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Lalitpur News: पढ़ाई के साथ अब खेलों में भी दक्ष होंगे परिषदीय विद्यालयों के बच्चे
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राएं पढ़ाई के साथ अब खेलकूद में भी दक्ष होंगे। इसके लिए विद्यालयों में खेल की विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
जिले में 1354 परिषदीय व कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इन छात्र-छात्राओं में मानसिक विकास व शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खेलकूद कराए जाने की व्यवस्था जाएगी। कक्षा एक से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं को हॉकी, तैराकी, कुश्ती, हैंडबाल, वालीबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, क्रिकेट, जिमनास्टिक, कबड्डी, योगासन, व्यायाम, खो-खो, ताइक्वांडो के साथ लोकगीत, लोक नृत्य, अंताक्षरी की प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। ये प्रतियोगिताएं विद्यालय, न्याय पंचायत, ब्लॉक, जिला, मंडल स्तर पर आयोजित कराई जाएंगी। शासन ने इन प्रतियोगिताओं को जुलाई से सितंबर के बीच अलग-अलग वर्ग में कराने के निर्देश जारी किए हैं। दिव्यांग बच्चों के लिए अलग से प्रतियोगिताएं होंगी। बीएसए हरिकेश यादव ने बताया कि सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, इंचार्ज प्रधानाध्यापकों को खेलकूद प्रतियोगिताएं कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं। बच्चोंं को प्रतिदिन खेलकूद की गतिविधि उनकी रुचि के अनुसार कराई जाएगी।
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विद्यालय की खाली पड़ी जमीन का प्रयोग होगा खेल परिसर के रूप में
परिषदीय विद्यालयों में प्रतिदिन खेलकूद की गतिविधियां की जाएंगी। इसके लिए विद्यालय स्तर पर खरीदी गई खेलकूद सामग्री का प्रयोग किया जाएगा। खेलकूद की गतिविधि कराने के लिए विद्यालय की खाली पड़ी जमीन का प्रयोग खेल परिसर के रूप में किया जाएगा। बच्चों को खेलकूद स्कूलों में तैनात शारीरिक शिक्षक कराएंगे। जिन विद्यालयों में शारीरिक शिक्षक नहीं हैं, वहां खेल में रुचि रखने वाले शिक्षक जिम्मेदारी निभाएंगे।
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ललितपुर। परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राएं पढ़ाई के साथ अब खेलकूद में भी दक्ष होंगे। इसके लिए विद्यालयों में खेल की विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
जिले में 1354 परिषदीय व कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इन छात्र-छात्राओं में मानसिक विकास व शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खेलकूद कराए जाने की व्यवस्था जाएगी। कक्षा एक से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं को हॉकी, तैराकी, कुश्ती, हैंडबाल, वालीबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, क्रिकेट, जिमनास्टिक, कबड्डी, योगासन, व्यायाम, खो-खो, ताइक्वांडो के साथ लोकगीत, लोक नृत्य, अंताक्षरी की प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। ये प्रतियोगिताएं विद्यालय, न्याय पंचायत, ब्लॉक, जिला, मंडल स्तर पर आयोजित कराई जाएंगी। शासन ने इन प्रतियोगिताओं को जुलाई से सितंबर के बीच अलग-अलग वर्ग में कराने के निर्देश जारी किए हैं। दिव्यांग बच्चों के लिए अलग से प्रतियोगिताएं होंगी। बीएसए हरिकेश यादव ने बताया कि सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, इंचार्ज प्रधानाध्यापकों को खेलकूद प्रतियोगिताएं कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं। बच्चोंं को प्रतिदिन खेलकूद की गतिविधि उनकी रुचि के अनुसार कराई जाएगी।
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विद्यालय की खाली पड़ी जमीन का प्रयोग होगा खेल परिसर के रूप में
परिषदीय विद्यालयों में प्रतिदिन खेलकूद की गतिविधियां की जाएंगी। इसके लिए विद्यालय स्तर पर खरीदी गई खेलकूद सामग्री का प्रयोग किया जाएगा। खेलकूद की गतिविधि कराने के लिए विद्यालय की खाली पड़ी जमीन का प्रयोग खेल परिसर के रूप में किया जाएगा। बच्चों को खेलकूद स्कूलों में तैनात शारीरिक शिक्षक कराएंगे। जिन विद्यालयों में शारीरिक शिक्षक नहीं हैं, वहां खेल में रुचि रखने वाले शिक्षक जिम्मेदारी निभाएंगे।
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