{"_id":"5ddad0708ebc3e54b639b897","slug":"a-farmer-hanged-sucide-lalitpur-news-jhs1533250121","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान ने फांसी लगाकर दी जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान ने फांसी लगाकर दी जान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। थाना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गंगारी में किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
रविवार की दोपहर में ग्राम गंगारी निवासी शैलेंद्र सिंह घर में था। उसकी पत्नी व भाभी घर में अपने काम में व्यस्त थीं। भाई व पिता अपने-अपने काम से बाहर निकले हुए थे। इसी दौरान शैलेंद्र ने रसोईघर में जाकर अंदर से गेट बंद कर लिया और बच्चों के झूला की रस्सी का फंदा बनाकर छत के कुंदे पर लटक गया। इसी दौरान उसकी पत्नी की नजर रसोईघर की खिड़की से अंदर पड़ गई, जिस पर वह बचाने दौड़ी। लेकिन, दरवाजा अंदर से बंद था। पत्नी की चीख सुनकर पड़ोस में रहने वाले परिवार के अन्य लोग उसके घर पहुंचे और रसोईघर का दरवाजा तोड़कर उसे रस्सी के फंदे से उतारा। परिजन पड़ोसियों के मदद से उसे तत्काल जिला चिकित्सालय ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
मृतक के भाई राजाराम ने बताया कि शैलेंद्र के नाम लगभग डेढ़ एकड़ जमीन है और वह खेती- किसानी करता था। मृतक के दो छोटी पुत्रियां हैं, जबकि वह तीन भाइयों में सबसे छोटा था। रामराजा ने बताया कि उसका भाई खरीफ की फसल खराब होने और किसान क्रेडिट कार्ड का पैसा चुकाने की बात करता था। परिजन उसे समझाते थे। संभवत: इसीलिए उसने फांसी लगा ली।
विज्ञापन
रविवार की दोपहर में ग्राम गंगारी निवासी शैलेंद्र सिंह घर में था। उसकी पत्नी व भाभी घर में अपने काम में व्यस्त थीं। भाई व पिता अपने-अपने काम से बाहर निकले हुए थे। इसी दौरान शैलेंद्र ने रसोईघर में जाकर अंदर से गेट बंद कर लिया और बच्चों के झूला की रस्सी का फंदा बनाकर छत के कुंदे पर लटक गया। इसी दौरान उसकी पत्नी की नजर रसोईघर की खिड़की से अंदर पड़ गई, जिस पर वह बचाने दौड़ी। लेकिन, दरवाजा अंदर से बंद था। पत्नी की चीख सुनकर पड़ोस में रहने वाले परिवार के अन्य लोग उसके घर पहुंचे और रसोईघर का दरवाजा तोड़कर उसे रस्सी के फंदे से उतारा। परिजन पड़ोसियों के मदद से उसे तत्काल जिला चिकित्सालय ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
मृतक के भाई राजाराम ने बताया कि शैलेंद्र के नाम लगभग डेढ़ एकड़ जमीन है और वह खेती- किसानी करता था। मृतक के दो छोटी पुत्रियां हैं, जबकि वह तीन भाइयों में सबसे छोटा था। रामराजा ने बताया कि उसका भाई खरीफ की फसल खराब होने और किसान क्रेडिट कार्ड का पैसा चुकाने की बात करता था। परिजन उसे समझाते थे। संभवत: इसीलिए उसने फांसी लगा ली।
विज्ञापन