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Lalitpur News: बारिश से फसल क्षति का आकलन करेंगी कृषि, राजस्व और बीमा टीमें
Sun, 06 Sep 2026 11:56 PM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Sun, 06 Sep 2026 11:56 PM IST
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ललितपुर। बीते तीन दिन तक हुई तेज बारिश के कारण के खेतों में पानी भरने से बहुत से किसानों की फसलें खराब होने की संभावना किसान जता रहे हैं। ऐसे में शिकायतें मिलने पर अब कृषि विभाग और बीमा कंपनी की टीमें मौके पर पहुंचकर सर्वे कर रही हैं, जबकि बारिश रुकने के बाद राजस्व और कृषि विभाग एवं फसल बीमा कंपनियों की टीमें सर्वे करेंगी और अतिवृष्टि से नष्ट हुई फसलों के नुकसान का आकलन करेंगी।
जनपद में बीते चार दिनों में हुई अतिवृष्टि में किसानों को भारी नुकसान हुआ है। पहले मानसून रूठा रहा और अब अगस्त के अंतिम सप्ताह और सितंबर माह के शुरुआत में भारी बारिश होने से किसानों के सामने फसलें खराब होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। ऐसे में अब किसान भी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर फसलें खराब होने पर सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग भी करने लगे हैं। ऐसे में कृषि विभाग ने किसानों से टोल फ्री नंबर पर कॉल करने की बात कही है, ताकि बीमा कंपनी और कृषि विभाग की टीमें सर्वे कर सकें और किसानों को उचित सहायता मिल सके। वहीं जिला प्रशासन द्वारा भी राजस्व विभाग, कृषि विभाग और बीमा कंपनी की टीमों से जनपद में अतिवृष्टि से हुए फसल नुकसान का आकलन कराएगा। ताकि फसल नुकसान का सही आकलन किया जा सके और किसानों को समय पर राहत पहुंचाई जा सके।
95 हजार किसानों ने कराया खरीफ में फसल बीमा
जनपद में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 95 हजार किसानों ने खरीफ फसलों का बीमा कराया है। इनमें 3162 गैर ऋणी किसान और 92,395 ऋणी किसान शामिल हैं।
3,24,265 हेक्टेयर में बोई गई खरीफ की फसलें
फसलें बोआई का क्षेत्रफल
धान- 532 हेक्टेयर
मक्का- 11,643 हेक्टेयर
ज्वार- 915 हेक्टेयर
बाजरा- 24 हेक्टेयर
श्रीअन्न- 37 हेक्टेयर
अरहर- 04 हेक्टेयर
सोयाबीन- 37,945 हेक्टेयर
उड़द - 1,59,615 हेक्टेयर
मूंग- 2359 हेक्टेयर
तिल- 7,159 हेक्टेयर
मूंगफली- 53,987 हेक्टेयर
टोल फ्री नंबर पर करा सकते हैं शिकायत
लगातार वर्षा होने से यदि किसानों की बीमित फसल में कोई क्षति हुई है, तो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के टोल फ्री नंबर 14447 पर 72 घंटे के भीतर अपनी शिकायत/सूचना अवश्य दर्ज करा सकते हैं। इसके साथ ही ऋणी किसानों के लिए फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर अब 10 सितंबर कर दिया गया है।
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-अख्तर हुसैन, उपकृषि निदेशक।
बारिश रुकने के बाद जनपद में खरीफ की फसल को हुए नुकसान का राजस्व विभाग की टीमों से सर्वे कराया जाएगा।
-दिनेश कुमार, अपर जिलाधिकारी, वित्त एवं राजस्व।
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जनपद में बीते चार दिनों में हुई अतिवृष्टि में किसानों को भारी नुकसान हुआ है। पहले मानसून रूठा रहा और अब अगस्त के अंतिम सप्ताह और सितंबर माह के शुरुआत में भारी बारिश होने से किसानों के सामने फसलें खराब होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। ऐसे में अब किसान भी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर फसलें खराब होने पर सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग भी करने लगे हैं। ऐसे में कृषि विभाग ने किसानों से टोल फ्री नंबर पर कॉल करने की बात कही है, ताकि बीमा कंपनी और कृषि विभाग की टीमें सर्वे कर सकें और किसानों को उचित सहायता मिल सके। वहीं जिला प्रशासन द्वारा भी राजस्व विभाग, कृषि विभाग और बीमा कंपनी की टीमों से जनपद में अतिवृष्टि से हुए फसल नुकसान का आकलन कराएगा। ताकि फसल नुकसान का सही आकलन किया जा सके और किसानों को समय पर राहत पहुंचाई जा सके।
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95 हजार किसानों ने कराया खरीफ में फसल बीमा
जनपद में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 95 हजार किसानों ने खरीफ फसलों का बीमा कराया है। इनमें 3162 गैर ऋणी किसान और 92,395 ऋणी किसान शामिल हैं।
3,24,265 हेक्टेयर में बोई गई खरीफ की फसलें
फसलें बोआई का क्षेत्रफल
धान- 532 हेक्टेयर
मक्का- 11,643 हेक्टेयर
ज्वार- 915 हेक्टेयर
बाजरा- 24 हेक्टेयर
श्रीअन्न- 37 हेक्टेयर
अरहर- 04 हेक्टेयर
सोयाबीन- 37,945 हेक्टेयर
उड़द - 1,59,615 हेक्टेयर
मूंग- 2359 हेक्टेयर
तिल- 7,159 हेक्टेयर
मूंगफली- 53,987 हेक्टेयर
टोल फ्री नंबर पर करा सकते हैं शिकायत
लगातार वर्षा होने से यदि किसानों की बीमित फसल में कोई क्षति हुई है, तो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के टोल फ्री नंबर 14447 पर 72 घंटे के भीतर अपनी शिकायत/सूचना अवश्य दर्ज करा सकते हैं। इसके साथ ही ऋणी किसानों के लिए फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर अब 10 सितंबर कर दिया गया है।
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-अख्तर हुसैन, उपकृषि निदेशक।
बारिश रुकने के बाद जनपद में खरीफ की फसल को हुए नुकसान का राजस्व विभाग की टीमों से सर्वे कराया जाएगा।
-दिनेश कुमार, अपर जिलाधिकारी, वित्त एवं राजस्व।