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Lalitpur News: सरकारी केंद्र पर किसान ने लगाए अवैध वसूली के आरोप
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ललितपुर: जाखलौन क्षेत्र के ग्राम बंदरगुढ़ा के एक किसान ने सरकारी क्रय केंद्र पर मूंग की तुलाई के नाम पर अवैध रूप से चालीस हजार रुपये लेने और खरीद की मात्रा डेढ़ क्विंटल कम दर्शाने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ग्राम बंदरगुढ़ा निवासी भगवान सिंह ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बताया कि उसने अपने खेतों में मूंग बोई थी। बाजार में मूंग का दाम कम होने के कारण उसने अपनी मूंग सरकारी कांटों पर बेचने का निर्णय लिया। इसके लिए वह लगातार चार दिन तक जिलाधिकारी कार्यालय गया, जिसके निर्देश पर उसकी मूंग पिपरई क्रय केंद्र जाखलौन पर खरीदने के लिए तैयार हुआ।
किसान का आरोप है कि क्रय केंद्र पर उससे 20 हजार रुपये की ऊपरी मांग की गई। पैसे पहले देने की बात कहने पर ही मूंग खरीदने की बात कही गई। क्रय केंद्र के तीन लोग उसके घर ग्राम बारौद आए और कहा कि बिना पैसे के उसकी मूंग नहीं खरीदी जाएगी। परेशान किसान ने 20 हजार रुपये उन्हें दिए, जिसके बाद उन्होंने 30 बोरा बारदाना दिया।
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इसके बाद 14 अगस्त को सोसाइटी के तीन लोग किसान के घर कांटे लेकर आए और 60 बोरी मूंग (50 किलो 700 ग्राम प्रति बोरी) तौली गई। पिकअप वाहन में भरकर इसे ककरूआ ले जाया गया, जहां कुल मूंग 3050 किलोग्राम निकली और फिर उसे गोदाम में रखवा दिया गया। किसान ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम ककरुआ गोदाम में 760 बोरी उतरवाई गईं और वहां उससे 3500 रुपये और लिए गए।
जब किसान ने रसीद मांगी तो उसे बताया गया कि रसीद ललितपुर में मिलेगी। 17 अगस्त को उसे ऑनलाइन व्हाट्सएप पर रसीद भेजी गई, जिसमें 1.5 क्विंटल मूंग कम करके दिखाई गई थी। पीड़ित किसान ने आरोप लगाया कि उसकी 30 क्विंटल मूंग पर उससे अलग-अलग कुल 40 हजार रुपये लिए गए, और अभी तक उसके खाते में मूंग के पैसे नहीं आए हैं। किसान ने जिलाधिकारी से इस मामले की निष्पक्ष जांच और निगरानी कराए जाने की मांग की है।
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ग्राम बंदरगुढ़ा निवासी भगवान सिंह ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बताया कि उसने अपने खेतों में मूंग बोई थी। बाजार में मूंग का दाम कम होने के कारण उसने अपनी मूंग सरकारी कांटों पर बेचने का निर्णय लिया। इसके लिए वह लगातार चार दिन तक जिलाधिकारी कार्यालय गया, जिसके निर्देश पर उसकी मूंग पिपरई क्रय केंद्र जाखलौन पर खरीदने के लिए तैयार हुआ।
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किसान का आरोप है कि क्रय केंद्र पर उससे 20 हजार रुपये की ऊपरी मांग की गई। पैसे पहले देने की बात कहने पर ही मूंग खरीदने की बात कही गई। क्रय केंद्र के तीन लोग उसके घर ग्राम बारौद आए और कहा कि बिना पैसे के उसकी मूंग नहीं खरीदी जाएगी। परेशान किसान ने 20 हजार रुपये उन्हें दिए, जिसके बाद उन्होंने 30 बोरा बारदाना दिया।
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इसके बाद 14 अगस्त को सोसाइटी के तीन लोग किसान के घर कांटे लेकर आए और 60 बोरी मूंग (50 किलो 700 ग्राम प्रति बोरी) तौली गई। पिकअप वाहन में भरकर इसे ककरूआ ले जाया गया, जहां कुल मूंग 3050 किलोग्राम निकली और फिर उसे गोदाम में रखवा दिया गया। किसान ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम ककरुआ गोदाम में 760 बोरी उतरवाई गईं और वहां उससे 3500 रुपये और लिए गए।
जब किसान ने रसीद मांगी तो उसे बताया गया कि रसीद ललितपुर में मिलेगी। 17 अगस्त को उसे ऑनलाइन व्हाट्सएप पर रसीद भेजी गई, जिसमें 1.5 क्विंटल मूंग कम करके दिखाई गई थी। पीड़ित किसान ने आरोप लगाया कि उसकी 30 क्विंटल मूंग पर उससे अलग-अलग कुल 40 हजार रुपये लिए गए, और अभी तक उसके खाते में मूंग के पैसे नहीं आए हैं। किसान ने जिलाधिकारी से इस मामले की निष्पक्ष जांच और निगरानी कराए जाने की मांग की है।