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सैदपुर की सपना ने जन्मी थी बच्ची
Lalitpur
Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
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ललितपुर। सैदपुर निवासी सपना ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महरौनी में बालिका को ही जन्म दिया था। प्रसव के दौरान बच्चा बदलने की शिकायत एसीएमओ की जांच के दौरान खारिज हो गई।
गत तेरह मई को प्रसव पीड़ा होने पर सैदपुर निवासी सपना को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था। बुआ द्रोपती एवं मुहल्ले में रहने वाली फूलकुंवर सपना के साथ स्वास्थ्य केंद्र आई थीं। स्वास्थ्य केंद्र स्टाफ की देखरेख में सपना की सुरक्षित डिलेवरी हो गई, जिसके बाद वह नवजात कन्या को लेकर वापस घर लौट गई। प्रसव के चार माह बाद सपना की सास शांति ने स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों पर यह आरोप लगाकर स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा दिया कि उसकी बहू ने लड़के को जन्म दिया था, लेकिन कर्मियों ने उसे बदलकर लड़की दे दी। मामला संज्ञान में आने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. आरसी निरंजन ने अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. डीसी दोहरे को जांच सौंपकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य कर्मियों के अलावा प्रसूता के तीमारदारों के बयान दर्ज किए, जिसमें स्थिति साफ हो गई। एसीएमओ का कहना है कि सपना को प्रसव के लिए स्वास्थ्य केंद्र लाने वाली बुआ द्रोपती एवं मुहल्ले की फूलकुंवर दोनों ही स्वास्थ्य केंद्र के लेबर रूम में उसके साथ रहीं। उनके सामने ही सपना ने बालिका को जन्म दिया था। दोनों महिलाओं ने इसकी पुष्टि अपने बयानों में की है, जिससे पूरा मामला साफ हो गया है।
कर्मचारी की गलती से उपजी गलतफहमी
ललितपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महरौनी में बच्चा बदलने का मामला स्वास्थ्य केंद्र के एक कर्मचारी की गलती की वजह से उलझ गया। दरअसल सपना को प्रसव के उपरांत उक्त कर्मचारी ने स्वास्थ्य केंद्र के रजिस्टर में जन्म लेने वाले लिंग में फीमेल की जगह मेल अंकित कर दिया।
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इसी रजिस्ट्रर का ब्योरा जेएसवाई का भुगतान करने वाले कर्मचारी भी लिख ले गए। सपना को जेएसवाई का भुगतान भी हो गया। चार महीने बाद उसकी सास जब लड़की का जन्म प्रमाण बनवाने के लिए पहुंची तो संबंधित कर्मचारियों ने अभिलेखों में मेल अंकित देख उसका प्रमाण पत्र बनाने से इंकार कर दिया। इसके बाद सपना की सास ने बहू का बच्चा बदले जाने की शिकायत कर दी, जिसने स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा दिया।
इनका कहना है
‘स्वास्थ्य केंद्र कर्मचारी की गलती को गंभीरता से लिया गया है। सीएमओ को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है’
डा. डीसी दोहरे
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, ललितपुर (जांच अधिकारी)
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गत तेरह मई को प्रसव पीड़ा होने पर सैदपुर निवासी सपना को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था। बुआ द्रोपती एवं मुहल्ले में रहने वाली फूलकुंवर सपना के साथ स्वास्थ्य केंद्र आई थीं। स्वास्थ्य केंद्र स्टाफ की देखरेख में सपना की सुरक्षित डिलेवरी हो गई, जिसके बाद वह नवजात कन्या को लेकर वापस घर लौट गई। प्रसव के चार माह बाद सपना की सास शांति ने स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों पर यह आरोप लगाकर स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा दिया कि उसकी बहू ने लड़के को जन्म दिया था, लेकिन कर्मियों ने उसे बदलकर लड़की दे दी। मामला संज्ञान में आने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. आरसी निरंजन ने अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. डीसी दोहरे को जांच सौंपकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य कर्मियों के अलावा प्रसूता के तीमारदारों के बयान दर्ज किए, जिसमें स्थिति साफ हो गई। एसीएमओ का कहना है कि सपना को प्रसव के लिए स्वास्थ्य केंद्र लाने वाली बुआ द्रोपती एवं मुहल्ले की फूलकुंवर दोनों ही स्वास्थ्य केंद्र के लेबर रूम में उसके साथ रहीं। उनके सामने ही सपना ने बालिका को जन्म दिया था। दोनों महिलाओं ने इसकी पुष्टि अपने बयानों में की है, जिससे पूरा मामला साफ हो गया है।
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कर्मचारी की गलती से उपजी गलतफहमी
ललितपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महरौनी में बच्चा बदलने का मामला स्वास्थ्य केंद्र के एक कर्मचारी की गलती की वजह से उलझ गया। दरअसल सपना को प्रसव के उपरांत उक्त कर्मचारी ने स्वास्थ्य केंद्र के रजिस्टर में जन्म लेने वाले लिंग में फीमेल की जगह मेल अंकित कर दिया।
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इसी रजिस्ट्रर का ब्योरा जेएसवाई का भुगतान करने वाले कर्मचारी भी लिख ले गए। सपना को जेएसवाई का भुगतान भी हो गया। चार महीने बाद उसकी सास जब लड़की का जन्म प्रमाण बनवाने के लिए पहुंची तो संबंधित कर्मचारियों ने अभिलेखों में मेल अंकित देख उसका प्रमाण पत्र बनाने से इंकार कर दिया। इसके बाद सपना की सास ने बहू का बच्चा बदले जाने की शिकायत कर दी, जिसने स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा दिया।
इनका कहना है
‘स्वास्थ्य केंद्र कर्मचारी की गलती को गंभीरता से लिया गया है। सीएमओ को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है’
डा. डीसी दोहरे
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, ललितपुर (जांच अधिकारी)