फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Atrocities on Hindus should stop in Bangladesh

Lalitpur News: बंद हो बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार

Sun, 18 Aug 2024 03:15 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 18 Aug 2024 03:15 AM IST
विज्ञापन
Atrocities on Hindus should stop in Bangladesh
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

ललितपुर। बांग्लादेश में हिंदू परिवारों पर अत्याचार के विरोध में संतों व हिंदू संगठनों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। हिंदुओं के कत्लेआम की निंदा करते हुए वहां यथासंभव सहायता पहुंचाने की मांग उठाई।
श्रीतुवन मंदिर के महंत रामलखन दास, नृसिंह मंदिर के महंत गंगादास के नेतृत्व में संतों एवं हिंदूवादी संगठनों ने जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के माध्यम से भेजे ज्ञापन में बताया कि बांग्लादेश में कट्टरपंथी लोगों द्वारा हिंदुओं पर बर्बरता की जा रही है। वहां बहन बेटियां असुरक्षित हैं। बांग्लादेश में हिन्दू मंदिरों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने भारत सरकार से हिन्दुओं की जानमाल की सुरक्षा के लिए कठोर कदम उठाने की मांग की। कहा कि हिन्दुओं की रक्षा के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय में एक प्रकोष्ठ बनाया जाए, मंदिरों की सुरक्षा बढ़ाई जाए। बांग्लादेश में पीड़ितों को मुआवजा दिलाने के साथ उन्हें पुनर्स्थापित किया जाए।
विज्ञापन

इस मौके पर जगतगुरु कृष्णगिरि महाराज सर्वेश्वर धाम, सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश नारायण, नपा अध्यक्ष प्रतिनिधि मुन्नालाल, डा. ओमप्रकाश शास्त्री, प्रदीप चौबे, बीके सरदार, नेहा तिवारी, मनीष सड़ैया, मनीष अग्रवाल, अजय नायक, अजय, अजय जैन, जितेंद्र राठौर, दीपक के अलावा हनुमान सेवा, जिला उद्योग व्यापार मंडल, विश्व हिंदू परिषद सहित अनेक संगठनों के लोग शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed