला उत्सव में संगीत विधा में चयन किया गया है। चयनित टीम का प्रत्यक्ष प्रदर्शन तेरह अक्तूबर को सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक सिटी मांटेसरी स्कूल गोमती नगर लखनऊ में होगा। उन्होंने चयनित टीम को प्रतिभाग करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
........
प्रदर्शन में बुंदेली संस्कृति का समावेश
पाश्चात्य संस्कृति के हावी होने से स्थानीय संस्कृतियों के अस्तित्व पर बन आई है। ऐसे में कला उत्सव स्थानीय संस्कृति के लिए वरदान साबित हो रहा है। जिले की छात्राओं ने संगीत, दृश्यकला, नृत्य एवं नाटकों में बुंदेली संस्कृति का समावेश किया है। किसी ने राई नृत्य, सुआटा तो किसी ने बुंदेलखंडी संगीत व बुंदेलखंडी परिधान को अपने प्रदर्शन में शामिल किया है।
विज्ञापन
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत बालिकाओं को माध्यमिक शिक्षा के प्रति लुभाने के लिए कई तरह से प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं में से एक कला उत्सव का आयोजन है। जिसमें छात्राओं के अंदर छिपी प्रतिभा निखारने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। गत शैक्षिक सत्र में कला उत्सव की शुरुआत हुई थी। इस दौरान जीजीआईसी ललितपुर व तालबेहट की टीमें राज्य स्तर के आयोजन में नामांकित हो गई थी। लेकिन, लखनऊ में आयोजित हुए कार्यक्रम में उन्हें मायूसी हाथ लगी थी। मौजूदा शैक्षिक सत्र में राजकीय कालेजों को पीछे छोड़ते हुए नगर पालिका बालिका इंटर कालेज की छात्राओं ने बुंदेलखंडी संगीत की दम पर राज्य स्तर के आयोजन में अपना स्थान पक्का कर लिया है।
विज्ञापन
उधर, जिला विद्यालय निरीक्षक डा. आरपी वर्मा ने नगर पालिका बालिका इंटर कालेज के प्रधानाचार्य को लिखे पत्र में कहा कि कला उत्सव के अंतर्गत राज्य स्तरीय कला उत्सव में संगीत विधा में चयन किया गया है। चयनित टीम का प्रत्यक्ष प्रदर्शन तेरह अक्तूबर को सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक सिटी मांटेसरी स्कूल गोमती नगर लखनऊ में होगा। उन्होंने चयनित टीम को प्रतिभाग करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
........
प्रदर्शन में बुंदेली संस्कृति का समावेश
पाश्चात्य संस्कृति के हावी होने से स्थानीय संस्कृतियों के अस्तित्व पर बन आई है। ऐसे में कला उत्सव स्थानीय संस्कृति के लिए वरदान साबित हो रहा है। जिले की छात्राओं ने संगीत, दृश्यकला, नृत्य एवं नाटकों में बुंदेली संस्कृति का समावेश किया है। किसी ने राई नृत्य, सुआटा तो किसी ने बुंदेलखंडी संगीत व बुंदेलखंडी परिधान को अपने प्रदर्शन में शामिल किया है।