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बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर काला दिवस मनाया
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कलेक्ट्रेट में अधिकारी को ज्ञापन देते बुंदेलखंड क्रांति दल के कार्यकर्ता
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। बुंदेलखंड राज्य निर्माण की मांग को लेकर बुंदेलखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को अपने हाथों में काली पट्टी बांधकर काला दिवस मनाया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक अलग बुंदेलखंड राज्य का निर्माण नहीं हो जाता हमारा आंदोलन प्रतिवर्ष 31 अक्तूबर को किया जाता रहेगा।
शनिवार को जिलाध्यक्ष ताहर सिंह परमार के नेतृत्व में बुंदेलखंड क्रांति दल के कार्यकर्ता तुवन मंदिर से चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी को केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कहा कि 31 अक्तूबर 1956 से पहले बुंदेलखंड प्रांत हुआ करता था। तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने इस दिन बुंदेलखंड का विभाजन कर दिया था। आधा बुंदेलखंड उत्तर प्रदेश और आधा मध्य प्रदेश में मिला दिया था। इससे बुंदेलखंड का अस्तित्व समाप्त हो गया। क्षेत्रीय लोगों ने इसका विरोध किया, लेकिन केंद्र सरकार पर कोई असर नहीं पड़ा।
इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष हरिनारायण विश्वकर्मा, रामस्वरूप झा, उमाकांत श्रीवास्तव, सुंदर बाबू, ब्रजेश साहू, नितेंद्र करोसिया, शीलू श्रीवास्तव, संतोष कुशवाहा, गौरव कुशवाहा, राहुल झा, समरीन, सोनम राजपूत, राकेश झा, जितेंद्र झा आदि उपस्थित रहे।
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शनिवार को जिलाध्यक्ष ताहर सिंह परमार के नेतृत्व में बुंदेलखंड क्रांति दल के कार्यकर्ता तुवन मंदिर से चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी को केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कहा कि 31 अक्तूबर 1956 से पहले बुंदेलखंड प्रांत हुआ करता था। तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने इस दिन बुंदेलखंड का विभाजन कर दिया था। आधा बुंदेलखंड उत्तर प्रदेश और आधा मध्य प्रदेश में मिला दिया था। इससे बुंदेलखंड का अस्तित्व समाप्त हो गया। क्षेत्रीय लोगों ने इसका विरोध किया, लेकिन केंद्र सरकार पर कोई असर नहीं पड़ा।
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इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष हरिनारायण विश्वकर्मा, रामस्वरूप झा, उमाकांत श्रीवास्तव, सुंदर बाबू, ब्रजेश साहू, नितेंद्र करोसिया, शीलू श्रीवास्तव, संतोष कुशवाहा, गौरव कुशवाहा, राहुल झा, समरीन, सोनम राजपूत, राकेश झा, जितेंद्र झा आदि उपस्थित रहे।
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