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लापरवाही: रेलवे स्टेशन पर लगी स्वचालित सीढ़ियां पांचवें दिन फिर हुई खराब
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ललितपुर। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए लगाई गई स्वचालित सीढ़ियां शनिवार को फिर बंद हो र्गइं। इसकी वजह से प्लेटफार्म बदलने में यात्रियों को परेशानी हुई। इनमें वृद्ध सवारियां सीढ़ियों से न चढ़ पाने के चलते जान जोखिम में डालकर पटरियों से पैदल निकलने को मजबूर थे। वहीं, अन्य यात्रियों ने पुल से चढ़कर प्लेटफार्म पर पहुंचे।
रेलवे विभाग ने पुल तक पहुंचने के लिए स्वचालित सीढ़ियां लगवाई गईं हैं। स्वचालित सीढ़ियों के लगने पर लोग दीपावाली पर सुविधा की उम्मीद लगा रहे थे। इसका पांच दिन पूर्व रेलवे के अधिकारियों व स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उद्घाटन किया गया था। लेकिन उद्घाटन से पांच दिन तक भी स्वचालित सीढ़ियां नहीं चल पाईं और बंद हो गईं। शनिवार को स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ियां बंद देख दीपावली मनाने अपने घरों को जाने वाले यात्रियों को ट्रैक पार करने के लिए ब्रिज की सीढ़ियां चढ़ना पड़ी। इससे बुजुर्ग यात्रियों का काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा।
कुछ यात्रियों को सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत होने पर वह जान जोखिम में डालकर पैदल ही पटरियां पार करने लगे। इस दौरान कई बुजुर्ग महिलाएं व पुरुष प्लेटफार्म से उतर व चढ़ नहीं पा रहे थे, जिन्हें आम लोगों व उनके परिजनों ने सहारा देकर रेलवे की पटरी पर उतारा और दूसरी ओर भी चढ़ाया।
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उद्घाटन में ही बंद हो गईं थी स्वचालित सीढ़ियां
17 अक्तूूबर को जनप्रतिनिधि व रेलवे के अधिकारियों ने स्वचालित सीढ़ियों का उद्घाटन किया था, जिसके बाद स्वयं ही सीढ़ियों से चढ़ रहे थे, जैसे ही कुछ सीढ़ियां चढ़ पाए और बंद हो गई थी। इस पर अधिकारियों ने फंसने के हवाला देकर टाल मटोल दिया था। अब इसकी कलई खुलकर समाने आ गई है। हालत यह है कि अब स्टेशन की स्वचालित सीढ़ियां शोपीस साबित हो रही है।
स्वचालित सीढ़ियां उद्घाटन से पांच दिन भी नहीं चल सकीं, ऐसे में जिम्मेदारों को ध्यान देना चाहिए।
- नीरज जैन
स्वचालित सीढ़ियों से प्लेटफार्म बदलने में सुविधा मिलने की उम्मीद लगा रहे थे, लेकिन बंद होने से परेशानी हो रही है।
- आशा जैन
स्वचालित सीढ़ियां पहले ही दिन से गड़बड़ कर रहीं थी, ऐसे में जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करना चाहिए।
- अनुपम
स्टेशन पर सीढ़ियों को देखकर लोग पहुंच रहे हैं, बंद देखकर मजबूरन ही सीढ़ियां चढ़ रहे हैं। कई वृद्ध पटरी से जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं।
- आशीष
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रेलवे विभाग ने पुल तक पहुंचने के लिए स्वचालित सीढ़ियां लगवाई गईं हैं। स्वचालित सीढ़ियों के लगने पर लोग दीपावाली पर सुविधा की उम्मीद लगा रहे थे। इसका पांच दिन पूर्व रेलवे के अधिकारियों व स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उद्घाटन किया गया था। लेकिन उद्घाटन से पांच दिन तक भी स्वचालित सीढ़ियां नहीं चल पाईं और बंद हो गईं। शनिवार को स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ियां बंद देख दीपावली मनाने अपने घरों को जाने वाले यात्रियों को ट्रैक पार करने के लिए ब्रिज की सीढ़ियां चढ़ना पड़ी। इससे बुजुर्ग यात्रियों का काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा।
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कुछ यात्रियों को सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत होने पर वह जान जोखिम में डालकर पैदल ही पटरियां पार करने लगे। इस दौरान कई बुजुर्ग महिलाएं व पुरुष प्लेटफार्म से उतर व चढ़ नहीं पा रहे थे, जिन्हें आम लोगों व उनके परिजनों ने सहारा देकर रेलवे की पटरी पर उतारा और दूसरी ओर भी चढ़ाया।
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उद्घाटन में ही बंद हो गईं थी स्वचालित सीढ़ियां
17 अक्तूूबर को जनप्रतिनिधि व रेलवे के अधिकारियों ने स्वचालित सीढ़ियों का उद्घाटन किया था, जिसके बाद स्वयं ही सीढ़ियों से चढ़ रहे थे, जैसे ही कुछ सीढ़ियां चढ़ पाए और बंद हो गई थी। इस पर अधिकारियों ने फंसने के हवाला देकर टाल मटोल दिया था। अब इसकी कलई खुलकर समाने आ गई है। हालत यह है कि अब स्टेशन की स्वचालित सीढ़ियां शोपीस साबित हो रही है।
स्वचालित सीढ़ियां उद्घाटन से पांच दिन भी नहीं चल सकीं, ऐसे में जिम्मेदारों को ध्यान देना चाहिए।
- नीरज जैन
स्वचालित सीढ़ियों से प्लेटफार्म बदलने में सुविधा मिलने की उम्मीद लगा रहे थे, लेकिन बंद होने से परेशानी हो रही है।
- आशा जैन
स्वचालित सीढ़ियां पहले ही दिन से गड़बड़ कर रहीं थी, ऐसे में जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करना चाहिए।
- अनुपम
स्टेशन पर सीढ़ियों को देखकर लोग पहुंच रहे हैं, बंद देखकर मजबूरन ही सीढ़ियां चढ़ रहे हैं। कई वृद्ध पटरी से जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं।
- आशीष