{"_id":"5c7eda4abdec22144002d032","slug":"91551817290-lalitpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वन विभाग की कार्रवाई के विरोध में आप का प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वन विभाग की कार्रवाई के विरोध में आप का प्रदर्शन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वन विभाग की कार्रवाई के विरोध में आप का प्रदर्शन
ललितपुर। आम आदमी पार्टी और अनुसूचित जनजाति के लोगों ने वन विभाग द्वारा की जा रही सहरियों की बेदखली के विरोध में प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की गई।
आप जिलाध्यक्ष हरदयाल सिंह ने ज्ञापन में कहा कि जिले के अनुसूचित जातियों के सदस्य लगभग चार सौ गांवों में पुरानी व नई अधिगृहित वन भूमि में परंपरागत तौर पर निवास व खेती कर रहे हैं। वन अधिकार अधिनियम के तहत ग्राम, खंड व जिला स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। ग्राम स्तरीय समिति एवं अन्य समितियों के कार्य अधिकार व प्रक्रिया अधिनियम एवं नियमावली में दी गई है। कुछ अधिकारियों ने बिना अधिकार, प्रक्रिया और अधिकार के मनमाने तरीके से आवेदन लेकर अवैध तरीके से निरस्त कर दिया है। इसकी सूचना राज्य एवं केंद्र सरकार को दी गई है। वन विभाग के अधिकारी पूरी प्रक्रिया को अवरुद्ध किए हुए हैं साथ ही अनुसूचित जनजातियों को बेदखल व उन पर फर्जी मुकदमा दर्ज करते रहते हैं। ऐसी सभी कार्रवाई अधिनियम के विरूद्घ हैं। आप बुंदेलखंड जोन के नेता मुरारीलाल जैन ने कहा कि ग्राम महोली की मजिस्ट्रेट जांच में सहरिया निर्दोष पाए गए हैं। अब उनके आरोप पत्र न्यायालय से तुरंत वापस लिए जाए। ज्ञापन पर आप के संजय दीक्षित, बृहबिहारी उपाध्याय, आरिफ खान, प्रकाश, मुकेश यादव, संतोष साहू, हजारीलाल, कोमल, किशन आदि के हस्ताक्षर बने हैं।
विज्ञापन
ललितपुर। आम आदमी पार्टी और अनुसूचित जनजाति के लोगों ने वन विभाग द्वारा की जा रही सहरियों की बेदखली के विरोध में प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की गई।
आप जिलाध्यक्ष हरदयाल सिंह ने ज्ञापन में कहा कि जिले के अनुसूचित जातियों के सदस्य लगभग चार सौ गांवों में पुरानी व नई अधिगृहित वन भूमि में परंपरागत तौर पर निवास व खेती कर रहे हैं। वन अधिकार अधिनियम के तहत ग्राम, खंड व जिला स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। ग्राम स्तरीय समिति एवं अन्य समितियों के कार्य अधिकार व प्रक्रिया अधिनियम एवं नियमावली में दी गई है। कुछ अधिकारियों ने बिना अधिकार, प्रक्रिया और अधिकार के मनमाने तरीके से आवेदन लेकर अवैध तरीके से निरस्त कर दिया है। इसकी सूचना राज्य एवं केंद्र सरकार को दी गई है। वन विभाग के अधिकारी पूरी प्रक्रिया को अवरुद्ध किए हुए हैं साथ ही अनुसूचित जनजातियों को बेदखल व उन पर फर्जी मुकदमा दर्ज करते रहते हैं। ऐसी सभी कार्रवाई अधिनियम के विरूद्घ हैं। आप बुंदेलखंड जोन के नेता मुरारीलाल जैन ने कहा कि ग्राम महोली की मजिस्ट्रेट जांच में सहरिया निर्दोष पाए गए हैं। अब उनके आरोप पत्र न्यायालय से तुरंत वापस लिए जाए। ज्ञापन पर आप के संजय दीक्षित, बृहबिहारी उपाध्याय, आरिफ खान, प्रकाश, मुकेश यादव, संतोष साहू, हजारीलाल, कोमल, किशन आदि के हस्ताक्षर बने हैं।
विज्ञापन