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Lalitpur News: पितरों को तर्पण देकर दी विदाई, घाटों पर हुआ दीपदान
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नृसिंह मंदिर के घाट पर दीपदान करते श्रद्धालु
ललितपुर। शनिवार को जिले भर में पितृ विसर्जन का पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। लोगों ने नदी, तालाबों और घाटों पर पहुंचकर पितरों को तर्पण दिया। विधि-विधान से श्राद्ध व पिंडदान के बाद पितरों को विदाई दी गई।
पितृ विसर्जन पर शहर के नृसिंह मंदिर तालाब और गोविंद सागर बांध पर भीड़ लगी रही। ग्रामीण क्षेत्रों के नदी-तालाबों के किनारे भी श्रद्धालु उमड़े। सुबह से ही लोग नदी, तालाब और पोखरों के किनारे पहुंचने लगे थे। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद पितरों का स्मरण किया। उन्होंने जलांजलि अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। पितृपक्ष के अंतिम दिन लोगों ने दक्षिण दिशा की ओर मुख करके तर्पण दिया। हाथ में जल, कुश, अक्षत और पुष्प लेकर यह अनुष्ठान किया गया। घरों में पकवान तैयार कर पितरों के निमित्त दोनियां निकालीं गईं। पहली दोनी गाय, दूसरी कुत्ते और तीसरी कौवे के लिए थी।
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पितृपक्ष का महत्व
वैदिक विद्वत परिषद के अध्यक्ष पवन शास्त्री ने पितृपक्ष का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि यह पर्व पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का है। इन दिनों लोग अपने पूर्वजों का स्मरण करते हैं। वे परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार तर्पण और श्राद्ध करते हैं। इससे पितृ प्रसन्न होकर परिवार को आशीर्वाद देते हैं।
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पितृ विसर्जन पर शहर के नृसिंह मंदिर तालाब और गोविंद सागर बांध पर भीड़ लगी रही। ग्रामीण क्षेत्रों के नदी-तालाबों के किनारे भी श्रद्धालु उमड़े। सुबह से ही लोग नदी, तालाब और पोखरों के किनारे पहुंचने लगे थे। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद पितरों का स्मरण किया। उन्होंने जलांजलि अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। पितृपक्ष के अंतिम दिन लोगों ने दक्षिण दिशा की ओर मुख करके तर्पण दिया। हाथ में जल, कुश, अक्षत और पुष्प लेकर यह अनुष्ठान किया गया। घरों में पकवान तैयार कर पितरों के निमित्त दोनियां निकालीं गईं। पहली दोनी गाय, दूसरी कुत्ते और तीसरी कौवे के लिए थी।
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पितृपक्ष का महत्व
वैदिक विद्वत परिषद के अध्यक्ष पवन शास्त्री ने पितृपक्ष का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि यह पर्व पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का है। इन दिनों लोग अपने पूर्वजों का स्मरण करते हैं। वे परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार तर्पण और श्राद्ध करते हैं। इससे पितृ प्रसन्न होकर परिवार को आशीर्वाद देते हैं।
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नृसिंह मंदिर के घाट पर दीपदान करते श्रद्धालु