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Lalitpur News: पानी के लिए तरसी पांच हजार की आबादी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी (ललितपुर)। कस्बा बांसी में खराब हुए ट्रांसफॉर्मर ने पेयजल आपूर्ति की चाल बिगाड़ दी। इंटेक वेल को संचालित करने के लिए रखे 63 केवी का ट्रांसफॉर्मर रविवार सुबह दस बजे खराब हो गया, इससे टंकी पूर्ण क्षमता से नहीं भरी जा सकी। स्थिति यह रही कि महज आधी आबादी को ही पानी मिल सका। पांच हजार की आबादी को पानी के संकट से जूझना पड़ा। कई परिवार दूर लगे हैंडपंपों से पानी जुटाने को मजबूर हुए। शाम को छह बजे ट्रांसफॉर्मर बदले जाने के बाद सप्लाई शुरू होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
कस्बे की लगभग दस हजार की आबादी को शहजाद नदी के किनारे स्थित इंटेक वेल से पेयजल आपूर्ति होती है। इंटेक वेल से मोटर द्वारा पानी टंकी तक पहुंचाया जाता है। रविवार को इंटेक वेल से मोटर द्वारा पानी टंकी में जा रहा था कि सुबह दस बजे ट्रांसफॉर्मर खराब हो गया। इससे टंकी पूर्ण क्षमता से नहीं भरी जा सकी। जल संस्थान ने सप्लाई शुरू की, जो महज आधी आबादी तक ही हो सकी। इसके बाद नल न आने से पानी की किल्लत बढ़ गई। लोगों ने कुछ घंटों तक पानी आने का इंतजार किया। इसके बाद परेशान होकर बर्तन लेकर हैंडपंपों का रुख किया। कई के घरों से काफी दूर पर हैंडपंप होने से ज्यादा समस्या झेलनी पड़ी। कई तो चिलचिलाती धूप तक में पानी जुटाते रहे। शाम को लगभग छह बजे विद्युत विभाग ने ट्रांसफॉर्मर बदलकर दूसरा लगा दिया। इसके बाद जल संस्थान ने मोटर चलाकर टंकी भरना शुरू किया। देर रात में लोगों को पानी मिला।
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इंटेक वेल का ट्रांसफॉर्मर खराब होने की जानकारी मिलने पर तत्काल बदलवाए जाने का कार्य शुरू कर दिया था। शाम को दूसरा लगा दिया गया है।
- देवीसिंह, उपखंड अधिकारी, विद्युत उपकेंद्र बांसी
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बांसी (ललितपुर)। कस्बा बांसी में खराब हुए ट्रांसफॉर्मर ने पेयजल आपूर्ति की चाल बिगाड़ दी। इंटेक वेल को संचालित करने के लिए रखे 63 केवी का ट्रांसफॉर्मर रविवार सुबह दस बजे खराब हो गया, इससे टंकी पूर्ण क्षमता से नहीं भरी जा सकी। स्थिति यह रही कि महज आधी आबादी को ही पानी मिल सका। पांच हजार की आबादी को पानी के संकट से जूझना पड़ा। कई परिवार दूर लगे हैंडपंपों से पानी जुटाने को मजबूर हुए। शाम को छह बजे ट्रांसफॉर्मर बदले जाने के बाद सप्लाई शुरू होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
कस्बे की लगभग दस हजार की आबादी को शहजाद नदी के किनारे स्थित इंटेक वेल से पेयजल आपूर्ति होती है। इंटेक वेल से मोटर द्वारा पानी टंकी तक पहुंचाया जाता है। रविवार को इंटेक वेल से मोटर द्वारा पानी टंकी में जा रहा था कि सुबह दस बजे ट्रांसफॉर्मर खराब हो गया। इससे टंकी पूर्ण क्षमता से नहीं भरी जा सकी। जल संस्थान ने सप्लाई शुरू की, जो महज आधी आबादी तक ही हो सकी। इसके बाद नल न आने से पानी की किल्लत बढ़ गई। लोगों ने कुछ घंटों तक पानी आने का इंतजार किया। इसके बाद परेशान होकर बर्तन लेकर हैंडपंपों का रुख किया। कई के घरों से काफी दूर पर हैंडपंप होने से ज्यादा समस्या झेलनी पड़ी। कई तो चिलचिलाती धूप तक में पानी जुटाते रहे। शाम को लगभग छह बजे विद्युत विभाग ने ट्रांसफॉर्मर बदलकर दूसरा लगा दिया। इसके बाद जल संस्थान ने मोटर चलाकर टंकी भरना शुरू किया। देर रात में लोगों को पानी मिला।
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इंटेक वेल का ट्रांसफॉर्मर खराब होने की जानकारी मिलने पर तत्काल बदलवाए जाने का कार्य शुरू कर दिया था। शाम को दूसरा लगा दिया गया है।
- देवीसिंह, उपखंड अधिकारी, विद्युत उपकेंद्र बांसी