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प्रवासी मजदूर की संदिग्ध हालात में मौत
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मौत
- फोटो : ???
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ललितपुर। थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत शहर के मुहल्ला गोविंदनगर में एक माह पूर्व घर लौटे प्रवासी मजदूर की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों व मुहल्लेवालों का कहना है कि लोहे के दरवाजे में करंट लगने से उसकी मौत हुई है। की आशंका जताई है। जानकारी मिलने पर कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मोहल्ला गोविंद निवासी बृजेश कुमार बुनकर (27 वर्ष) पुत्र हीरालाल गुजरात के अहमदाबाद में मजदूरी करता था। लॉकडाउन के दौरान रोजगार नहीं मिलने और कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए वह एक माह पूर्व अपने घर गोविंदनगर लौटा था। बीते रोज घर में अकेला था, जबकि उसकी पत्नी बच्चों को लेकर मायके गई थी। शुक्रवार की सुबह पड़ोस में रहने वाले उसके दो भाई अपने काम से निकल गए, जबकि उसके पिता रिश्तेदारी में शादी होने के कारण बाजार में सामान लेने गए थे। शुक्रवार को दोपहर तक जब बृजेश के दरवाजे नहीं खुले तो मुहल्ले वालों ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। जिसके बाद मोहल्लेवालों ने अनिष्ट की आशंका से दरवाजे में धक्का दिया, तो दरवाजा खुल गया, तो देखा कि बृजेश मृत अवस्था में बाहर वाले कमरे में पड़ा था। मुहल्ले वालों ने परिजनों को इसकी जानकारी दी। बाद में पिता हीरालाल ने कोतवाली पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के पिता हीरालाल ने बताया कि उसके पुत्र अलग-अलग रहते हैं। शुक्रवार को सुबह वह रिश्तेदारी में शादी होने के चलते बाजार सामान लेने के गया था। जब मुहल्ले वालों ने जानकारी दी, तब वह घर लौटा तो देखा कि बेटा मृत पड़ा था। मृतक का एक पुत्र और एक पुत्री है और वह तीन भाई व तीन बहिनों में पांचवें नंबर का था।
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मोहल्ला गोविंद निवासी बृजेश कुमार बुनकर (27 वर्ष) पुत्र हीरालाल गुजरात के अहमदाबाद में मजदूरी करता था। लॉकडाउन के दौरान रोजगार नहीं मिलने और कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए वह एक माह पूर्व अपने घर गोविंदनगर लौटा था। बीते रोज घर में अकेला था, जबकि उसकी पत्नी बच्चों को लेकर मायके गई थी। शुक्रवार की सुबह पड़ोस में रहने वाले उसके दो भाई अपने काम से निकल गए, जबकि उसके पिता रिश्तेदारी में शादी होने के कारण बाजार में सामान लेने गए थे। शुक्रवार को दोपहर तक जब बृजेश के दरवाजे नहीं खुले तो मुहल्ले वालों ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। जिसके बाद मोहल्लेवालों ने अनिष्ट की आशंका से दरवाजे में धक्का दिया, तो दरवाजा खुल गया, तो देखा कि बृजेश मृत अवस्था में बाहर वाले कमरे में पड़ा था। मुहल्ले वालों ने परिजनों को इसकी जानकारी दी। बाद में पिता हीरालाल ने कोतवाली पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के पिता हीरालाल ने बताया कि उसके पुत्र अलग-अलग रहते हैं। शुक्रवार को सुबह वह रिश्तेदारी में शादी होने के चलते बाजार सामान लेने के गया था। जब मुहल्ले वालों ने जानकारी दी, तब वह घर लौटा तो देखा कि बेटा मृत पड़ा था। मृतक का एक पुत्र और एक पुत्री है और वह तीन भाई व तीन बहिनों में पांचवें नंबर का था।
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