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Lalitpur News: पराली जलाने वालों पर होगी कार्रवाई, एसडीएम ने निगरानी टीमें की गठित
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- सिलावन, पड़वा व सिंदवाहा के ग्रामीण पर दर्ज हुए मुकदमे
संवाद न्यूज एजेंसी
महरौनी। सिंदवाहा, सिलावन, पड़वा में पराली जलाने की घटना के बाद प्रशासन सख्त हो गया है। उपजिलाधिकारी महरौनी ने पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी टीमें गठित की हैं। यह टीमें क्षेत्र में जाकर खेतों का निरीक्षण करेंगी।
कुछ दिन पूर्व तहसील महरौनी के सिंदवाहा, सिलावन, पड़वा में पराली जलाने से आग फैल गई थी। इससे सड़क किनारे खड़े पेड़ तक जल गए थे। पुलिस ने ग्राम प्रधान की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की थी। पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए एसडीएम महरौनी ने स्थानीय स्तर पर निगरानी टीमें गठित कर दी हैं। यह टीमें प्रतिदिन क्षेत्र में जाकर खेतों में निरीक्षण करेंगी। पराली जलाए जाने को लेकर सूची तैयार कर कार्रवाई कराएंगी। उपजिलाधिकारी महरौनी राजबहादुर ने बताया कि पराली जलाने से न केवल वायु प्रदूषण फैलता है, बल्कि खेतों की उर्वरता भी नष्ट होती है और पेड़ पौधे भी जल जाते हैं और आमजन के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर निगरानी टीमें गठित की गई हैं, जो प्रतिदिन खेतों का निरीक्षण कर रही हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
महरौनी। सिंदवाहा, सिलावन, पड़वा में पराली जलाने की घटना के बाद प्रशासन सख्त हो गया है। उपजिलाधिकारी महरौनी ने पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी टीमें गठित की हैं। यह टीमें क्षेत्र में जाकर खेतों का निरीक्षण करेंगी।
कुछ दिन पूर्व तहसील महरौनी के सिंदवाहा, सिलावन, पड़वा में पराली जलाने से आग फैल गई थी। इससे सड़क किनारे खड़े पेड़ तक जल गए थे। पुलिस ने ग्राम प्रधान की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की थी। पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए एसडीएम महरौनी ने स्थानीय स्तर पर निगरानी टीमें गठित कर दी हैं। यह टीमें प्रतिदिन क्षेत्र में जाकर खेतों में निरीक्षण करेंगी। पराली जलाए जाने को लेकर सूची तैयार कर कार्रवाई कराएंगी। उपजिलाधिकारी महरौनी राजबहादुर ने बताया कि पराली जलाने से न केवल वायु प्रदूषण फैलता है, बल्कि खेतों की उर्वरता भी नष्ट होती है और पेड़ पौधे भी जल जाते हैं और आमजन के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर निगरानी टीमें गठित की गई हैं, जो प्रतिदिन खेतों का निरीक्षण कर रही हैं।
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