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Lalitpur News: अंग्रेज अफसर हाथ उठवाकर कराते थे अध्यक्ष का चुनाव

Wed, 14 Dec 2022 10:30 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 14 Dec 2022 10:30 PM IST
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British officers used to conduct the election of the President by raising their hands.
महरौनी। नगर के विकास के लिए वर्ष 1872 में बनी नगर पंचायत में तत्कालीन ब्रिटिश हुकूमत ने लक्ष्मी प्रसाद सक्सेना को अध्यक्ष पद पर मनोनीत किया था। बताते हैं कि अंग्रेज अधिकारी हाथ उठाकर अध्यक्ष का चुनाव कराते थे। जिसके पक्ष में अधिक हाथ उठे उसी को अध्यक्ष मनोनीत कर दिया जाता था। लेकिन बाद में परिवर्तन हो गया और कभी अंग्रेज अफसर प्रशासक के रूप में रहे तो कभी अध्यक्ष मनोनीत किया गया।
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नगर पंचायत गठन के बाद अंग्रेज अफसरों के दिशा निर्देशन में मनोनीत अध्यक्ष अथवा प्रशासक ने काम संभाला, लेकिन इसका ब्योरा अब नगर पंचायत में नहीं है। जानकारी के मुताबिक देश की आजादी के बाद जानकी प्रसाद मलैया को अध्यक्ष पद के लिए चुना गया। उन्होंने पांच साल तक काम किया। दूसरी बार उन्हें फिर चुन लिया गया तो यह कार्यकाल भी उन्होंने आसानी से पूरा कर लिया, लेकिन तीसरे कार्यकाल में उनके खिलाफ दो वर्ष बाद कंछेदी लाल सिंघई अविश्वास प्रस्ताव लाए। जिसमें वह हार गए और उन्हें अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा। जानकी प्रसाद मलौया का 12 साल का रिकॉर्ड कोई अध्यक्ष नहीं तोड़ सका। इसके बाद हुए चुनावों में कंछेदी लाल सिंघई, खुशाल चंद्र सिंघई और मथुरा दास सिंघई ने भी नगर पंचायत की कमान संभाली। बुजुर्गों के मुताबिक 1988 से 1994 तक जाहर सिंह, 1995 से 2000 तक बीरेंद्र सिंह, 2001 से 2005 तक क्रांति राय, 2006 से 2012 तक नीरज प्रताप सिंह चेयरमैन रहे। नगर पंचायत में 2012 से कृष्णा सिंह चेयरमैन हैं। संवाद
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पहले थे चार वार्ड अब 13 हो गए
नगर पंचायत गठन होने के बाद काफी समय तक चार वार्ड ही रहे, लेकिन जैसे जैसे नगर का सीमा विस्तार हुआ वार्डो की संख्या बढ़ती गई। वर्ष 2017 में 10 वार्ड में चुनाव हुआ था। लेकिन 2022 में तीन नए वार्ड बन जाने से 13 वार्डों में चुनाव कराया जाएगा।
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एक कमरे में चलती थी नगर पंचायत
आजादी के बाद भी नगर पंचायत कार्यालय लक्ष्मी नारायण मंदिर के पास स्थित एक छोटे से कमरे में चलता था। बुजुर्गों के मुताबिक तत्कालीन विभागीय लिपिक एक थैले में ही कार्यालय के सारे कागजात रखे रहते थे। लेकिन धीरे धीरे कार्यालय का विस्तार हुआ। वर्ष 2007 में नगर पंचायत का नवीन भवन तैयार होने के बाद अब उसमें विधिवत काम हो रहा है। इस भवन में रिकॉर्ड भी सुरक्षित रख दिया गया।
हमारे बाबा बताते थे कि ब्रिटिश हुकूमत में सदस्यों के हाथ उठाकर अध्यक्ष पद पर चयन किया जाता था। जिसके पक्ष में अधिक हाथ उठते थे वही नगर पंचायत अध्यक्ष बन जाता था।-कमलेश कुमार मलैया

बुजुर्गों ने बताया था कि नगर पंचायत में पहले अध्यक्ष मनोनीत किया जाता था। बाद में सदस्य हाथ उठाकर अध्यक्ष का चुनाव करते थे। लक्ष्मी प्रसाद सक्सेना व जानकी प्रसाद मलैया के बाद चुनाव होना शुरू हो गया था। -इंद्रजीत नामदेव
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