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नियमों को ताक पर रख कर संचालित हो रहे स्कूली वाहन
Updated Tue, 18 Sep 2018 01:43 AM IST
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नियमों को ताक पर रख कर संचालित हो रहे स्कूली वाहन
बच्चों को ठूंस-ठूंस कर विद्यालय ले जा रहे स्कूली वाहन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शहर में स्कूली वाहनों से विभिन्न विद्यालयों में पहुंच रहे बच्चे सुरक्षित नहीं हैं। स्कूली वाहन संचालकों द्वारा बच्चों की सुरक्षा को ताक पर रखकर मानक से अधिक बच्चे वाहनों में बिठाए जा रहे हैं। इन वाहनों न तो जालियां लगाई गई हैं और न ही सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा है। ऐसे में स्कूली वाहनों में बच्चों की सुरक्षा को पूरी तरह नजर अंदाज किया जा रहा है। न तो अभिभावक ही अपने बच्चों की सुरक्षा के प्रति गंभीर नजर आ रहे हैं और परिवहन व यातायात विभाग की उदासीनता झलकती है।
शहर में करीब एक दर्जन ऐसे विद्यालय संचालित हो रहे हैं। जहां पर अभिभावक अपने बच्चों को ऑटो या अन्य चारपहिया वाहनों से स्कूल भेज रहे हैं। जिन वाहनों में यह बच्चे कई किलोमीटर का सफर स्कूलों तक तय करते हैं। वह वाहन सुरक्षा मानकों की दृष्टि से उपयुक्त नहीं है। परिवहन विभाग के द्वारा भी स्कूली वाहनों के लिए मानक तय किए गए हैं। इन वाहनों में सुरक्षा के लिए टैक्सी संचालकों द्वारा गेटों पर जाली लगाई जाती है। प्रशिक्षित चालक इन वाहनों का संचालन किया जाता हैं। बच्चों की संख्या के लिए भी मानक बनाए गए हैं। लेकिन वर्तमान में स्कूली वाहन परिवहन विभाग के नियमों को ताक पर रखकर वाहन चला रहे हैं। इनमें अधिकांश टैक्सी चालक अपने वाहनों में मानकों से अधिक बच्चों को बैठा कर ढोया जा रहा है। इसमें बच्चे गेटों पर लटकते नजर आ रहे हैँ। इतना ही नहीं कुछ बच्चे इन टैक्सियों में खड़े होकर सफर करते हैं। कुछ वाहनों के चालक अप्रशिक्षित होने के चलते वाहनों को उल्टा सीधा चलाते हैं और यातायात के नियमों का उल्लंघन कर वाहन को चला रहे हैं। इन वाहनों में सुरक्षा के लिए जाली भी नहीं लगीे है। जिससे बच्चों के गिरने का भय बना रहता है। कुछ चालक शराब पीकर भी गाड़ी चलाते हैं। जिससे कोई अप्रिय घटना का शिकार होने की संभावना बनी रहती है। संबंधित विभाग की उदासीनता के चलते इन वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
शहर में संचालित स्कूली वाहनों में बच्चों की संख्या की चैकिंग अभियान चलाकर की जांच की जाएगी। मानक से अधिक बच्चों की संख्या होने पर कार्रवाई की जाएगी।
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नरेंद्र सिंह, सहायक यातायात प्रभारी
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बच्चों को ठूंस-ठूंस कर विद्यालय ले जा रहे स्कूली वाहन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शहर में स्कूली वाहनों से विभिन्न विद्यालयों में पहुंच रहे बच्चे सुरक्षित नहीं हैं। स्कूली वाहन संचालकों द्वारा बच्चों की सुरक्षा को ताक पर रखकर मानक से अधिक बच्चे वाहनों में बिठाए जा रहे हैं। इन वाहनों न तो जालियां लगाई गई हैं और न ही सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा है। ऐसे में स्कूली वाहनों में बच्चों की सुरक्षा को पूरी तरह नजर अंदाज किया जा रहा है। न तो अभिभावक ही अपने बच्चों की सुरक्षा के प्रति गंभीर नजर आ रहे हैं और परिवहन व यातायात विभाग की उदासीनता झलकती है।
शहर में करीब एक दर्जन ऐसे विद्यालय संचालित हो रहे हैं। जहां पर अभिभावक अपने बच्चों को ऑटो या अन्य चारपहिया वाहनों से स्कूल भेज रहे हैं। जिन वाहनों में यह बच्चे कई किलोमीटर का सफर स्कूलों तक तय करते हैं। वह वाहन सुरक्षा मानकों की दृष्टि से उपयुक्त नहीं है। परिवहन विभाग के द्वारा भी स्कूली वाहनों के लिए मानक तय किए गए हैं। इन वाहनों में सुरक्षा के लिए टैक्सी संचालकों द्वारा गेटों पर जाली लगाई जाती है। प्रशिक्षित चालक इन वाहनों का संचालन किया जाता हैं। बच्चों की संख्या के लिए भी मानक बनाए गए हैं। लेकिन वर्तमान में स्कूली वाहन परिवहन विभाग के नियमों को ताक पर रखकर वाहन चला रहे हैं। इनमें अधिकांश टैक्सी चालक अपने वाहनों में मानकों से अधिक बच्चों को बैठा कर ढोया जा रहा है। इसमें बच्चे गेटों पर लटकते नजर आ रहे हैँ। इतना ही नहीं कुछ बच्चे इन टैक्सियों में खड़े होकर सफर करते हैं। कुछ वाहनों के चालक अप्रशिक्षित होने के चलते वाहनों को उल्टा सीधा चलाते हैं और यातायात के नियमों का उल्लंघन कर वाहन को चला रहे हैं। इन वाहनों में सुरक्षा के लिए जाली भी नहीं लगीे है। जिससे बच्चों के गिरने का भय बना रहता है। कुछ चालक शराब पीकर भी गाड़ी चलाते हैं। जिससे कोई अप्रिय घटना का शिकार होने की संभावना बनी रहती है। संबंधित विभाग की उदासीनता के चलते इन वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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शहर में संचालित स्कूली वाहनों में बच्चों की संख्या की चैकिंग अभियान चलाकर की जांच की जाएगी। मानक से अधिक बच्चों की संख्या होने पर कार्रवाई की जाएगी।
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नरेंद्र सिंह, सहायक यातायात प्रभारी