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बजट उपलब्ध, फिर भी काम शुरू नहीं

Fri, 09 Dec 2016 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 09 Dec 2016 01:17 AM IST
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Available budget, not yet started
eletricity lalitpur news - फोटो : demo
नगरीय क्षेत्रों की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को बिजली विभाग के भरोसे न रहना पड़े और बिजली की भी कम खपत हो इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा समस्त नगरीय क्षेत्रों में सौर ऊर्जा प्लांट की स्थापना करा रही है। शासन ने पूर्व में स्थानीय नगर पालिका समेत तीनों नगर पंचायतों में प्रथम किश्त के  रूप में कुल प्रस्तावित बजट की 50 प्रतिशत धनराशि उपलब्ध करा चुकी है, लेकिन स्थानीय स्तर पर कार्य योजना पूरी तरह से शून्य स्तर पर है।
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भारत सरकार नगरीय क्षेत्रों में डा. एपीजे अब्दुल कलाम गरीय सौर पुंज योजना चला रही है। शासन नगर पालिका को जून में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की पहली किश्त जारी कर चुकी है। योजना के तहत नगर पालिका द्वारा प्रस्तावित कुल 2.99 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति मिली है, इसमें से 1.49 करोड़ रुपये धनराशि की प्रथम किश्त जून में नगर पालिका के खाते में उपलब्ध करा दी गई थी। नगर पालिका द्वारा शहर में 30 किलोवाट व 15 किलोवाट के दो सौर ऊर्जा पावन प्लांट स्थापित किए जाना है। वहीं, इन प्लांट से चलने वाली 24 वाट की 94 डबल आर्म स्ट्रीट लाइटें शहर की मुख्य सड़कों व मुख्य स्थलों पर लगाई जाएंगी। इसके अलावा शहर के प्रमुख चौराहों, धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक स्थलों, श्मशान घाटों व कब्रिस्तानों पर 300-300 वाट की कुल 50 सोलर हाईमास्ट लाइट लगाई जानी हैै। बजट उपलब्ध होने के बाद भी पांच माह से अधिक समय बीत गया है, पर अभी तक कार्ययोजना की धरातल पर समीक्षा शून्य है। विभाग द्वारा अभी तक टेंडर प्रक्रिया भी शुरू नहीं की गई है। नगर पालिका के साथ-साथ जनपद की तीनों नगर पंचायतों की भी यही स्थिति है। शासन तीनों नगर पंचायतों को भी विगत मई माह में प्रथम किश्त के रूप में 50-50 प्रतिशत धनराशि उपलब्ध करा चुका है, लेकिन यहां पर भी कार्ययोजना धरातल पर शून्य है। शासन ने नगर पंचायत तालबेहट को भी कुल स्वीकृत 4.15 करोड़ रुपये में 2.07 करोड़ रुपये की प्रथम किश्त उपलब्ध करा दी है। नगर पंचायत तालबेहट में 30 किलोवाट और 16 किलोवाट के दो-दो सौर ऊर्जा पावर प्लांट, 15 किलोवाट का एक प्लांट और दो यूनिट 5 एचपी आरओ सिस्टम की स्थापना कराई जानी है। वहीं, 300 वाट की 40 हाईमास्ट लाइटें नगर के प्रमुख चौराहों, सार्वजनिक स्थलों पर लगाई जानी है, जो सौर ऊर्जा से चार्ज होने वाली बैटरी से चलेगी। इसी तरह शासन ने नगर पंचायत महरौनी को भी कुल स्वीकृत दो करोड़ में से एक करोड़ रुपये की प्रथम किश्त जारी कर दी है। इससे महरौनी नगर में 30 किलोवाट व 10 किलोवाट के एक-एक सौर ऊर्जा पावर प्लांट स्थापित किए जाने हैं और इनसे चलने वालीं 24 वाट की कुल 40 यूनिट डबल आर्म लाइट लगाई जाएगी और 300 वाट की 30 सोलर हाईमास्ट लाइटें लगाई जानी है, जो सौर ऊर्जा  से चार्ज होने वाली बैटरी से चलेगी। इसी तरह स्थानीय नगर पंचायत पाली में  इस योजना के तहत शासन से स्वीकृत 1.94 करोड़ रुपये की लागत से 30 किलोवाट व  10 किलोवाट वाले एक-एक सौर ऊर्जा पावर प्लांट स्थापित कराए जाने हैं। वहीं  इनसे चलने वाली 24 वाट की 35 डबल आर्म लाइटें लगाई जानी हैं और 300 वाट की  40 यूनिट हाईमास्ट लाइटें लगाई जानी है। इसके लिए नगर पंचायत को भी माह मई  में 97 लाख रुपए की प्रथम किश्त जारी हो चुकी है। जनपद की तीनों नगर  पंचायतों और नगर पालिका में धनराशि उपलब्ध होने के बाद भी अब तक योजना को  धरातल पर शुरु नहीं किया गया है। अब तक सौर ऊर्जा पावन प्लांट को स्थापित  कराने और लाइटें लगवाने के लिए टेंडर प्रक्रिया का श्रीगणेश भी नहीं किया  गया है। इससे शासन की मंशा के अनुरूप बिजली की खपत कम नहीं हो पा रही है और  आज भी नगरों की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पूरी तरह बिजली पर ही निर्भर है। बिजली गुल होते ही नगर अंधेरे भी डूब जाता है।
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डिस्चार्ज पड़ने लगी शहर की सोलर स्ट्रील लाइटें
नगर पालिका ने विगत फरवरी माह में लाखों रुपये की लागत से शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों, चौराहों व मुख्य स्थलों पर कुल 110 स्ट्रीट लाइटें लगवाई थी। जो सौर ऊर्जा से चार्ज होने वाली बैटरियों से चलती है। इन सोलर स्ट्रीट लाइटों में से कई स्ट्रीट लाइटें वर्तमान में बंद पड़ी हुई है। कई लाइटें रखरखाव  के अभाव में बंद हो गई है, बैटरियों का मेंटीनेंस समय पर नहीं हो रहा है। वहीं कई लाइटें वार्ड पार्षदों व क्षेत्रीय नेताओं के दबाव में नगर पालिका ने इनके मुताबिक स्थलों पर लगा दी है, जिससे पर्याप्त सूर्य का प्रकाश नहीं मिल पाने के कारण चार्ज भी नहीं हो पा रही है।
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जल संस्थान ने नहीं किया प्रस्ताव तैयार
इसी योजना के तहत जल संस्थान में भी सौर ऊर्जा पावर प्लांट स्थापित कराया जाना था। योजना को शुरू हुए छह  माह से अधिक समय बीत गया है, लेकिन अब तक जल संस्थान ने इस योजना के तहत  कोई प्रस्ताव भी तैयार नहीं किया है। गौरतलब है कि जल संस्थान हर माह 13 लाख रुपये के करीब बिजली का भुगतान करता है।

इस योजना के संबंध में विभाग में कोई पत्र नहीं आया है, इसके लिए अब तक कोई प्रस्ताव भी तैयार नहीं किया गया है।
रघुवेंद्र कुमार
अधिशासी अभियंता, जल संस्थान ललितपुर।

अब  तक कार्य शुरू क्यों नहीं हो सका इसके लिए बहुत जल्द विभागीय अधिकारियों से बैठक करके कार्य योजना में तेजी लाने के लिए समीक्षा ली जाएगी।
सुभाष जायसवाल
अध्यक्ष, नगर पालिका ललितपुर।
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